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रोडवेज का चक्का जाम: कड़ाके की ठंड में यात्री हुए परेशान, फतेहाबाद में 198 बसों का संचालन बंद

Wed, 24 Jan 2024 11:33 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 24 Jan 2024 11:33 AM IST
सार

हिट एंड रन केस में बने कानून सहित अन्य लंबित मांगों के विरोध में हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। अलसुबह से रोडवेज अफसरों ने डिपो से बसों की रवानगी के प्रयास में लगे हैं, पर हड़ताली रोडवेज कर्मी किसी रूट पर बस चलने नहीं दे रहे।

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Roadways traffic jam, Passengers troubled due to severe cold, 198 buses stopped operating in Fatehabad
प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फतेहाबाद में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का काफी असर पड़ा है। सबसे अधिक परेशानी प्रतिदिन आवागमन करने वाले यात्रियों को रही है। रोडवेज कर्मचारी सुबह 3 बजकर 20 मिनट पर ही चक्का जाम के लिए पहुंच गए थे। टोहाना उप डिपो में भी हड़ताल की गई है। सबसे अधिक परेशानी उन ग्रामीण रूटों के यात्रियों ने झेली, जहां प्राइवेट बसों की आवाजाही नाममात्र होती है। 

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फतेहाबाद जिले के रोडवेज बेड़े में 198 बसें हैं और रोडवेज कर्मचारियों का दावा है कि सभी बसों का संचालन बंद रहा है। फतेहाबाद में भारी ठंड के बीच ठिठुरते हुए यात्री बसों का इंतजार करते रहे। पुराने व नए बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ लगी हुई थी और निजी बसों से लोग आते जाते देखे गए।
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हिट एंड रन केस में बने कानून सहित अन्य लंबित मांगों के विरोध में बुधवार (आज) यमुनानगर डिपो के विभिन्न यूनियनों से जुड़े हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इनमें बसों के चालक व परिचालक भी हैं। इनके साथ अन्य रोडवेज कर्मी हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के बैनर तले यमुनानगर बस स्टैंड परिसर में नारेबाजी कर रहे हैं।
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अलसुबह से रोडवेज अफसरों ने डिपो से बसों की रवानगी के प्रयास में लगे हैं, पर हड़ताली रोडवेज कर्मी किसी रूट पर बस चलने नहीं दे रहे। साथ ही निजी बसों को भी बस स्टैंड परिसर में आने से रोक रहे हैं। इस तरह बसों के चक्का जाम का खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं, जो कड़ाके की ठंड व कोहरे के बीच अलग-अलग रूटों की बसों के लिए बस स्टैंड पहुंच रहे हैं, पर यहां से उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। काफी लोग अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भटक रहे हैं।

इनमें कुछ लोग निजी बसों व अन्य साधन की तलाश में पास के चौक-चौराहों पर खड़े हैं। निजी बसों की सर्विस भी साथ लगते साथ लगते जिलों तक ही है, इसलिए ज्यादा परेशानी दिल्ली, चंडीगढ़ व अन्य लांग रूट के यात्रियों को हो रही है। जिन्हें आज का सफर स्थगित करना पड़ रहा है या वह ट्रेन के लिए रेलवे स्टेशन का रुख कर रहे हैं। बतादें कि यमुनानगर डिपो से आमदिनों में 185 बसें ऑनरूट रहती हैं, जिनके संचालन से विभाग को करीब 15 लाख रुपये की आमदन होती है।

सरकार को 16 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन पहले दिया जा चुका

रोडवेज संयुक्त कर्मचारी एसोसिएशन के नेता संदीप जांडली, शिवकुमार श्योरण, विजय नागपुर, दीपक बल्हारा, सतेंद्र कुमार, नरेश गोरिया, विरेंद्र कुलेरी व बलबीर चिकनवास ने बताया कि सरकार को 16 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन पहले दिया गया था, लेकिन सरकार इस पर गौर नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हिट एंड रन का नया कानून लागू किया है, जोकि ठीक नहीं है।

कोई भी चालक किसी की जान लेने को बस या वाहन नहीं चलाता। यह कानून एक तरह से चालकों को हताश व परेशान करने के लिए बनाया गया है। सरकार को तुरंत इस कानून को वापिस लेना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों को 7 साल का बोनस नहीं मिला है। जोखिम भत्ता भी सरकार नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जिले में किलोमीटर स्कीम के तहत 20 बसें चल रही हैं, जिसे बंद करना चाहिए।

निजी ठेकेदार इन बसों का संचालन ऐसे चालकों के हाथ में दे रहे हैं, जो पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं हैं। उनको 5 से 10 हजार रुपये में रखकर बसों का संचालन करवाया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि कई बार किलोमीटर स्कीम की बस दुर्घटनाग्रस्त होती है तो बात रोडवेज निगम पर आ जाती है, क्योंकि लोगों को तो यह बसें रोडवेज की ही लगती हैं, इसलिए किलोमीटर स्कीम को बंद करके रोडवेज में नई भर्तियां की जाए। उन्होंने कहा कि 1993 से 2024 तक भर्ती कच्चे कर्मचारियों को आज तक पक्का नहीं किया गया है, जिस कारण यह कर्मचारी आर्थिक रूप से काफी तंग हैं। इनको समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र में नहीं चली रोडवेज बसें, प्राइवेट बसों में लटक स्कूल और कॉलेज पहुंचे छात्र

भिवानी में भी रोडवेज कर्मचारियों की बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल ने परिवहन सेवाएं पायदान पर ला दी। ठिठुरती ठंड में प्राइवेट बसों के पायदान पर लटककर मुसाफिरों ने सफर किया वहीं विद्यार्थी भी घर से जोखिम भरा सफर कर कॉलेज पहुंचे। रोडवेज कर्मचारियों ने कर्मशाला के बाहर अल सुबह चार बजे ठिठुरती ठंड में धरना दिया। 



हरियाणा रोडवेज की 210 बसों को हड़ताली कर्मचारियों ने कर्मशाला से बाहर नहीं निकलने दिया। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए कर्मशाला के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। शहर के चौक चौराहों पर यात्रियों की भीड़ जुटी और प्राइवेट वाहनों में अव्यवस्था का सफर किया। कस्बाई व ग्रामीण इलाकों से भी विद्यार्थी निजी बसों के पायदान पर लटककर शहर में कॉलेज पहुंचे। हड़ताल में निजी बस सोसायटी शामिल नहीं हुई। जबकि इक्का दुक्का रोडवेज बसों को कर्मशाला से निकाला गया। बुधवार सुबह भिवानी से पंचकूला, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित दूसरे राज्यों में जाने वाली लंबी दूरी की बसें नहीं चली।

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