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अवैध निर्माण के कारण सड़क हादसे हुए तो नपेंगे अधिकारी और कर्मचारी
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फतेहाबाद। सड़कों के आसपास अवैध निर्माण, टूटे हुए डिवाइडर, खंभे आदि के कारण अगर हादसे हुए तो संबंधित सरकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेवारी निर्धारित की जाएगी और उनके विरुद्ध पर्चा दर्ज किया जाएगा। यह निर्देश उपायुक्त धीरेंद्र खडग़टा ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित वाहन पॉलिसी के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी की लापरवाही से आम आदमी की जान जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेवारियां सही ढंग से समझ लें। जिला में किसी भी स्थान पर दुर्घटना न हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाए। यातायात के नियमों की जानकारी हर व्यक्ति को हो, इस बारे भी नागरिकों को जागरूक करे। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण आपसी तालमेल बनाकर कार्य करे और यातायात नियमों की जानकारी के लिए आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ जहां भी सड़क टूटी है या गड्ढे हैं, उस स्थान की पहचान कर संबंधित विभाग के अधिकारी मरम्मत करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला के ऐसे स्थान जहां पर दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं ज्यादा होती है, वहां पर साइन बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करे और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए संबंधित विभाग पूरी तत्परता से कार्य करें। इस अवसर पर शहरी स्थानीय निकाय तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवैध निर्माण के विरुद्ध चालान करने के निर्देश दिए गए।
नियमों का उल्लंघन ज्यादा, चालान कम
उपायुक्त ने पॉलिसी के तहत किए जाने वाले चालान के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए पाया कि सड़कों पर नियमों की उल्लघंना तो बहुत होती है, लेकिन उसके अनुपात में चालान काफी कम हुए हैं। नशा करके गाड़ी चलाने के मामलों में सीमित संख्या में किए गए चालान पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस कारण से सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती है लेकिन चालान काफी कम हुए हैं। उन्होंने सभी उपमंडलाधीशों को सुरक्षित वाहन पॉलिसी के 22 बिंदुओं के अनुसार स्कूली बसों तथा ओवरलोड वाहनों के नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमंडलाधीशों को भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्यवाही करने को कहा।
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दुर्घटना संभावित जगहों का निरीक्षण कर दें रिपोर्ट
उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत जिला में त्रि-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी समय-समय दुर्घटना संभावित जगहों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें। इसके अलावा कमेटी स्कूल वाहनों की चैकिंग, ट्राफिक नियमों व माननीय न्यायालय के आदेशों की पालना को सुनिश्चित करे। उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटनाओं के खतरों को कम करने तथा नागरिकों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए नेशनल हाईवे, लोक निर्माण विभाग व वन विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग जल्द ही कार्यवाही आरंभ करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त महावीर सिंह, उपमंडलाधीश सरजीत नैन, सुरेंद्र बैनीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी की लापरवाही से आम आदमी की जान जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेवारियां सही ढंग से समझ लें। जिला में किसी भी स्थान पर दुर्घटना न हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाए। यातायात के नियमों की जानकारी हर व्यक्ति को हो, इस बारे भी नागरिकों को जागरूक करे। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण आपसी तालमेल बनाकर कार्य करे और यातायात नियमों की जानकारी के लिए आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ जहां भी सड़क टूटी है या गड्ढे हैं, उस स्थान की पहचान कर संबंधित विभाग के अधिकारी मरम्मत करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला के ऐसे स्थान जहां पर दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं ज्यादा होती है, वहां पर साइन बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करे और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए संबंधित विभाग पूरी तत्परता से कार्य करें। इस अवसर पर शहरी स्थानीय निकाय तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवैध निर्माण के विरुद्ध चालान करने के निर्देश दिए गए।
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नियमों का उल्लंघन ज्यादा, चालान कम
उपायुक्त ने पॉलिसी के तहत किए जाने वाले चालान के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए पाया कि सड़कों पर नियमों की उल्लघंना तो बहुत होती है, लेकिन उसके अनुपात में चालान काफी कम हुए हैं। नशा करके गाड़ी चलाने के मामलों में सीमित संख्या में किए गए चालान पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस कारण से सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती है लेकिन चालान काफी कम हुए हैं। उन्होंने सभी उपमंडलाधीशों को सुरक्षित वाहन पॉलिसी के 22 बिंदुओं के अनुसार स्कूली बसों तथा ओवरलोड वाहनों के नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमंडलाधीशों को भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्यवाही करने को कहा।
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दुर्घटना संभावित जगहों का निरीक्षण कर दें रिपोर्ट
उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत जिला में त्रि-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी समय-समय दुर्घटना संभावित जगहों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें। इसके अलावा कमेटी स्कूल वाहनों की चैकिंग, ट्राफिक नियमों व माननीय न्यायालय के आदेशों की पालना को सुनिश्चित करे। उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटनाओं के खतरों को कम करने तथा नागरिकों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए नेशनल हाईवे, लोक निर्माण विभाग व वन विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग जल्द ही कार्यवाही आरंभ करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त महावीर सिंह, उपमंडलाधीश सरजीत नैन, सुरेंद्र बैनीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।