{"_id":"53f1a828fce514ec1b2f75d692b0ddeb","slug":"so-now-the-dj-playing-sman-fine-of-rs-5100","type":"story","status":"publish","title_hn":"समैण में अब डीजे बजा तो 5100 रुपये जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समैण में अब डीजे बजा तो 5100 रुपये जुर्माना
fatehabad
Updated Mon, 31 Mar 2014 12:41 AM IST
विज्ञापन
सामाजिक मुद्दों पर विशेष चर्चा के लिए गांव समैण के सरकारी स्कूल में रविवार को एक विशेष पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता गांव के पूर्व सरपंच और पूर्व खाप प्रधान बिरखा राम गिल और गांव के सरपंच नसीब सिंह गिल ने संयुक्त रूप से की।
विज्ञापन
गांव में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, विवाह शादियों में बजने वाले डीजे पर पाबंदी लगाने, मीट की दुकानें बंद करवाने और अवैध रूप से शराब बेचने के लिए खोले गए खुर्दों को बंद करवाने जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों के लिए यह पंचायत बुलाई गई थी।
विज्ञापन
पंचायत में पूर्व जिप चेयरमैन बलबीर सिंह, सरपंच प्रतिनिधि कुला राम, पूर्व सरपंच सूबे सिंह, धर्मपाल गिल, दलजीत गिल, कृष्ण प्रधान ने हिस्सा लिया। पंचायती कार्रवाई की शुरुआत करते हुए पूर्व सरपंच बिरखा राम गिल ने सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों का जिक्र कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
विज्ञापन
पूर्व जिप चेयरमैन बलबीर सिंह बल्ली ने कहा कि आज अमन-चैन और शांति कायम करना सबसे बड़ी चुनौती है। गांव के कुछ शरारती तत्वों के कारण गांव का अमन-चैन और भाईचारा समाप्त होता जा रहा है। गांव में हमारे भाईचारे और शांति व्यवस्था को कायम करने के लिए यह पंचायत बुलाई गई है।
पंचायत में अलग-अलग बगड़ों और जातियों से जुड़े ग्रामीणों से राय मांगी गई, जिसमें ग्रामीणों ने अलग-अलग राय दी। एक बार तो पंचायत उखड़ गई और कुछ लोगाें ने इसका विरोध शुरू कर दिया और कहा कि पूर्व में भी इस तरह के कई बार फैसले हो चुके है लेकिन ग्रामीण और पंचायत अपनी बातों पर खरे नहीं उतरते, मगर अधिकतर लोगाें ने इस पंचायत में रखी गई बाताें का समर्थन किया और पंचायत ने अपना फैसला सुना दिया।
पंचायत की ओर से सभी जातियों और बगड़ों की राय लेने के बाद फैसला सुनाया गया कि गांव में यदि कोई ग्रामीण विवाह-शादी में डीजे बजाता है, कन्या भ्रूण हत्या करवाता है, अवैध रूप से शराब के खुर्दे चलाता है और मीट की दुकान करता है तो उसको 5100 रुपये का जुर्माना भरना होगा।
यदि ग्रामीण जुर्माने की राशि नहीं जमा करवाता तो उसका गांव की पूरी पंचायत सामाजिक बहिष्कार कर सकती है। यह फैसला गांव में एक अप्रैल से लागू होगा। फैसले को लागू करवाने के लिए गांव की सभी जातियों में से दो-दो व्यक्तियों को लेकर एक कमेटी गठित की जाएगी, जो भविष्य में इस फैसले को लागू करवाने के लिए मॉनीटरिंग करेगी।
पंचायत की ओर सभी लोगों की राय लेने के बाद खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह ने फैसला सुनाया कि गांव में यदि पंचायत की बात की अनदेखी की गई तो पूरी पंचायत सामाजिक बहिष्कर कर सकती है।
यह फैसला गांव में एक अप्रैल से शुरू होगा। ग्रामीण दिलबाग सिंह ने बताया कि पंचायत ने जो फैसला सुनाया है, वे इसका सम्मान करते हैं और उसका पालन करेंगे। कन्या भ्रूण हत्या रोकने का यह प्रयास सराहनीय है, आजकल लड़कियों की कमी के कारण लड़के कुंवारे रह रहे हैं और बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से लाएंगे।