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Fatehabad News: स्कूलों में शिक्षा की ज्योति जलाए रखेंगे एकल शिक्षक
Sun, 02 Aug 2026 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:19 PM IST
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फतेहाबाद में स्कूल में पढ़ाते हुए शिक्षक स्त्रोत स्कूल
फतेहाबाद। अब एकल शिक्षक विद्यालयों में तैनात अध्यापकों को उनके वर्तमान पद से कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने जेबीटी अध्यापकों की ड्यूटी रद्द करने के पिछले आदेश में संशोधन किया है। ये निर्णय इन विद्यालयों में शिक्षा कार्य को प्रभावित होने से बचाने के लिए लिया गया है।
इससे पहले 27 जुलाई को आदेश जारी हुआ था। इसके तहत अध्यापकों की कमी के कारण जेबीटी अध्यापक/अध्यापिकाओं की ड्यूटी अन्य विद्यालयों में लगाई गई थी। ये कदम छात्रों की पढ़ाई और विद्यालय व्यवस्था को सुचारु व सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया था। पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए भी यह तैनाती आवश्यक मानी गई थी। हालांकि, इस आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया था।
अध्यापक/अध्यापिकाओं को 31 जुलाई से पहले अपने मूल विद्यालय में कार्यग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। अब नए आदेश में स्पष्ट किया गया है। जिन अध्यापकों की ड्यूटी एकल शिक्षक विद्यालयों में लगाई गई थी, उन्हें कार्यभार मुक्त न किया जाए।
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पूर्व आदेश और उसका प्रभाव
जारी आदेश में जेबीटी अध्यापकों को अन्य स्कूलों में भेजा गया था। इसका मुख्य कारण अध्यापकों की कमी और छात्रों के हित में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। इस तैनाती का उद्देश्य विद्यालयों में पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना भी था। बाद में इस आदेश को रद्द कर सभी अध्यापकों को मूल स्कूलों में लौटने को कहा गया था।
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नए आदेश का मुख्य लक्ष्य एकल शिक्षक विद्यालयों में शिक्षण कार्य को सुचारु रखना है। इन विद्यालयों से अध्यापकों को हटाने से वहां की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ सकता था। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का दृढ़ता से पालन करने के लिए कहा है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी एकल शिक्षक विद्यालय अध्यापक विहीन न हो।
अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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इससे पहले 27 जुलाई को आदेश जारी हुआ था। इसके तहत अध्यापकों की कमी के कारण जेबीटी अध्यापक/अध्यापिकाओं की ड्यूटी अन्य विद्यालयों में लगाई गई थी। ये कदम छात्रों की पढ़ाई और विद्यालय व्यवस्था को सुचारु व सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया था। पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए भी यह तैनाती आवश्यक मानी गई थी। हालांकि, इस आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया था।
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अध्यापक/अध्यापिकाओं को 31 जुलाई से पहले अपने मूल विद्यालय में कार्यग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। अब नए आदेश में स्पष्ट किया गया है। जिन अध्यापकों की ड्यूटी एकल शिक्षक विद्यालयों में लगाई गई थी, उन्हें कार्यभार मुक्त न किया जाए।
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पूर्व आदेश और उसका प्रभाव
जारी आदेश में जेबीटी अध्यापकों को अन्य स्कूलों में भेजा गया था। इसका मुख्य कारण अध्यापकों की कमी और छात्रों के हित में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। इस तैनाती का उद्देश्य विद्यालयों में पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना भी था। बाद में इस आदेश को रद्द कर सभी अध्यापकों को मूल स्कूलों में लौटने को कहा गया था।
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नए आदेश का मुख्य लक्ष्य एकल शिक्षक विद्यालयों में शिक्षण कार्य को सुचारु रखना है। इन विद्यालयों से अध्यापकों को हटाने से वहां की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ सकता था। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का दृढ़ता से पालन करने के लिए कहा है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी एकल शिक्षक विद्यालय अध्यापक विहीन न हो।
अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी