{"_id":"61759dd93ed0ce7b7d0d4e04","slug":"right-now-60-percent-paddy-in-the-fields-rain-can-increase-the-problem-fatehabad-news-hsr6152702110","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में अभी 60 फीसदी धान, बारिश बढ़ा सकती है परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में अभी 60 फीसदी धान, बारिश बढ़ा सकती है परेशानी
विज्ञापन
रतिया क्षेत्र में खेत में धान की कटाई में जुटे मजदूर।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले में 60 प्रतिशत धान अभी भी खेतों में हैं। किसान मजदूरों के साथ खेतों में कटाई कार्य में जुटे हुए हैं। मंडी में सिर्फ 40 प्रतिशत धान पहुंची है। ऐसे में बारिश के आसार बनने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश आई तो किसानों की परेशानी बढ़ेगी। बारिश से धान की फसल में नमी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे बिक्री में ज्यादा देरी होगी। टोहाना क्षेत्र में शनिवार देर रात हलकी बारिश हुई।
रविवार सुबह भी जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। अनाज मंडियों में पहुंचे धान में से भी अभी तक 95 हजार मीट्रिक टन का उठान नहीं हुआ है। इस कारण खेतों में खड़ी फसल से लेकर अनाज मंडी में रखी ढेरियों तक के बारे में सोचकर किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जिन किसानों ने धान की फसल कटाई करने के बाद सरसों की बिजाई कर दी है। उन खेतों में ही बारिश का फायदा होगा। मगर ऐसे किसानों की संख्या ज्यादा नहीं है, जिन्होंने सरसों की बिजाई की है। बिजाई का कार्य 1 नवंबर से जोर पकड़ेगा। पहली फसल कटने के बाद किसान को कम से कम एक सप्ताह खेत को तैयार करने में लगता है।
ढेरियों पर तिरपाल बिछाई, कट्टे खुले आसमान के नीचे
फतेहाबाद अनाज मंडी में चारों तरफ धान ही धान रखा है। शेडों से नीचे सड़क तक पर धान की ढेरियां व बोरियां रखी हुई हैं। ढेरियों पर तिरपाल बिछाकर उन्हें बारिश से बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन बोरियां खुले आसमान के नीचे ही रखी रहीं। अनाज मंडी के शेडों के नीचे भी खाली जगह नहीं है।
विज्ञापन
जिले में अब तक सवा तीन लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद
जिले की मंडियों व खरीद केंद्रों में अब तक तीन लाख 22 हजार 919 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से दो लाख 27 हजार 331 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। अभी भी 95 हजार 588 मीट्रिक टन धान अनाज मंडियों में रखा है। यानी खरीद होने के बाद भी 30 फीसदी धान मंडियों में ही मौजूद है।
जिले में हुई धान की खरीद का आंकड़ा
कुल खरीद : 3 लाख 22 हजार 919 मीट्रिक टन
फूड सप्लाई : 44 हजार 582 मीट्रिक टन
हैफेड : एक लाख 40 हजार 281 मीट्रिक टन
एचडब्ल्यूसी : एक लाख 38 हजार 56 मीट्रिक टन
जिले में धान के उठान का आंकड़ा
कुल उठान : 2 लाख 27 हजार 331 मीट्रिक टन
फूड सप्लाई : 29 हजार 543 मीट्रिक टन
हैफेड : 97 हजार 17 मीट्रिक टन
एचडब्ल्यूसी : एक लाख 771 मीट्रिक टन
कोट
पूरे जिले में धान की फसल की कटाई का कार्य अभी 50 फीसदी हो पाया है। ऐसे में बारिश होती है, तो इससे धान की फसल में नमी की मात्रा बढ़ेगी और खरीद कार्य में देरी होगी। सरसों की फसल की बिजाई करने वालों को जरूर लाभ होगा।
डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
विज्ञापन
रविवार सुबह भी जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। अनाज मंडियों में पहुंचे धान में से भी अभी तक 95 हजार मीट्रिक टन का उठान नहीं हुआ है। इस कारण खेतों में खड़ी फसल से लेकर अनाज मंडी में रखी ढेरियों तक के बारे में सोचकर किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जिन किसानों ने धान की फसल कटाई करने के बाद सरसों की बिजाई कर दी है। उन खेतों में ही बारिश का फायदा होगा। मगर ऐसे किसानों की संख्या ज्यादा नहीं है, जिन्होंने सरसों की बिजाई की है। बिजाई का कार्य 1 नवंबर से जोर पकड़ेगा। पहली फसल कटने के बाद किसान को कम से कम एक सप्ताह खेत को तैयार करने में लगता है।
विज्ञापन
ढेरियों पर तिरपाल बिछाई, कट्टे खुले आसमान के नीचे
फतेहाबाद अनाज मंडी में चारों तरफ धान ही धान रखा है। शेडों से नीचे सड़क तक पर धान की ढेरियां व बोरियां रखी हुई हैं। ढेरियों पर तिरपाल बिछाकर उन्हें बारिश से बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन बोरियां खुले आसमान के नीचे ही रखी रहीं। अनाज मंडी के शेडों के नीचे भी खाली जगह नहीं है।
विज्ञापन
जिले में अब तक सवा तीन लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीद
जिले की मंडियों व खरीद केंद्रों में अब तक तीन लाख 22 हजार 919 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से दो लाख 27 हजार 331 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। अभी भी 95 हजार 588 मीट्रिक टन धान अनाज मंडियों में रखा है। यानी खरीद होने के बाद भी 30 फीसदी धान मंडियों में ही मौजूद है।
जिले में हुई धान की खरीद का आंकड़ा
कुल खरीद : 3 लाख 22 हजार 919 मीट्रिक टन
फूड सप्लाई : 44 हजार 582 मीट्रिक टन
हैफेड : एक लाख 40 हजार 281 मीट्रिक टन
एचडब्ल्यूसी : एक लाख 38 हजार 56 मीट्रिक टन
जिले में धान के उठान का आंकड़ा
कुल उठान : 2 लाख 27 हजार 331 मीट्रिक टन
फूड सप्लाई : 29 हजार 543 मीट्रिक टन
हैफेड : 97 हजार 17 मीट्रिक टन
एचडब्ल्यूसी : एक लाख 771 मीट्रिक टन
कोट
पूरे जिले में धान की फसल की कटाई का कार्य अभी 50 फीसदी हो पाया है। ऐसे में बारिश होती है, तो इससे धान की फसल में नमी की मात्रा बढ़ेगी और खरीद कार्य में देरी होगी। सरसों की फसल की बिजाई करने वालों को जरूर लाभ होगा।
डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद।

फतेहाबाद की अनाज मंडी में खुले में पड़े धान की ढेरियों पर बिछाया गया तिरपाल।- फोटो : Fatehabad