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Fatehabad News: सैलजा गुट के कार्यकर्ताओं ने फिर जताया विरोध
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कांग्रेस की बैठक के दौरान बहसबाजी करते सैलजा व हुड्डा गुट के सदस्य।
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में जिला स्तर व खंड स्तर पर संगठन का विस्तार करने के लिए पहुंचे कांग्रेस ऑब्जर्वर के सामने ही बुधवार को कांग्रेस की गुटबाजी साफ नजर आई। ऑब्जर्वर के सामने ही हुड्डा व सैलजा गुट भिड़ते दिखाई दिए। सैलजा गुट के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने तो ऑब्जर्वर के सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी।
उनका कहना था कि यहां पर सैलजा का वर्चस्व है ऐसे में उनके अनुसार ही पदाधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके बाद हुड्डा गुट के सदस्यों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया। पिछले महीने भी ऑब्जर्वर के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की थी। इसी बीच कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने यहां तक कह दिया कि ऑब्जर्वर को बार-बार यहां भेजना ही नहीं चाहिए। इस ड्रामे की जरूरत ही नहीं है। प्रदेश के मुख्य नेता खुद संगठन का फैसला करके नक्की करें।
बता दें कि कांग्रेस द्वारा भेजे गए ऑब्जर्वर कुलदीप बछल जिला व खंड स्तर के संगठन के चुनाव को लेकर कांग्रेस नेताओं से राय शुमारी करने के लिए आए थे। श्री राम सेवा समिति धर्मशाला में आयोजित इस बैठक में हुड्डा व सैलजा गुट के नेता भी पहुंचे हुए थे। इस बैठक में पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, हाल ही में जजपा छोड़कर कांग्रेस में आए डॉक्टर विरेंद्र सिवाच जोकि हुड्डा गुट से थे और दूसरी ओर सैलजा गुट से पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया, अरविंद शर्मा, मंगतराम लालवास, सतबीर भूथन सहित अनेक नेता पहुंचे।
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अरविंद शर्मा बोले- ऑब्जर्वर को यहां पर बार-बार भेजने की आवश्यकता ही नहीं
बैठक के दौरान ही सैलजा गुट के कार्यकर्ताओं ने ऑब्जर्वर के सामने सैलजा जिंदाबाद की नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी को लेकर दोनों गुटों के नेताओं में बहसबाजी शुरू हो गई। ऑब्जर्वर व अन्य नेताओं ने बीच-बीच में उठकर समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन दोनाें गुटों के नेताओं में बहसबाजी नहीं रुकी। जिस कारण जिला स्तर व खंड स्तर पर पदाधिकारियों को लेकर चर्चा नहीं हो पाई और यह पूरी बैठक नारेबाजी व बहसबाजी में तब्दील होकर रह गई। इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद शर्मा ने कहा कि आलाकमान को चाहिए कि वह भले ही एक लाइन का प्रस्ताव भेज दे, लेकिन जिसे भी अध्यक्ष बनाएंगे, वह मंजूर होगा। उन्होंने यहां तक कहा दिया कि ऑब्जर्वर को यहां आना ही नहीं चाहिए। इसकी आवश्यकता ही नहीं है। हमारा भाईचारा हमें बनाकर रखना है और भाईचारे की ही बात की जाए।
सिरसा लोकसभा पर सैलजा का वर्चस्व, उनकी राय से बनाए जाएं पदाधिकारी : दौलतपुरिया
सैलजा गुट से बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्य नेता बैठकर फैसला कर लें, इस तरह के ड्रामे की जरूरत नहीं है, जो नौ साल से हो रहा है। ऑब्जर्वर को भेजना ही नहीं चाहिए। वहीं, मीटिंग खत्म होने के बाद पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि ऑब्जर्वर के सामने कुमारी सैलजा को यहां संगठन चुनने की पावर देने की बात मजबूती से रखी गई है, क्योंकि सैलजा और उनके पिता की यह लोकसभा क्षेत्र कर्मभूमि रही है। उन्होंने बताया कि कुमारी सैलजा की यह कर्मभूमि है और यहां पर उनकी मर्जी के अनुसार ही जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारी नियुक्त किए जाएं, क्योंकि जब कुमारी सैलजा यहां से सांसद बनती थीं तो सिरसा लोकसभा की नौ सीटों पर कांग्रेस का वर्चस्व रहता था, यहां तक कि जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस जीतकर आती थी। सैलजा के अंबाला जाने के बाद से यहां कांग्रेस कमजोर हुई है, यदि उनके नेतृत्व में यहां संगठन बनता है तो पार्टी मजबूत होगी।
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उनका कहना था कि यहां पर सैलजा का वर्चस्व है ऐसे में उनके अनुसार ही पदाधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके बाद हुड्डा गुट के सदस्यों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया। पिछले महीने भी ऑब्जर्वर के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की थी। इसी बीच कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने यहां तक कह दिया कि ऑब्जर्वर को बार-बार यहां भेजना ही नहीं चाहिए। इस ड्रामे की जरूरत ही नहीं है। प्रदेश के मुख्य नेता खुद संगठन का फैसला करके नक्की करें।
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बता दें कि कांग्रेस द्वारा भेजे गए ऑब्जर्वर कुलदीप बछल जिला व खंड स्तर के संगठन के चुनाव को लेकर कांग्रेस नेताओं से राय शुमारी करने के लिए आए थे। श्री राम सेवा समिति धर्मशाला में आयोजित इस बैठक में हुड्डा व सैलजा गुट के नेता भी पहुंचे हुए थे। इस बैठक में पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, हाल ही में जजपा छोड़कर कांग्रेस में आए डॉक्टर विरेंद्र सिवाच जोकि हुड्डा गुट से थे और दूसरी ओर सैलजा गुट से पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया, अरविंद शर्मा, मंगतराम लालवास, सतबीर भूथन सहित अनेक नेता पहुंचे।
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अरविंद शर्मा बोले- ऑब्जर्वर को यहां पर बार-बार भेजने की आवश्यकता ही नहीं
बैठक के दौरान ही सैलजा गुट के कार्यकर्ताओं ने ऑब्जर्वर के सामने सैलजा जिंदाबाद की नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी को लेकर दोनों गुटों के नेताओं में बहसबाजी शुरू हो गई। ऑब्जर्वर व अन्य नेताओं ने बीच-बीच में उठकर समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन दोनाें गुटों के नेताओं में बहसबाजी नहीं रुकी। जिस कारण जिला स्तर व खंड स्तर पर पदाधिकारियों को लेकर चर्चा नहीं हो पाई और यह पूरी बैठक नारेबाजी व बहसबाजी में तब्दील होकर रह गई। इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद शर्मा ने कहा कि आलाकमान को चाहिए कि वह भले ही एक लाइन का प्रस्ताव भेज दे, लेकिन जिसे भी अध्यक्ष बनाएंगे, वह मंजूर होगा। उन्होंने यहां तक कहा दिया कि ऑब्जर्वर को यहां आना ही नहीं चाहिए। इसकी आवश्यकता ही नहीं है। हमारा भाईचारा हमें बनाकर रखना है और भाईचारे की ही बात की जाए।
सिरसा लोकसभा पर सैलजा का वर्चस्व, उनकी राय से बनाए जाएं पदाधिकारी : दौलतपुरिया
सैलजा गुट से बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्य नेता बैठकर फैसला कर लें, इस तरह के ड्रामे की जरूरत नहीं है, जो नौ साल से हो रहा है। ऑब्जर्वर को भेजना ही नहीं चाहिए। वहीं, मीटिंग खत्म होने के बाद पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि ऑब्जर्वर के सामने कुमारी सैलजा को यहां संगठन चुनने की पावर देने की बात मजबूती से रखी गई है, क्योंकि सैलजा और उनके पिता की यह लोकसभा क्षेत्र कर्मभूमि रही है। उन्होंने बताया कि कुमारी सैलजा की यह कर्मभूमि है और यहां पर उनकी मर्जी के अनुसार ही जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारी नियुक्त किए जाएं, क्योंकि जब कुमारी सैलजा यहां से सांसद बनती थीं तो सिरसा लोकसभा की नौ सीटों पर कांग्रेस का वर्चस्व रहता था, यहां तक कि जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस जीतकर आती थी। सैलजा के अंबाला जाने के बाद से यहां कांग्रेस कमजोर हुई है, यदि उनके नेतृत्व में यहां संगठन बनता है तो पार्टी मजबूत होगी।