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Fatehabad News: चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रजिस्ट्री क्लर्क गिरफ्तार
Tue, 13 Oct 2026 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 13 Oct 2026 10:42 PM IST
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एंटी करप्शन ब्यूरो के इंचार्ज मनमोहन सिंह व उसकी टीम आरोपी रजिस्ट्री क्लर्क बलविंदर सिंह को रिश
रतिया। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार दोपहर तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्क बलविंदर सिंह को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर गांव नथवान निवासी किसान नेता गुरदीप सिंह शेरगढ़ से जमीन की रजिस्ट्री करने की एवज में रिश्वत लेने का आरोप हैं।
एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि गुरदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि रजिस्ट्री क्लर्क जमीन की रजिस्ट्री करने के बदले रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने पर उच्च अधिकारियों ने सहायक भूमि निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। इसके बाद एसीबी टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
गुरदीप सिंह ने बताया कि गांव नथवान में उनकी डेढ़ एकड़ पुश्तैनी जमीन है। इसमें से उन्हें अपने चाचा से ब्लड रिलेशन के तहत चार कनाल जमीन अपने नाम करवानी थी। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री की फाइल जमा करवाई थी।
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आरोप है कि क्लर्क बलविंदर सिंह ने फाइल में कमियां निकालते हुए रजिस्ट्री करने के बदले 29 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद रिश्वत की रकम पांच हजार रुपये तक पहुंची और आखिर में चार हजार रुपये में सौदा तय हुआ। गुरदीप सिंह ने रिश्वत मांगने की जानकारी किसान नेता मनदीप सिंह नथवान को दी। इसके बाद एसीबी में शिकायत की गई।
टीम ने गुरदीप सिंह को क्लर्क से बातचीत के लिए एक डिवाइस दी। बातचीत में क्लर्क ने चार हजार रुपये लेकर मंगलवार दोपहर तहसील कार्यालय आने को कहा। तय योजना के अनुसार गुरदीप सिंह एसीबी टीम के साथ कार्यालय पहुंचे। जैसे ही उन्होंने क्लर्क को चार हजार रुपये दिए टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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20 दिन पहले ही आया था तहसील कार्यालय में
आरोपी क्लर्क बलविंदर सिंह अभी 20 दिन पूर्व भी रतिया तहसील में आया है। एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह कहां की अभी रिश्वत लेते पकड़े गए क्लर्क के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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चार माह में 4 कर्मचारी गिरफ्तार
एसीबी की टीम काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में 4 महीने में चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मंगलवार को रजिस्ट्री क्लर्क की गिरफ्तारी से पहले 26 सितंबर को पटवारी मेहर सिंह को 1500 रुपये, 26 जून को तहसील कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में जूनियर प्रोग्रामर जोगिंदर कुमार 2500 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। 6 अगस्त को टीम ने बिजली निगम के लाइनमैन सतपाल सिंह को सरदूलगढ़ कैंची चौक पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
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एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि गुरदीप सिंह ने शिकायत दी थी कि रजिस्ट्री क्लर्क जमीन की रजिस्ट्री करने के बदले रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने पर उच्च अधिकारियों ने सहायक भूमि निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। इसके बाद एसीबी टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
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गुरदीप सिंह ने बताया कि गांव नथवान में उनकी डेढ़ एकड़ पुश्तैनी जमीन है। इसमें से उन्हें अपने चाचा से ब्लड रिलेशन के तहत चार कनाल जमीन अपने नाम करवानी थी। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री की फाइल जमा करवाई थी।
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आरोप है कि क्लर्क बलविंदर सिंह ने फाइल में कमियां निकालते हुए रजिस्ट्री करने के बदले 29 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद रिश्वत की रकम पांच हजार रुपये तक पहुंची और आखिर में चार हजार रुपये में सौदा तय हुआ। गुरदीप सिंह ने रिश्वत मांगने की जानकारी किसान नेता मनदीप सिंह नथवान को दी। इसके बाद एसीबी में शिकायत की गई।
टीम ने गुरदीप सिंह को क्लर्क से बातचीत के लिए एक डिवाइस दी। बातचीत में क्लर्क ने चार हजार रुपये लेकर मंगलवार दोपहर तहसील कार्यालय आने को कहा। तय योजना के अनुसार गुरदीप सिंह एसीबी टीम के साथ कार्यालय पहुंचे। जैसे ही उन्होंने क्लर्क को चार हजार रुपये दिए टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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20 दिन पहले ही आया था तहसील कार्यालय में
आरोपी क्लर्क बलविंदर सिंह अभी 20 दिन पूर्व भी रतिया तहसील में आया है। एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह कहां की अभी रिश्वत लेते पकड़े गए क्लर्क के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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चार माह में 4 कर्मचारी गिरफ्तार
एसीबी की टीम काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में 4 महीने में चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मंगलवार को रजिस्ट्री क्लर्क की गिरफ्तारी से पहले 26 सितंबर को पटवारी मेहर सिंह को 1500 रुपये, 26 जून को तहसील कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में जूनियर प्रोग्रामर जोगिंदर कुमार 2500 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। 6 अगस्त को टीम ने बिजली निगम के लाइनमैन सतपाल सिंह को सरदूलगढ़ कैंची चौक पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।