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Fatehabad News: पीने के पानी का संकट झेल रहा पंचायत मंत्री के हलके का सबसे बड़ा गांव समैन
Sun, 21 May 2023 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 21 May 2023 12:23 AM IST
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समैन। प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के विधानसभा क्षेत्र टोहाना के सबसे बड़े गांव समैन में पेयजल संकट गहराया हुआ है। 18 हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव के जलघर के दोनों टैंकों में फिलहाल पानी खत्म हो चुका है।
हालात यह है कि गांव में पिछले एक सप्ताह से ग्रामीणों को जलघर की सप्लाई से बिना शेड्यूल कभी-कभार पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाए है कि जलघर में नियमित कर्मचारी न होने के कारण कुछ लोग कच्चे कर्मचारियों पर दवाब डालकर अपने एरिया में सप्लाई चलवा रहे हैं। हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। घरों में सप्लाई का पानी न पहुंचने के कारण ग्रामीण दूर-दराज अपने खेतों में लगे ट्यूबवेल व हैंडपंपों से पीने का पानी ढो रहे हैं।
जुगाड़ वाहनों पर ड्रम लादकर लाते हैं पानी
ग्रामीण विनोद कुमार, राजकुमार, अमरजीत सिंह, डॉ.मिंया सिंह, रामफल, डॉ.धूप सिंह बताते हैं कि गांव में पीने के पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण विनोद कुमार व राजकुमार ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से ट्रैक्टर या मोटरसाइकिल के साथ जुगाड़ वाहन पर ड्रम लादकर पीने का पानी ढो रहे हैं। अधिकतर घरों में पीने के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। गांव के आसपास खेतों में लगे हैंडपंपों पर पीने का पानी भरने के लिए महिलाओं को सुबह-शाम जाना पड़ रहा है।
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गांव समैन में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। पीने के लिए पानी हैंडपंपों व खेत में लगे ट्यूबवेलों से लाना पड़ रहा है। घरों में पीने के अलावा पशुओं के लिए भी पानी की दिक्कत है। माइनर में पानी नहीं है, इसी कारण से यह समस्या बनी है।
-रामफल गिल, ग्रामीण
हमारे घर में पीने का पानी बिल्कुल समाप्त हो चुका है। सुबह-शाम घर से काफी दूर खेतों में लगे हैंडपंप से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है। पीने के पानी की समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है। हैंडपंप का खराब पानी पीना पड़ता है।
-महेंद्र जांगड़ा, ग्रामीण
गांव में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। उनके घर में भी जलघर से सप्लाई का पानी नही आ रहा है। सुबह-शाम पीने के पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है। घर के सभी सदस्य पीने का पानी न होने से काफी परेशान रहते हैं। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-मास्टर संजय गिल, ग्रामीण
गांव में पीने के पानी का संकट काफी गहराता जा रहा है। पिछले करीब सात दिनों से यह समस्या काफी बड़ी हो चुकी है। उनके खेत की ढाणी में हैंडपंप लगा है। इस हैंडपंप पर सुबह से शाम तक पानी ढोने वाली महिलाओं की भीड़ लगी रहती है।
-श्यामबीर गिल, ग्रामीण
समैन डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी न होने के कारण गांव के जलघर में पानी खत्म हो गया है। गांव में सभी को समान रूप से पानी मिले, इसके लिए कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि कोई ग्रामीण कर्मचारियों पर दवाब डालता है तो उसकी भी जानकारी देने को कहा है। पीने के पानी की समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
-दलविंदर सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, टोहाना
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हालात यह है कि गांव में पिछले एक सप्ताह से ग्रामीणों को जलघर की सप्लाई से बिना शेड्यूल कभी-कभार पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाए है कि जलघर में नियमित कर्मचारी न होने के कारण कुछ लोग कच्चे कर्मचारियों पर दवाब डालकर अपने एरिया में सप्लाई चलवा रहे हैं। हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। घरों में सप्लाई का पानी न पहुंचने के कारण ग्रामीण दूर-दराज अपने खेतों में लगे ट्यूबवेल व हैंडपंपों से पीने का पानी ढो रहे हैं।
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जुगाड़ वाहनों पर ड्रम लादकर लाते हैं पानी
ग्रामीण विनोद कुमार, राजकुमार, अमरजीत सिंह, डॉ.मिंया सिंह, रामफल, डॉ.धूप सिंह बताते हैं कि गांव में पीने के पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण विनोद कुमार व राजकुमार ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से ट्रैक्टर या मोटरसाइकिल के साथ जुगाड़ वाहन पर ड्रम लादकर पीने का पानी ढो रहे हैं। अधिकतर घरों में पीने के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। गांव के आसपास खेतों में लगे हैंडपंपों पर पीने का पानी भरने के लिए महिलाओं को सुबह-शाम जाना पड़ रहा है।
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गांव समैन में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। पीने के लिए पानी हैंडपंपों व खेत में लगे ट्यूबवेलों से लाना पड़ रहा है। घरों में पीने के अलावा पशुओं के लिए भी पानी की दिक्कत है। माइनर में पानी नहीं है, इसी कारण से यह समस्या बनी है।
-रामफल गिल, ग्रामीण
हमारे घर में पीने का पानी बिल्कुल समाप्त हो चुका है। सुबह-शाम घर से काफी दूर खेतों में लगे हैंडपंप से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है। पीने के पानी की समस्या हर दिन बढ़ती जा रही है। हैंडपंप का खराब पानी पीना पड़ता है।
-महेंद्र जांगड़ा, ग्रामीण
गांव में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। उनके घर में भी जलघर से सप्लाई का पानी नही आ रहा है। सुबह-शाम पीने के पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है। घर के सभी सदस्य पीने का पानी न होने से काफी परेशान रहते हैं। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-मास्टर संजय गिल, ग्रामीण
गांव में पीने के पानी का संकट काफी गहराता जा रहा है। पिछले करीब सात दिनों से यह समस्या काफी बड़ी हो चुकी है। उनके खेत की ढाणी में हैंडपंप लगा है। इस हैंडपंप पर सुबह से शाम तक पानी ढोने वाली महिलाओं की भीड़ लगी रहती है।
-श्यामबीर गिल, ग्रामीण
समैन डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी न होने के कारण गांव के जलघर में पानी खत्म हो गया है। गांव में सभी को समान रूप से पानी मिले, इसके लिए कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि कोई ग्रामीण कर्मचारियों पर दवाब डालता है तो उसकी भी जानकारी देने को कहा है। पीने के पानी की समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
-दलविंदर सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, टोहाना