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Fatehabad News: नगर परिषद से एचएसवीपी में गया रिकॉर्ड फिर भी खत्म नहीं हुआ प्रॉपर्टी पर एक्सटेंशन चार्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 01:56 AM IST
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Record passed from Municipal Council to HSVP yet extension charge on property not ended
फतेहाबाद के बत्रा धर्मशाला में बैठक करते हुए मॉडल टाउन निवासी
फतेहाबाद। शहर के मॉडल टाउन स्थित प्रॉपर्टी पर लगाए गए एक्सटेंशन चार्ज को एचएसवीपी खत्म नहीं कर रही है। एचएसवीपी से नगर परिषद में आए रिकॉर्ड और चार्ज माफ करने की उम्मीद के साथ वापस भेजे गए लेकिन फिर भी नो ड्यूज नहीं मिला। इसके चलते मॉडल टाउन क्षेत्र के करीब 700 से 750 प्रॉपर्टी मालिक प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को प्रॉपर्टी पर लगाए गए शुल्क को लेकर प्रॉपर्टी मालिकों ने बत्रा धर्मशाला में एकत्र होकर बैठक की। बैठक में मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रॉपर्टी मालिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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मॉडल टाउन निवासियों ने बैठक में कहा कि गलत तरीके से शुल्क लगाए गए हैं। एक प्रॉपर्टी पर करीब 18 से 20 लाख रुपये शुल्क और फिर जुर्माना लग चुका है। इसके चलते न तो प्रॉपर्टी की खरीद-बेच हो पा रही है और न ही लोन ले पा रहे हैं। पार्षद अर्जुन कटारिया, मॉडल टाउन निवासी विनोद अरोडा, दिनेश गेरा, हिमांशु गेरा, सन्नी ग्रोवर, डॉ. पवन मेहता, राजू नारंग ने कहा कि 1956 में मंडी टाउनशिप के तहत यहां पर भूखंड काटे गए थे और आवंटित किए गए। 1986 में इसे हुडा जो कि अब एचएसवीपी को दे दिया गया। एचएसवीपी ने यहां के प्रॉपर्टी पर एक्सटेंशन शुल्क लगा दिए। जबकि ये तय हुआ था कि कोई शुल्क नहीं लगेंगे। लेकिन शुल्क माफ नहीं किए गए और जुर्माना लगते-लगते ये 18 से 20 लाख रुपये तक पहुंच गए हैं। निवासी सन्नी ग्रोवर का कहना है कि वर्ष 2016 में पॉलिसी का हवाला देते हुए 11-11 हजार रुपये, नक्शे की कॉपी जमा करवा ली गई और कहा कि शुल्क माफ किए जाएंगे। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हालात ये है कि नो ड्यूज न मिलने के कारण प्रॉपर्टी न तो बेची जा सकती है और न ही कोई लोन ले सकता है। पोर्टल पर शुल्क दिखाए जा रहे हैं।
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पिछले साल नगर परिषद से भेजा गया रिकॉर्ड
मंडी टाउनशिप यानि मॉडल टाउन का रिकॉर्ड वर्ष 2020 में नगर परिषद में लाया गया था। यहां रिकॉर्ड इसलिए लाया गया ताकि लोगों को हिसार के चक्कर न लगाने पड़े। लेकिन सॉफ्टवेयर नहीं दिया गया और प्रॉपर्टी मालिकों के लिए ज्यादा परेशानी हो गई। इसके बाद यहां से रिकॉर्ड एचएसवीपी ने मंगवा लिया ये कहकर शुल्क वापसी पर कार्रवाई होगी। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है।
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कोट
पिछली तीन सरकारों से ये मामला चल रहा है। लेकिन किसी ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया है। तीन से चार बाद मंत्रियों से मिला जा चुका है। मॉडल टाउन निवासियों की प्रॉपर्टी पर नाजायज शुल्क है। इसको माफ करवाकर रहेंगे। कहने को प्रॉपर्टी करोड़ों रुपये की है लेकिन वैल्यू जीरो है।
-अर्जुन कटारिया, पार्षद
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