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Fatehabad News: जलघरों की टंकियों में पानी भरवाने पहुंचे सरपंच
Sun, 04 May 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 04 May 2025 11:28 PM IST
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फतेहाबाद के गांव बीघड़ में जलघर की टैंकी को भरवाते सरपंच व ग्रामीण।
फतेहाबाद। जिले में पीने के पानी की कमी न हो, इसके लिए उपायुक्त मनदीप कौर के निर्देश पर ग्राम पंचायतों ने भी प्रयास किया है। इसके तहत रविवार को कई गांवों के जलघरों में बनी टंकियों को भरा गया। इस दौरान कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने भी निरीक्षण किया।
जिले के गांव माजरा, बिसला, बरसीन, धांगड़, बीघड़, अंकावाली के सरपंच, ग्राम पंचायत के अन्य सदस्य ट्रैक्टर और पाइप लेकर नहरों में पहुंचे। इसके बाद पाइप की मदद से गांवों के जलघरों को भरा गया। कुछ गांवों के तालाबों में भी पानी डाला गया। ताकि मांग बढ़ने पर उस पानी का सदुपयोग किया जा सके।
जिले की सिरसा मेजर नहर, खेड़ी माइनर, किशनगढ़ माइनर, फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर में शनिवार को पानी छोड़ा गया। बताया जा रहा है कि इन नहरों में पांच दिनों तक पानी की उपलब्धता रहेगी। उसके बाद इन्हें बंद किया जा सकता है।
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हरियाणा पंजाब के बीच पानी के विवाद के बाद बिगड़ी थी स्थिति
- हरियाणा और पंजाब के बीच पानी के लिए चल रही रस्साकशी के कारण ही जिले के ग्रामीण इलाकों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। अधिकतर गांवों में ग्रामीणों को टैंकरों की मदद से पानी की व्यवस्था करते देखा गया। इस दौरान कई जगहों पर टैंकर संचालकों ने मनमानी भी की। टैंकर संचालकों की ओर से एक टैंकर के लिए 800 से 1,000 रुपये लिए जा रहे थे जबकि नहरों में पानी आने से कुछ हद तक समस्या सुलझ चुकी है।
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उपायुक्त ने की थी अपील
- जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने शुक्रवार शाम ग्राम पंचायतों से अपील की कि सभी पंचायतें अपने गांवों के जलघरों में बनी टंकियों को पूरा भर लें ताकि नहरों में पानी बंद होने पर गांवों के लोगों को दिक्कत न हो। बीडीपीओ अनिल कुमार ने बताया कि रविवार को उनके कार्यक्षेत्र की ग्राम पंचायतों ने अपने गांवों के जलघरों की टंकियों को पानी से भर लिया है। इस कार्य में सरपंचों की ओर से पूरा सहयोग किया गया। सरपंचों ने खुद मौके पर खड़े रहकर टंकियों में पानी भरा।
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जिले के गांव माजरा, बिसला, बरसीन, धांगड़, बीघड़, अंकावाली के सरपंच, ग्राम पंचायत के अन्य सदस्य ट्रैक्टर और पाइप लेकर नहरों में पहुंचे। इसके बाद पाइप की मदद से गांवों के जलघरों को भरा गया। कुछ गांवों के तालाबों में भी पानी डाला गया। ताकि मांग बढ़ने पर उस पानी का सदुपयोग किया जा सके।
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जिले की सिरसा मेजर नहर, खेड़ी माइनर, किशनगढ़ माइनर, फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर में शनिवार को पानी छोड़ा गया। बताया जा रहा है कि इन नहरों में पांच दिनों तक पानी की उपलब्धता रहेगी। उसके बाद इन्हें बंद किया जा सकता है।
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हरियाणा पंजाब के बीच पानी के विवाद के बाद बिगड़ी थी स्थिति
- हरियाणा और पंजाब के बीच पानी के लिए चल रही रस्साकशी के कारण ही जिले के ग्रामीण इलाकों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। अधिकतर गांवों में ग्रामीणों को टैंकरों की मदद से पानी की व्यवस्था करते देखा गया। इस दौरान कई जगहों पर टैंकर संचालकों ने मनमानी भी की। टैंकर संचालकों की ओर से एक टैंकर के लिए 800 से 1,000 रुपये लिए जा रहे थे जबकि नहरों में पानी आने से कुछ हद तक समस्या सुलझ चुकी है।
उपायुक्त ने की थी अपील
- जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने शुक्रवार शाम ग्राम पंचायतों से अपील की कि सभी पंचायतें अपने गांवों के जलघरों में बनी टंकियों को पूरा भर लें ताकि नहरों में पानी बंद होने पर गांवों के लोगों को दिक्कत न हो। बीडीपीओ अनिल कुमार ने बताया कि रविवार को उनके कार्यक्षेत्र की ग्राम पंचायतों ने अपने गांवों के जलघरों की टंकियों को पानी से भर लिया है। इस कार्य में सरपंचों की ओर से पूरा सहयोग किया गया। सरपंचों ने खुद मौके पर खड़े रहकर टंकियों में पानी भरा।