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स्थानीय निकायों की दुकानों को दूसरे के नाम ट्रांसफर करवा सकेंगे दुकानदार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 May 2022 11:12 PM IST
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Shopkeepers will be able to transfer the shops of local bodies to other names
नगर परिषद का फाइल फोटो। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। प्रदेश में नगर निगमों, नगर परिषदों व नगरपालिकाओं के अंतर्गत किराए की दुकान लेने वाले दुकानदारों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। जिन दुकानदारों ने निकायों की दुकान किराए पर ली है, अब वह यह दुकान दूसरे के नाम पर ट्रांसफर कर पाएंगे। हालांकि केवल वही दुकानदार इन दुकानों को ट्रांसफर करवा सकेंगे, जिन्होंने 20 साल से पहले दुकान किराए पर ले रखी हैं। जिन दुकानदारों को 20 साल दुकान लिए हो चुके हैं, वह दुकान ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे। ट्रांसफर पॉलिसी के तहत दुकानदारों को कुछ फीस भरनी होगी। इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव की ओर से सभी नगर निगमों, परिषदों व नगर पालिकाओं को लेटर भी जारी किया गया है।
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव की ओर से सभी निगमों, परिषदों व नगर पालिकाओं के अधिकारियों को पत्र जारी करके नगर परिषद की बंद पड़ी सब लेटिंग पॉलिसी को फिर से आरंभ करने को कहा है। पत्र में विभाग के प्रधान सचिव ने कहा है कि निकाय विभाग के अंतर्गत आने वाली किराए की दुकानों, भवनों, जमीनों व खोखा इत्यादि के किराएदार अपनी ये संपत्ति आगे ट्रांसफर करवा सकते हैं। हालांकि यह संपत्ति केवल वही लोग ट्रांसफर करवा सकते हैं, जिनके पास 20 साल से पहले यह किराए पर हैं। संवाद
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2014 में बंद की गई थी पॉलिसी
उल्लेखनीय है कि विभाग सब लेटिंग (ट्रांसफर) पॉलिसी को हुड्डा सरकार में 2014 में बंद कर दिया गया था। इसके तहत जिन लोगों के पास निकायों केेे अंतर्गत आने वाली दुकानों या अन्य संस्थानों को दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं किया जा सकता था। दुकानदार केवल दूसरे व्यक्ति को हलफनामा देकर ही काम चला रहे थे, लेकिन अब इस पॉलिसी के दोबारा आरंभ होने से वह अपनी दुकानों को दूसरे के नाम ट्रांसफर करवा पाएंगे।
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ट्रांसफर करवाने के लिए देनी होगी 30 हजार की फीस
पत्र के मुताबिक सब लेटिंग यानी ट्रांसफर करवाने की फीस 30 हजार रुपये रखी गई है। इसके साथ 25 प्रतिशत किराया भी हर पांच साल बढ़ेगा। इससे जहां नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका की आय में बढ़ोतरी होगी, वहीं दुकानों इत्यादि में बैठे लोग इनको रिकार्ड में अपने नाम करवा सकेंगे। विभाग के प्रधान महासचिव ने पत्र के अंत में लिखा है कि मुख्यमंत्री ने इन निर्देशों को अपनी मंजूरी दी है। इसलिए इन निर्देशों की सख्ती से पालना की जाए।

ऑटो मार्केट के दुकानदारों को मिलेगा पॉलिसी का लाभ
इन नए दिशा निर्देशों में शहर की नप की दुकानों में किराए पर बैठे खासकर ऑटो मार्केट, थाना रोड व पालिका की दुकानों पर बैठे किराएदारों को लाभ मिलेगा।
कोट
स्थानीय निकाय विभाग से पत्र मिल चुका है। यह पॉलिसी 20 साल से अधिक समय से निकाय की दुकानों पर काबिज दुकानदारों के लिए नहीं है। यह पॉलिसी इससे पहले यानी 19 साल से जिनके पास दुकानें हैं, उनके लिए है। इसके लिए निर्धारित फीस भरकर दुकान दूसरे के नाम ट्रांसफर करवाई जा सकती है। ट्रांसफर के समय दूसरे व्यक्ति का किराया हर पांच साल में 25 फीसदी बढ़ेगा।
-ऋषिराज, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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