{"_id":"6377bfcb66ca722e622f02a4","slug":"six-years-after-pm-s-office-intervened-village-s-name-changed-in-school-records-fatehabad-news-hsr647485089","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम ऑफिस के दखल के छह साल बाद स्कूल के रिकॉर्ड में बदला गया गांव का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम ऑफिस के दखल के छह साल बाद स्कूल के रिकॉर्ड में बदला गया गांव का नाम
विज्ञापन
राजकीय मिडल स्कूल जहां गांव का नाम गंदा से हटाकर अजीतनगर किया गया है।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जिस स्कूल की छात्रा ने वो कर दिखाया था जिसे ग्रामीण नहीं कर पाए थे और पीएम ऑफिस को भी दखल देकर गंदा गांव का नाम बदलवाकर अजीतनगर रखवाया था। उस स्कूल का नाम सरकारी रिकॉर्ड में गंदा से अजीतनगर होने में छह साल लग गए। छह साल बाद अब निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा कार्यालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखकर राजकीय माध्यमिक विद्यालय गंदा और राजकीय प्राथमिक पाठशाला गंदा से गांव का नाम बदलकर अजीतनगर करने के बारे में सूचना दी है। ये भी सूचना दी गई है कि विभागीय एमआईएस पोर्टल पर अब स्कूल का नाम अजीतनगर रहेगा।
वर्ष 2017 में गांव का नाम गंदा से अजीतनगर करने की सरकार की तरफ से औपचारिक मंजूरी मिल गई थी। लेकिन इसके बाद भी कागजों में स्कूल का नाम गंदा ही चल रहा था और अजीतनगर को साथ लिखा जा रहा था। लेकिन अब स्कूल के सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ अजीतनगर ही लिखा जाएगा। बता दें कि गांव के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा हरप्रीत कौर ने अपने गांव का नाम बदलने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत वर्ष 2016 में लिखा था। करीब चार माह बाद पीएम मोदी के दफ्तर से इस बाबत एक जवाबी खत जिला और रतिया प्रशासन के नाम आया, जिसमें गांव से संबंधित समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने गांव का नाम गंदा से अजीतनगर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। संवाद
गांव में है सिर्फ मिडिल तक स्कूल
गांव में प्राइमरी और मिडिल तक ही स्कूल है। जब हरप्रीत कौर स्कूल में थी तो वह सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। पीएम मोदी को लिखे पत्र में छात्रा ने कहा था कि हमारे गांव का नाम गंदा है और हम जहां भी जाते हैं तो लोग हमारी बेइज्ज्ती करते है गांव का नाम लेकर। इसलिए प्लीज नाम बदला जाए।
विज्ञापन
कोट
गांव की पंचायत पिछले 25 सालों से प्रयास कर रही थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। स्कूल की छात्रा ने हमारे मार्गदर्शन में चिट्ठी पीएम को लिखी। इसके बाद पत्राचार शुरू हुआ और गांव का नाम बदला गया। अब स्कूल के सरकारी रिकॉर्ड में भी गांव का नाम अजीतनगर हो गया है।
ईश्वर दास, सेवानिवृत्त एसएस अध्यापक, राजकीय माध्यमिक स्कूल अजीतनगर
शिक्षा विभाग के पंचकूला कार्यालय से पत्र जारी हो गया है कि स्कूल के सरकारी रिकॉर्ड में गांव का नाम गंदा से बदलकर अजीतनगर कर दिया गया है। स्कूल में गांव का नाम पहले एमआइएस पोर्टल पर गंदा ही चल रहा था जिसे अब बदल दिया गया है।
-चंद्रप्रकाश, मुख्याध्यापक, राजकीय मिडिल स्कूल अजीतनगर
विज्ञापन
वर्ष 2017 में गांव का नाम गंदा से अजीतनगर करने की सरकार की तरफ से औपचारिक मंजूरी मिल गई थी। लेकिन इसके बाद भी कागजों में स्कूल का नाम गंदा ही चल रहा था और अजीतनगर को साथ लिखा जा रहा था। लेकिन अब स्कूल के सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ अजीतनगर ही लिखा जाएगा। बता दें कि गांव के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा हरप्रीत कौर ने अपने गांव का नाम बदलने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत वर्ष 2016 में लिखा था। करीब चार माह बाद पीएम मोदी के दफ्तर से इस बाबत एक जवाबी खत जिला और रतिया प्रशासन के नाम आया, जिसमें गांव से संबंधित समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने गांव का नाम गंदा से अजीतनगर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। संवाद
विज्ञापन
गांव में है सिर्फ मिडिल तक स्कूल
गांव में प्राइमरी और मिडिल तक ही स्कूल है। जब हरप्रीत कौर स्कूल में थी तो वह सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। पीएम मोदी को लिखे पत्र में छात्रा ने कहा था कि हमारे गांव का नाम गंदा है और हम जहां भी जाते हैं तो लोग हमारी बेइज्ज्ती करते है गांव का नाम लेकर। इसलिए प्लीज नाम बदला जाए।
विज्ञापन
कोट
गांव की पंचायत पिछले 25 सालों से प्रयास कर रही थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। स्कूल की छात्रा ने हमारे मार्गदर्शन में चिट्ठी पीएम को लिखी। इसके बाद पत्राचार शुरू हुआ और गांव का नाम बदला गया। अब स्कूल के सरकारी रिकॉर्ड में भी गांव का नाम अजीतनगर हो गया है।
ईश्वर दास, सेवानिवृत्त एसएस अध्यापक, राजकीय माध्यमिक स्कूल अजीतनगर
शिक्षा विभाग के पंचकूला कार्यालय से पत्र जारी हो गया है कि स्कूल के सरकारी रिकॉर्ड में गांव का नाम गंदा से बदलकर अजीतनगर कर दिया गया है। स्कूल में गांव का नाम पहले एमआइएस पोर्टल पर गंदा ही चल रहा था जिसे अब बदल दिया गया है।
-चंद्रप्रकाश, मुख्याध्यापक, राजकीय मिडिल स्कूल अजीतनगर