फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   rice crop, agriculture, fatehabad

बारिश की बेरुखी से अब तक 48 हजार हेक्टेयर में हो पाई धान की रोपाई

Thu, 04 Jul 2019 10:47 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2019 10:47 PM IST
विज्ञापन
rice crop, agriculture, fatehabad
भुना के टोहाना रोड पर मुरझाई सी धान की फसल - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। एक तरफ वीरवार को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में प्री मानसून की बारिश हुई, वहीं फतेहाबाद जिले में बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल प्रभावित हो रही है। बारिश के बिना जहां धान की फसल मुरझा रही है वहीं किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। बारिश नहीं होने से किसानों ने धान की रोपाई धीमी कर दी है, जबकि इस समय तक धान की रोपाई अपने लक्ष्य तक पहुंच जाती है। उधर, मानसून की बेरुखी से बिजली निगम के अफसरों के भी पसीने छूट रहे हैं। वजह है लोड का बढ़ना। लोड बढ़ने से बिजली आपूर्ति में बाधा आ रही है, जबकि शिकायतें बढ़ रही हैं। कृषि व बिजली निगम अधिकारी भी इस बात को स्वीकारते हैं कि तब तक सामान्य स्थिति नहीं हो सकती।
विज्ञापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में अक्सर ही जून के अंत में प्री मानसून की बारिश होती है, लेकिन इस बार जून में मात्र 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है और जुलाई में अब तक 4 एमएम ही बारिश हो पाई है। बीते साल जून माह में ही प्री मानसून की 228 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। धान की रोपाई के लिए कृषि विभाग ने 95 हजार हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य रखा था। अब तक मात्र 48 हजार हेक्टेयर भूमि पर ही धान की रोपाई हो पाई है। बीते साल धान का लक्ष्य भी पार हो गया था। इस बार धान की रोपाई कम होने से किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग भी चिंतित है। बता दें कि धान को एक निश्चित पानी की आवश्यकता होती है। धान की जमीन में पानी जमा रहना आवश्यक है। आज की स्थिति यह है कि मौसम में अत्यधिक नमी तथा तापमान में बढ़ोतरी के चलते पानी की खपत ज्यादा हो रही है। किसान ट्यूबवेलों के माध्यम से पानी की सिंचाई तो कर रहा है, लेकिन वो धान की खेती के लिए नाकाफी है। फतेहाबाद जिले के भूना व रतिया के बीच में पड़ने वाले गांवों में हालात यह हैं कि धान की फसल मूर्छित सी दिख रही है। धान की पनीरी नीचे की ओर झूक गई है। बड़ी बात यह है कि जिन किसानों के पास ट्यूबवेल व नहरी पानी की सिंचाई का साधन है, उन्होंने भी अब पानी लगाना कम कर दिया है। 24 घंटे ट्यूबवेल चलाकर भी किसान अपने खेत को नहीं भर पा रहा।
विज्ञापन

बारिश नहीं होने से बिजली की डिमांड बढ़ी
बिजली की डिमांड के मुताबिक बिजली सप्लाई करने में बिजली निगम को अभी से पसीने आ रहे हैं। जुलाई के बाकी बचे दिन और अगस्त का पूरा माह स्थिति और भयानक हो सकते हैं। अब बिजली निगम को या तो बारिश आने की दुआ करनी होगी, अन्यथा उसे तुरंत बिजली सप्लाई बढ़ाने के प्रयास शुरू करने होंगे। अगर कहीं जुलाई के माफिक अगस्त में इंद्र देवता फतेहाबाद जिले से रूठे रहे तो अगस्त में उमस भरे मौसम के चलते बिजली की डिमांड काफी बढ़ जाएगी। दरअसल उमस भरा मौसम शुरू होते ही जिले भर में एसी, कूलर आदि चलाने का समय और क्षमता लगातार बढ़ती जाती है जिसका सीधा असर बिजली निगम के पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ता है। पुरानी केबल और ट्रांसफार्मर अत्यधिक लोड सह नहीं पाते और बार-बार ट्रिपिंग का संकट झेलना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अप्रैल के मुकाबले जुलाई में चार गुणा से अधिक बढ़ी बिजली की डिमांड
बिजली निगम के औपचारिक आंकड़ों की मानें तो अप्रैल के मुकाबले जुलाई में बिजली की डिमांड तीन गुणा से अधिक बढ़ चुकी है। इसी साल अप्रैल में जहां जिले में बिजली की कुल डिमांड 4 करोड़ 24 लाख 4 हजार यूनिट थी जो जुलाई में बढ़कर साढ़े 17 करोड़ यूनिट के पार जा सकती है। अभी तक इस माह के 12 दिन शेष हैं और डिमांड लगातार बढ़ती ही जा रही है। बिजली निगम के अधिकारियों की चिंता भी इसी कारण बढ़ रही है कि अगर बारिश नहीं हुई तो जुलाई माह में बिजली की खपत बढ़कर 17 करोड़ यूनिट से अधिक गई तो इतनी बिजली का इंतजाम करना बिजली निगम के अधिकारियों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। अप्रैल माह में फतेहाबाद डिवीजन में प्रतिदिन 14 लाख यूनिट की डिमांड थी, जो मई माह में बढ़कर 28 लाख यूनिट हो गई। इसी तरह जून में ये आंकड़ा 42 लाख यूनिट बढ़ गई थी और अब जुलाई माह में बढ़कर 55 लाख यूनिट की मांग हो रही है।
वर्जन
इस बार प्री मानसून की बारिश नहीं हुई। मानसून की बारिश भी लेट हो चुकी है, ऐसे में धान का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा। अभी तक 48 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हो पाई है।

- डॉ. बलवंत सिंह सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद
जब तक बारिश नहीं होती, तब तक बिजली का लोड ऐसे ही रहेगा। बिजली का लोड बढने से ट्रिपिंग होती है और लाइट की समस्या रहती है। मुख्य कारण लोग एसी व कूलर तो ले आते हैं, लेकिन बिजली का लोड नहीं बढ़वाते।
- शमशेर सिंह, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed