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दूसरे दिन भी ठप रही रोडवेज व्यवस्था, यात्री परेशान, आपात सेवाएं रही अलर्ट

Wed, 12 Apr 2017 12:22 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Wed, 12 Apr 2017 12:22 AM IST
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Roadways, arrangements, passenger, hassles, emergency, services, alert, fatehabad
फतेहाबाद बस अड्डे के बाहर प्राइवेट बस में चढ़ते यात्री । - फोटो : fatehabad
प्राइवेट परमिट दिए जाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को सारा दिन एक भी बस अड्डे से बाहर नहीं निकली और कर्मचारियों ने बस अड्डे का मेन गेट बंद कर सारा दिन धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रोडवेज कर्मचारियों के इस चक्का जाम को कई अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी मंगलवार को समर्थन दिया। दूसरी ओर रोडवेज बसों के ना चलने से यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी अलसुबह बस अड्डे पहुंचने वाले यात्रियों को हुई जब उन्हें अलसुबह निजी वाहन भी मुहैया नहीं हो सके। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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रोडवेज विभाग के अधिकारी भी अब इस हड़ताल को लेकर हरकत में आ गए हैं। रोडवेज जीएम धनराज कुंडू मंगलवार अलसुबह तीन बजे ही बस अड्डे पहुंच गए और बसों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के चलते कोई बस बाहर नहीं निकल सकी। रोडवेज विभाग ने चक्का जाम में शामिल होने वाले रोडवेज कर्मचारियों की सूची बनानी शुरू कर दी है, जिसे सरकार के पास भेजा जाएगा।
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प्राइवेट साधन ही रहे यात्रियों का सहारा
रोडवेज बसों की हड़ताल का दूसरे दिन भी प्राइवेट साधनों ने ही फायदा उठाया। भारी संख्या में यात्रियों को देखकर प्राइवेट बसों और अन्य निजी साधनों की लाइन लग गई। मजबूरी में यात्री भी प्राइवेट बसों में सफर करने को मजबूर दिखे। प्राइवेट बसों में जाने वाले यात्रियों की एक बड़ी समस्या ये रही कि प्राइवेट बस चालक उन्हें महज हिसार-सिरसा तक ही लेकर जा रहे थे। इससे आगे जाने के लिए यात्रियों को बार-बार बसें बदलनी पड़ी। ज्यादा किराए लेने की शिकायत किसी यात्री ने नहीं की।
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पुलिस के साथ मौके पर तैनात रही फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस
कर्मचारियों द्वारा जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल से मंगलवार को दिनभर आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर रहीं। बस अड्डे पर दिनभर सिटी एसएचओ सुरेंद्र कंबोज के नेतृत्व में सिटी पुलिस की एक टुकड़ी डटी रही तो फायर ब्रिगेड एवं एंबुलेंस की एक गाड़ी भी बस स्टैंड के बाहर ही तैनात रखी गई। इसके अलावा पुलिस की एक अन्य टीम को रिजर्व में भी रखा गया है।

हड़ताली कर्मचारियों की लिस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू
रोडवेज सूत्रों के अनुसार, रोडवेज विभाग उन कर्मचारियों की लिस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है जो इस चक्का जाम में शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार विभाग इस लिस्ट को प्रदेश सरकार के पास मार्गदर्शन के लिए भेजेगा। अगर सरकार इस हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने के बारे में विचार करता है तो सबसे पहले इस लिस्ट में ही शामिल कर्मचारियों पर ही गाज गिरेगी। इस बारे में बात करने पर रोडवेज जीएम धनराज कुंडू ने कहा कि सरकार के आदेश पर धरने पर नजर रखी जा रही है। 

रोडवेज कर्मचारियों ने जमकर सरकार पर निकाली भड़ास
हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के प्रधान सूरजभान चोपड़ा, शिवकुमार एवं सूबे सिंह ने सरकार को इस हड़ताल के लिए जिम्मेदार बताया। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के चलते वार्ता विफल हुई है और यात्रियों की परेशानी के लिए भी सरकार ही जिम्मेदार है।

13 लाख रुपये की आय पर लगे ब्रेक
मंगलवार को रोडवेज की एक भी बस अड्डे से बाहर नहीं निकली, जिससे रोडवेज को लगभग 13 लाख रुपये की आय का नुकसान हुआ। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, फतेहाबाद डिपो को प्रतिदिन लगभग 13 लाख रुपये की आय होती है। रोडवेज बेडे़ में लगभग 155 बसें शामिल हैं।

टोहाना में भी जाम रहा रोडवेज का चक्का
टोहाना। राज्य कमेटी के आह्वान पर टोहाना में भी रोडवेज का चक्का जाम रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने बस डिपो के मुख्य द्वार के पास बैठकर रोष जताया। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने चेेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार इस फैसले को वापिस नही लेगी वो प्रदर्शन बंद नही करेंगे। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ प्रधान राजेश कन्हड़ी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पहुंचकर कर्मचारियों के धरने का समर्थन किया। वहीं, निजी वाहन चालकों ने दोगुने दाम वसूल कर खूब चांदी काटी।


रोडवेज प्रधान चंद्रभान ने कहा कि प्रदेश सरकार निजी बसों को परमिट जारी कर विभाग को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। सरकार के इस जनविरोधी फैसले को लागू कर सरकार इस विभाग का निजीकरण करना चाहती है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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