{"_id":"61d5d9248c462f7a22330a9a","slug":"roadways-drivers-handled-the-steering-of-three-medical-units-and-seven-ambulances-fatehabad-news-hsr621328062","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज ड्राइवरों ने संभाली तीन मेडिकल यूनिट और सात एंबुलेंस की स्टेयरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज ड्राइवरों ने संभाली तीन मेडिकल यूनिट और सात एंबुलेंस की स्टेयरिंग
विज्ञापन
सिविल सर्जन कार्यालय में खड़ी मोबाइल मेडिकल यूनिट।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए ड्राइवरों की कमी से अस्पतालों में खड़ी एंबुलेंस अब एक्टिव होंगी। रोडवेज के ड्राइवर अब एंबुलेंस की स्टेयरिंग संभालेंगे। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय में रोडवेज के 24 ड्राइवरों ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। इस संबंध में एक दिन पहले ही डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट ने आदेश जारी किए थे। इसके तहत जिले के स्वास्थ्य विभाग को 24 ड्राइवर अलॉट हुए थे।
बुधवार को रोडवेज के ड्राइवरों को एंबुलेंसों पर ड्यूटी लगा दी गई है। अभी हाल ही में आई सात एंबुलेंस और तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट गाड़ियों पर ड्राइवर नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने सात नई एंबुलेंसों को तो अस्पताल में भेजकर एक्टिव कर दिया था लेकिन इनकी जगह पहले ज्यादा चल चुकी गाड़ियों को रोक लिया था। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी गाड़ियों को एक्टिव कर दिया है। अटल जननी वाहिनी योजना के तहत आई सात एंबुलेंस अब पूरी तरह से एक्टिव हो जाएंगी।
तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट, अगले सप्ताह से चलने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग ने जिले को करीब डेढ़ करोड़ लागत की तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट गाड़ियां दी है। एक गाड़ी करीब 50 लाख लागत की है। इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन का काम पूरा हो चुका है लेकिन ड्राइवर न होने से ये गाड़ियां सिविल सर्जन कार्यालय में ही खड़ी है। अधिकारियों की माने तो ये मोबाइल मेडिकल यूनिट भी अगले सप्ताह से फील्ड में जानी शुरू हो जाएगी। इन गाड़ियों का फायदा ये है कि इसमें डॉक्टर, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट होंगे। इसमें लैब की सुविधा भी है। सीएचसी स्तर पर ही इन गाड़ियों को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक से नहीं मिले 25 चालक
जननी वाहिनी योजना के तहत जिले के सात नई एंबुलेंस मिली है। इन एंबुलेंसों पर चालक भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया शुरू की थी। 25 चालक आउटसोर्सिंग पर रखे जाने थे, लेकिन उस पर रोक लगा दी गई। इसके चलते अब तक इन गाड़ियों को चालक नहीं मिले है।
कोट
रोडवेज के 24 चालक मिल गए हैं और उन्होंने ज्वाइन कर लिया है, उन्हें ड्यूटी दे दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास एंबुलेंस गाड़ियों की कोई कमी नहीं है। कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने व रेफर करने के लिए गाड़ियां रिजर्व की जाएंगी।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन
विज्ञापन
बुधवार को रोडवेज के ड्राइवरों को एंबुलेंसों पर ड्यूटी लगा दी गई है। अभी हाल ही में आई सात एंबुलेंस और तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट गाड़ियों पर ड्राइवर नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने सात नई एंबुलेंसों को तो अस्पताल में भेजकर एक्टिव कर दिया था लेकिन इनकी जगह पहले ज्यादा चल चुकी गाड़ियों को रोक लिया था। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी गाड़ियों को एक्टिव कर दिया है। अटल जननी वाहिनी योजना के तहत आई सात एंबुलेंस अब पूरी तरह से एक्टिव हो जाएंगी।
विज्ञापन
तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट, अगले सप्ताह से चलने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग ने जिले को करीब डेढ़ करोड़ लागत की तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट गाड़ियां दी है। एक गाड़ी करीब 50 लाख लागत की है। इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन का काम पूरा हो चुका है लेकिन ड्राइवर न होने से ये गाड़ियां सिविल सर्जन कार्यालय में ही खड़ी है। अधिकारियों की माने तो ये मोबाइल मेडिकल यूनिट भी अगले सप्ताह से फील्ड में जानी शुरू हो जाएगी। इन गाड़ियों का फायदा ये है कि इसमें डॉक्टर, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट होंगे। इसमें लैब की सुविधा भी है। सीएचसी स्तर पर ही इन गाड़ियों को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक से नहीं मिले 25 चालक
जननी वाहिनी योजना के तहत जिले के सात नई एंबुलेंस मिली है। इन एंबुलेंसों पर चालक भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया शुरू की थी। 25 चालक आउटसोर्सिंग पर रखे जाने थे, लेकिन उस पर रोक लगा दी गई। इसके चलते अब तक इन गाड़ियों को चालक नहीं मिले है।
कोट
रोडवेज के 24 चालक मिल गए हैं और उन्होंने ज्वाइन कर लिया है, उन्हें ड्यूटी दे दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास एंबुलेंस गाड़ियों की कोई कमी नहीं है। कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने व रेफर करने के लिए गाड़ियां रिजर्व की जाएंगी।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन