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Fatehabad News: दिग्गजों को नकारा, नए चेहरों को स्वीकारा
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खुशी जाहिर करते फतेहाबाद जिला परिषद के वार्ड नंबर 10 के विजेता वकील राम व उनके समर्थक।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिला परिषद के चुनाव में मतदाताओं ने राजनीतिक दलों के अधिकांश बड़े चेहरों को सिरे से नकार दिया है। ग्रामीण अंचल की जनता ने नए चेहरों को राजनीति में आगे बढ़ाने पर विश्वास जताया है। राजनीतिक दलों में सत्तारूढ़ भाजपा से ज्यादा जजपा का पलड़ा भारी रहा है। जजपा के युवा जिलाध्यक्ष की माता चुनाव हार गईं, लेकिन महिला जिलाध्यक्ष पार्षद बन गईं। विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली भी टोहना क्षेत्र में अपने कई समर्थकों को पार्षद बनाने में सफल रहे हैं।
रविवार को सुबह 8 बजे जिला परिषद की मतगणना शुरू हुई। इसके बाद पंचायत समिति के मतों की गणना हुई। मतगणना केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। जैसे-जैसे विजेताओं के नामों की घोषणा होती रही, उनके समर्थकों द्वारा ढोल, डीजे बजाकर व गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया गया। बता दें कि जिले में सबसे बड़ी जीत वार्ड नंबर 17 के जिला पार्षद अनूप कुमार की रही है। अनूप कुमार ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6763 वोटों से हराया है। वार्ड 17 में डाले गए कुल 22816 वोटों में से अनूप कुमार को 10980 वोट मिले, जबकि अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी नेकीराम को 4217 वोट ही मिले। वहीं, सबसे कम वोटों की जीत वार्ड 14 के रामनिवास की रही, रामनिवास ने महेंद्र पारता को मात्र 51 वोटों से हराया है। वार्ड 14 में कुल डाले गए 23,750 वोटों में से रामनिवास को 4437 मिले हैं और महेंद्र पारता 4386 वोट मिले हैं।
सिंबल पर नहीं लड़ी, फिर भी भाजपा समर्थित हर बड़ा चेहरा हारा
भारतीय जनता पार्टी ने सिंबल पर बेशक जिले में चुनाव नहीं लड़ा। मगर, कई बड़े भाजपाई चेहरे बिना सिंबल के मैदान में उतरे थे। इनमें से अधिकांश की हार हुई है। सांसद सुनीता दुग्गल के खासमखास इंद्र गावड़ी वार्ड नंबर सात से तीसरे नंबर पर रहे हैं। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला के नजदीकी और जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन राजेश कसवां और उनकी पत्नी दोनों को करारी हार मिली है। हैरानी यह है कि दोनों ही चौथे स्थान पर रहे हैं। भाजपा के पदाधिकारी सत्य रावल भादू वार्ड 5 से तीसरे नंबर पर रहे।
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तीसरे नंबर पर रहीं जजपा युवा जिलाध्यक्ष की माता
जजपा जिला परिषद में ठीक स्कोर बना गई है। मगर, युवा जिलाध्यक्ष अजय संधू की माता दविंद्र कौर संधू वार्ड 11 में तीसरे स्थान पर रही हैं। वहीं, महिला जिलाध्यक्ष कलाशो रानी को वार्ड 16 से जीत मिली है। इसके अलावा वार्ड नंबर 18 में जजपा कोटे से मंत्री देवेंद्र बबली के निजी सचिव गगनदीप की पत्नी परमजीत कौर जीती हैं। वार्ड नंबर 17 के पार्षद बने अनूप कुमार व वार्ड 15 की मंजू रानी भी मंत्री बबली की समर्थक हैं।
इनेलो ने सिंबल पर पांच लड़ाए, एक भी नहीं जीता
इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से पांच वार्डों में पार्टी के चुनाव निशान पर दावेदार उतारे गए थे। इन पांचों में से एक भी प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाया है। पांच में से चार प्रत्याशी तो टॉप थ्री में भी स्थान नहीं बना पाए। सिर्फ पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा के बेटे परमिंद्र सिंह ही दूसरा स्थान हासिल कर पाए हैं। इनेलो के निशान पर वार्ड नंबर पांच से कृष्ण कुमार, वार्ड नंबर आठ से गुरकरन सिंह, वार्ड नौ से सपना, वार्ड दस से परमिंद्र सिंह व वार्ड 15 से अनीता ने चुनाव लड़ा। वार्ड पांच में कृष्ण कुमार पांचवें स्थान पर रहे। गुरकरन सिंह को भी पांचवां स्थान मिला। वार्ड 9 में इनेलो प्रत्याशी सपना छठे नंबर पर रही। वार्ड 10 में परमिंद्र सिंह दूसरे नंबर पर रहे। वार्ड 15 से अनीता सातवें नंबर पर रहीं।
एक पार्षद बनाने में सफल रही आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी भी अपना एक पार्षद से खाता खोलने में सफल रही है। आप के जिलाध्यक्ष अजय झाझड़ा के छोटे भाई रामनिवास मिठू वार्ड नंबर 14 से 51 वोटों से जीतकर पार्षद बने हैं।
पूरे जिले में बीएसपी का था एकमात्र प्रत्याशी, वह भी हारा
पूरे जिले में बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र प्रत्याशी वार्ड नंबर आठ से ईश्वर सिंह चुनाव मैदान में थे। मगर, उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा है। वार्ड नंबर आठ में ईश्वर सिंह को मात्र 2180 वोट मिले हैं। वह छठे स्थान पर रहे हैं।
अभी तक कांग्रेस का एक पार्षद माना जा रहा
वार्ड नंबर तीन के पार्षद गौरव शर्मा पूर्व विधायक बलवान सिंह के नजदीकी हैं। इस कारण उन पर कांग्रेस अपना दावा कर रही है। बाकी ऐसा कोई पार्षद नहीं जीता है, जो कांग्रेस का प्रमुख पदाधिकारी रहा हो।
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रविवार को सुबह 8 बजे जिला परिषद की मतगणना शुरू हुई। इसके बाद पंचायत समिति के मतों की गणना हुई। मतगणना केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। जैसे-जैसे विजेताओं के नामों की घोषणा होती रही, उनके समर्थकों द्वारा ढोल, डीजे बजाकर व गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया गया। बता दें कि जिले में सबसे बड़ी जीत वार्ड नंबर 17 के जिला पार्षद अनूप कुमार की रही है। अनूप कुमार ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6763 वोटों से हराया है। वार्ड 17 में डाले गए कुल 22816 वोटों में से अनूप कुमार को 10980 वोट मिले, जबकि अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी नेकीराम को 4217 वोट ही मिले। वहीं, सबसे कम वोटों की जीत वार्ड 14 के रामनिवास की रही, रामनिवास ने महेंद्र पारता को मात्र 51 वोटों से हराया है। वार्ड 14 में कुल डाले गए 23,750 वोटों में से रामनिवास को 4437 मिले हैं और महेंद्र पारता 4386 वोट मिले हैं।
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सिंबल पर नहीं लड़ी, फिर भी भाजपा समर्थित हर बड़ा चेहरा हारा
भारतीय जनता पार्टी ने सिंबल पर बेशक जिले में चुनाव नहीं लड़ा। मगर, कई बड़े भाजपाई चेहरे बिना सिंबल के मैदान में उतरे थे। इनमें से अधिकांश की हार हुई है। सांसद सुनीता दुग्गल के खासमखास इंद्र गावड़ी वार्ड नंबर सात से तीसरे नंबर पर रहे हैं। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला के नजदीकी और जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन राजेश कसवां और उनकी पत्नी दोनों को करारी हार मिली है। हैरानी यह है कि दोनों ही चौथे स्थान पर रहे हैं। भाजपा के पदाधिकारी सत्य रावल भादू वार्ड 5 से तीसरे नंबर पर रहे।
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तीसरे नंबर पर रहीं जजपा युवा जिलाध्यक्ष की माता
जजपा जिला परिषद में ठीक स्कोर बना गई है। मगर, युवा जिलाध्यक्ष अजय संधू की माता दविंद्र कौर संधू वार्ड 11 में तीसरे स्थान पर रही हैं। वहीं, महिला जिलाध्यक्ष कलाशो रानी को वार्ड 16 से जीत मिली है। इसके अलावा वार्ड नंबर 18 में जजपा कोटे से मंत्री देवेंद्र बबली के निजी सचिव गगनदीप की पत्नी परमजीत कौर जीती हैं। वार्ड नंबर 17 के पार्षद बने अनूप कुमार व वार्ड 15 की मंजू रानी भी मंत्री बबली की समर्थक हैं।
इनेलो ने सिंबल पर पांच लड़ाए, एक भी नहीं जीता
इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से पांच वार्डों में पार्टी के चुनाव निशान पर दावेदार उतारे गए थे। इन पांचों में से एक भी प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाया है। पांच में से चार प्रत्याशी तो टॉप थ्री में भी स्थान नहीं बना पाए। सिर्फ पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा के बेटे परमिंद्र सिंह ही दूसरा स्थान हासिल कर पाए हैं। इनेलो के निशान पर वार्ड नंबर पांच से कृष्ण कुमार, वार्ड नंबर आठ से गुरकरन सिंह, वार्ड नौ से सपना, वार्ड दस से परमिंद्र सिंह व वार्ड 15 से अनीता ने चुनाव लड़ा। वार्ड पांच में कृष्ण कुमार पांचवें स्थान पर रहे। गुरकरन सिंह को भी पांचवां स्थान मिला। वार्ड 9 में इनेलो प्रत्याशी सपना छठे नंबर पर रही। वार्ड 10 में परमिंद्र सिंह दूसरे नंबर पर रहे। वार्ड 15 से अनीता सातवें नंबर पर रहीं।
एक पार्षद बनाने में सफल रही आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी भी अपना एक पार्षद से खाता खोलने में सफल रही है। आप के जिलाध्यक्ष अजय झाझड़ा के छोटे भाई रामनिवास मिठू वार्ड नंबर 14 से 51 वोटों से जीतकर पार्षद बने हैं।
पूरे जिले में बीएसपी का था एकमात्र प्रत्याशी, वह भी हारा
पूरे जिले में बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र प्रत्याशी वार्ड नंबर आठ से ईश्वर सिंह चुनाव मैदान में थे। मगर, उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा है। वार्ड नंबर आठ में ईश्वर सिंह को मात्र 2180 वोट मिले हैं। वह छठे स्थान पर रहे हैं।
अभी तक कांग्रेस का एक पार्षद माना जा रहा
वार्ड नंबर तीन के पार्षद गौरव शर्मा पूर्व विधायक बलवान सिंह के नजदीकी हैं। इस कारण उन पर कांग्रेस अपना दावा कर रही है। बाकी ऐसा कोई पार्षद नहीं जीता है, जो कांग्रेस का प्रमुख पदाधिकारी रहा हो।

फतेहाबाद के जिला परिषद वार्ड नंबर 4 से चुनी गई पार्षद सीमा रानी जब मतगणना केंद्र से बाहर आई तो समर्- फोटो : Fatehabad

सबसे अधिक वोटों से विजयी हुए वार्ड नंबर 17 के पार्षद अनूप कुमार के साथ उनके समर्थक।- फोटो : Fatehabad