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Fatehabad News: वेतन व सुरक्षा की मांग, सड़कों पर उतरे सफाई कर्मचारी

Sun, 08 Feb 2026 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 08 Feb 2026 11:33 PM IST
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Sanitation workers took to the streets demanding wages and security
फतेहाबाद। विधायक बलवान सिंह को मांग पत्र सौंपते कर्मचारी नेता। स्त्रोत संगठन
फतेहाबाद। ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शहर में प्रदर्शन किया। नगर पालिका कर्मचारी संघ और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां से लाल बत्ती चौक होते हुए अनाज मंडी तक रोष मार्च निकाला गया।
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प्रदर्शनकारियों ने विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के कार्यालय पर पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बाद विधायक दौलतपुरिया ने उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान वे इन मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे और उनके समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान नरेश राणा, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन से सुनील कुमार ने की व संचालन ब्लाक सचिव ओमप्रकाश लोट ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तोषामड़, जिला प्रधान विजय ढाका, सकसं के ब्लाक प्रधान राजपाल मित्ताथल, कर्मचारी नेता बेगराज व नरेश राणा ने भाजपा सरकार पर तंज।
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उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने एक भी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन को पक्का नहीं किया है। सफाई के लिए न तो पर्याप्त उपकरण दिए जा रहे हैं और न ही सुरक्षा किट इससे कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है। मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती और विभागीय मंत्री विपुल गोयल के साथ हुई बैठकों में मांगों को जायज माना गया था, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ।

संघर्ष समिति ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों के अनुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सफाई और सीवर कार्य से ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह खत्म किया जाए। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मियों को 26 हजार और शहरी कर्मियों को 27 हजार रुपये वेतन का पत्र तुरंत जारी हो। आबादी के अनुसार राज्य में 70 हजार सफाई और 20 हजार सीवरमैन की पक्की भर्ती की जाए।


जोखिमपूर्ण कार्य के लिए 5,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता लागू हो। इसके अलावा कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, ऑनलाइन पोर्टल हाजिरी पर रोक और छंटनीग्रस्त कर्मचारियों की बहाली की भी मांग उठाई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने अपना अडियल रवैया नहीं बदला, तो 12 फरवरी की हड़ताल में हजारों सफाई कर्मचारी काम बंद कर सड़कों पर उतरेंगे। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव रामनिवास शर्मा, ब्लॉक सचिव इंद्र घासी, वीरू रत्ति, अमित गिल, सत्यवान टाक, राजाराम, पवन चिनालिया, ग्रामीण कर्मचारी यूनियन के ब्लॉक प्रधान पवन कुमार, गुलजारी सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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