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Fatehabad News: दो माह से बंद विद्यार्थी परिवहन योजना के लिए आई बजट की याद, स्कूलों से मांगे दस्तावेज
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फतेहाबाद। निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को परिवहन योजना का लाभ देने के लिए जिले में रतिया खंड का चयन किया गया। यहां पर इसी साल जनवरी माह में 34 स्कूलों में विद्यार्थी परिवहन योजना की शुरूआत की गई। लेकिन एक ही खंड में पायलेट प्रोजेक्ट बजट के अभाव में दम तोड़ गया। बजट न मिलने के कारण मार्च माह में परिवहन योजना बंद हो गई। अब दो माह बाद अफसरों को बजट डिमांड की याद आई है।
खंड शिक्षा अधिकारी रतिया ने स्कूलों से बजट को लेकर दस्तावेज मांगे हैं। योजना के तहत स्कूलों में लगाए गए वाहनों के बिल और गाडिय़ों रजिस्ट्रेशन से लेकर फिटनेस तक के दस्तावेज मांगे गए हैं। इसको लेकर बीईओ कार्यालय में सोमवार को सुबह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक को लेकर कमेटी का भी गठन किया गया है। बैठक में स्कूल मुखिया, ट्रांसपोर्ट नोडल अधिकारी, एबीआरसी,बीआरपी को बुलाया गया है।
10 लाख ही मिला बजट
योजना की शुरूआत की गई तो विभाग ने 10 लाख रुपये बजट जारी किया। जबकि अनुमानित बजट 40 लाख रुपये तय किया गया था। लेकिन ये बजट जारी नहीं हुआ। बजट न मिलने के कारण परिवहन योजना के तहत लगी गाड़ियों को एजेंसी ने बंद कर दिया। एजेंसी ने कहा कि उनके पास बजट नहीं है कि वह अपने स्तर पर तेल डलवा सके। अब दो माह से बंद परिवहन योजना को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी रतिया कार्यालय बजट तय कर रहा है कि उन्हें कितने की जरूरत है। इसके चलते गाड़ियों के बिल मांगे गए हैं।
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स्कूल मुखिया को ये लाने होंगे दस्तावेज
- गाड़ी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
- गाड़ी के बीमा की सत्यापित कॉपी
- गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र
- एसएमसी प्रस्ताव की सत्यापित कॉपी
- ट्रांसपोर्ट एमआईएस की सत्यापित कॉपी
- राशि देने के लिए मूल बिल, रसीद व सत्यापित कॉपी
कमेटी में ये अधिकारी है शामिल
- सुभाष चंद्र, प्राचार्य राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल हसंगा
- लीलाकृष्ण, मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक, राजकीय मॉडल स्कूल बाड़ा
- अमरीक सिंह, प्रवक्ता पंजाबी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल खुनन
कोट
रतिया में परिवहन योजना के तहत बजट नहीं मिला। इसी वजह से दिक्कत आ रही है। बजट को लेकर स्कूल मुखियाओं की बैठक बुलाई गई है और उनसे दस्तावेज मांगे गए है। उम्मीद है जल्द परिवहन योजना के तहत बजट जारी हो जाएगा।
-अनीता बाई, खंड शिक्षा अधिकारी रतिया
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खंड शिक्षा अधिकारी रतिया ने स्कूलों से बजट को लेकर दस्तावेज मांगे हैं। योजना के तहत स्कूलों में लगाए गए वाहनों के बिल और गाडिय़ों रजिस्ट्रेशन से लेकर फिटनेस तक के दस्तावेज मांगे गए हैं। इसको लेकर बीईओ कार्यालय में सोमवार को सुबह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक को लेकर कमेटी का भी गठन किया गया है। बैठक में स्कूल मुखिया, ट्रांसपोर्ट नोडल अधिकारी, एबीआरसी,बीआरपी को बुलाया गया है।
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10 लाख ही मिला बजट
योजना की शुरूआत की गई तो विभाग ने 10 लाख रुपये बजट जारी किया। जबकि अनुमानित बजट 40 लाख रुपये तय किया गया था। लेकिन ये बजट जारी नहीं हुआ। बजट न मिलने के कारण परिवहन योजना के तहत लगी गाड़ियों को एजेंसी ने बंद कर दिया। एजेंसी ने कहा कि उनके पास बजट नहीं है कि वह अपने स्तर पर तेल डलवा सके। अब दो माह से बंद परिवहन योजना को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी रतिया कार्यालय बजट तय कर रहा है कि उन्हें कितने की जरूरत है। इसके चलते गाड़ियों के बिल मांगे गए हैं।
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स्कूल मुखिया को ये लाने होंगे दस्तावेज
- गाड़ी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
- गाड़ी के बीमा की सत्यापित कॉपी
- गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र
- एसएमसी प्रस्ताव की सत्यापित कॉपी
- ट्रांसपोर्ट एमआईएस की सत्यापित कॉपी
- राशि देने के लिए मूल बिल, रसीद व सत्यापित कॉपी
कमेटी में ये अधिकारी है शामिल
- सुभाष चंद्र, प्राचार्य राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल हसंगा
- लीलाकृष्ण, मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक, राजकीय मॉडल स्कूल बाड़ा
- अमरीक सिंह, प्रवक्ता पंजाबी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल खुनन
कोट
रतिया में परिवहन योजना के तहत बजट नहीं मिला। इसी वजह से दिक्कत आ रही है। बजट को लेकर स्कूल मुखियाओं की बैठक बुलाई गई है और उनसे दस्तावेज मांगे गए है। उम्मीद है जल्द परिवहन योजना के तहत बजट जारी हो जाएगा।
-अनीता बाई, खंड शिक्षा अधिकारी रतिया