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Fatehabad News: मिड-डे मील में सोया खिचड़ी व मिस्सी रोटी होगी शामिल
Fri, 12 Dec 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:43 PM IST
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फतेहाबाद के एक स्कूल में मिड-डे मील करते विद्यार्थी। स्त्रोत लाइब्रेरी
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील में अब और पौष्टिक खाना परोसा जाएगा। इतना ही नहीं कड़ाके की ठंड का मुकाबला करने के लिए शिक्षा विभाग भी मिड-डे मील में गर्माहट पहुंचाने वाले भोजन को शामिल कर रहा है।
दरअसल शिक्षा विभाग ने सर्दियों के चलते मिड-डे मील मेन्यू में बदलाव किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिसंबर माह से ये नया मेन्यू लागू कर दिया गया है और अगले तीन माह तक यही मेन्यू रहेगा। शिक्षा विभाग के अनुसार सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब दोपहर के खाने में सोया खिचड़ी औ मिस्सी रोटी को शामिल किया गया है।
इसके अलावा दलिया, चावल, चना दाल खिचड़ी, मिस्सी परांठा-सब्जी, मीठे चावल, नमकीन दलिया, मेथी-चावल और तिल-गुड़ के साथ साथ रागी-गेहूं के पूड़े शामिल किए गए हैं। ये मुख्यत ठंड का आहार है। इससे बच्चों को पौष्टिकता मिलेगी।
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अफसर करेंगे खाने की नियमित निगरानी, अभिभावक घर बैठे जान सकेंगे बच्चे ने क्या खाया
शिक्षा विभाग मुख्यालय से आए आदेशों के अनुसार मिड-डे मील में किए गए बदलावों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। इसके लिए बाकायदा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी कि वो स्कूलों में जाकर मिड-डे मील की जांच पड़ताल करें। इतना ही नहीं, अभिभावक भी घर बैठे बैठे ये जान सकेंगे कि उनके बच्चे ने स्कूल में क्या खाना खाया। इसके लिए स्कूल मुखिया सुनिश्चित करेंगे कि मिड-डे मील का डेटा नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट होता रहे।
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शिक्षा विभाग का मानना है कि पौष्टिक भोजन बच्चों की ग्रोथ, हेल्थ और पढ़ाई पर सीधा असर डालता है, इसलिए मिड-डे मील को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद
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दरअसल शिक्षा विभाग ने सर्दियों के चलते मिड-डे मील मेन्यू में बदलाव किया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिसंबर माह से ये नया मेन्यू लागू कर दिया गया है और अगले तीन माह तक यही मेन्यू रहेगा। शिक्षा विभाग के अनुसार सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब दोपहर के खाने में सोया खिचड़ी औ मिस्सी रोटी को शामिल किया गया है।
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इसके अलावा दलिया, चावल, चना दाल खिचड़ी, मिस्सी परांठा-सब्जी, मीठे चावल, नमकीन दलिया, मेथी-चावल और तिल-गुड़ के साथ साथ रागी-गेहूं के पूड़े शामिल किए गए हैं। ये मुख्यत ठंड का आहार है। इससे बच्चों को पौष्टिकता मिलेगी।
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अफसर करेंगे खाने की नियमित निगरानी, अभिभावक घर बैठे जान सकेंगे बच्चे ने क्या खाया
शिक्षा विभाग मुख्यालय से आए आदेशों के अनुसार मिड-डे मील में किए गए बदलावों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। इसके लिए बाकायदा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी कि वो स्कूलों में जाकर मिड-डे मील की जांच पड़ताल करें। इतना ही नहीं, अभिभावक भी घर बैठे बैठे ये जान सकेंगे कि उनके बच्चे ने स्कूल में क्या खाना खाया। इसके लिए स्कूल मुखिया सुनिश्चित करेंगे कि मिड-डे मील का डेटा नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट होता रहे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि पौष्टिक भोजन बच्चों की ग्रोथ, हेल्थ और पढ़ाई पर सीधा असर डालता है, इसलिए मिड-डे मील को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद