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Fatehabad News: बढ़े बिजली बिलों से 300 गरीब परिवारों का राशन बंद
Fri, 12 Dec 2025 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:42 PM IST
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फतेहाबाद के क्रीड विभाग में परिवार पहचान पत्र व आय संबधि जानकारी लेने पहुंचे लोग। संवाद
फतेहाबाद। जिले में बढ़े बिजली बिलों का सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ा है। वार्षिक बिजली बिल 24,000 रुपये से अधिक दर्ज होने पर करीब 300 परिवारों के सस्ते राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। इससे प्रभावित परिवार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि बिजली मीटर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनका मासिक बिल असामान्य रूप से बढ़ गया। इस कारण उन्हें गलत तरीके से गरीबी रेखा से बाहर कर दिया गया। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, परिवार पहचान पत्र के आंकड़े में जिन परिवारों का वार्षिक बिजली खर्च निर्धारित सीमा से ज्यादा पाया गया है, उन्हें बीपीएल श्रेणी से हटाया जा रहा है।
इसी प्रक्रिया में जिले के लगभग 300 परिवारों का सस्ता राशन बंद हुआ है। प्रभावित लोगों के अनुसार बिजली निगम की दरों में निरंतर बढ़ोतरी, सरचार्ज और अलग-अलग शुल्क जुड़ने से बिल की राशि बढ़ गई, जिससे उनका वार्षिक खर्च निर्धारित सीमा पार कर गया है। राशन बंद होने से इन परिवारों को अब महंगे दर पर अनाज व सरसों का तेल आदि खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। अब तक यह परिवार पूरी तरह से सरकारी राशन पर निर्भर रहे।
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तकनीकी गड़बड़ी या मीटर की खामी
राशन कार्ड कटने की समस्या के बारे में क्रीड विभाग के कार्यालय में पहुंचे लोगों ने बिजली मीटरों में गड़बड़ी के बारे में बताया है। उनका कहना है कि वे गरीब हैं और सामान्यत: उनका बिजली उपभोग कम होता है, लेकिन मीटर में गड़बड़ी के कारण उनका सालाना बिल 24,000 की सीमा को पार कर गया है। पीड़ित परिवार अब क्रीड विभाग के कार्यालयों में शिकायतें दर्ज करा अधिकारियों से राशन कार्ड बहाली करने की मांग कर रहे हैं।
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मेरे घर में लगे बिजली के मीटर में तकनीकी गड़बड़ी थी। इसकी सूचना जब निगम को दी गई तो उन्होंने दो माह पहले ही नया मीटर लगाया है। इसका बिजली बिल 1000 या 1200 के आसपास रहता है। ऐसे में अब मेरा राशन कार्ड बहाल किए जाए।
-लखबीर सिंह।
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तकनीकी खामी या रीडिंग में त्रुटि के ज्यादा बिजली बिल आया है। हम ज्यादा बिजली का उपयोग नहीं करते। अचानक इतना बिल आना मीटर में गड़बड़ी या विभाग की गलती है। प्रशासन से मांग है कि हमारा राशन कार्ड बहाल किया जाए।
-बीरभान।
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माह पहले राशन मिलना बंद हो गया। इस संबंध में जब क्रीड विभाग में जाकर पता किया तो पता चला कि बिजली बिल 24000 से अधिक होने पर राशन कार्ड काटा गया है। निगम से इस बारे में कारण लिखवाकर रिक्वेस्ट डलवा दी है।
-सोनू खुंबर
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:: जिन परिवारों को लगता है कि उनके कार्ड गलत कटे हैं, वे आवश्यक दस्तावेज जैसे कम बिजली खपत का प्रमाणपत्र जमा करके शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से अपील कर सकते हैं। क्रीड विभाग की ओर से सभी लोगों की संभव मदद व सहायता की जा रही है।
-सुरेश कुमार, जिला प्रबंधक नागरिक संसाधन सूचना विभाग, फतेहबाद।
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:: उपभोक्ताओं की ओर से की गई खपत के अनुसार ही बिजली बिल आता है। अगर किसी उपभोक्ता को मीटर में खामी होने का शक है तो वह उसकी जांच करवा सकता है। जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो तुरंत बिजली मीटर बदल दिया जाएगा।
-रविंद्र, एसडीओ, शहरी उपमंडल, फतेहाबाद।
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पीड़ित परिवारों का कहना है कि बिजली मीटर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनका मासिक बिल असामान्य रूप से बढ़ गया। इस कारण उन्हें गलत तरीके से गरीबी रेखा से बाहर कर दिया गया। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, परिवार पहचान पत्र के आंकड़े में जिन परिवारों का वार्षिक बिजली खर्च निर्धारित सीमा से ज्यादा पाया गया है, उन्हें बीपीएल श्रेणी से हटाया जा रहा है।
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इसी प्रक्रिया में जिले के लगभग 300 परिवारों का सस्ता राशन बंद हुआ है। प्रभावित लोगों के अनुसार बिजली निगम की दरों में निरंतर बढ़ोतरी, सरचार्ज और अलग-अलग शुल्क जुड़ने से बिल की राशि बढ़ गई, जिससे उनका वार्षिक खर्च निर्धारित सीमा पार कर गया है। राशन बंद होने से इन परिवारों को अब महंगे दर पर अनाज व सरसों का तेल आदि खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। अब तक यह परिवार पूरी तरह से सरकारी राशन पर निर्भर रहे।
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तकनीकी गड़बड़ी या मीटर की खामी
राशन कार्ड कटने की समस्या के बारे में क्रीड विभाग के कार्यालय में पहुंचे लोगों ने बिजली मीटरों में गड़बड़ी के बारे में बताया है। उनका कहना है कि वे गरीब हैं और सामान्यत: उनका बिजली उपभोग कम होता है, लेकिन मीटर में गड़बड़ी के कारण उनका सालाना बिल 24,000 की सीमा को पार कर गया है। पीड़ित परिवार अब क्रीड विभाग के कार्यालयों में शिकायतें दर्ज करा अधिकारियों से राशन कार्ड बहाली करने की मांग कर रहे हैं।
मेरे घर में लगे बिजली के मीटर में तकनीकी गड़बड़ी थी। इसकी सूचना जब निगम को दी गई तो उन्होंने दो माह पहले ही नया मीटर लगाया है। इसका बिजली बिल 1000 या 1200 के आसपास रहता है। ऐसे में अब मेरा राशन कार्ड बहाल किए जाए।
-लखबीर सिंह।
तकनीकी खामी या रीडिंग में त्रुटि के ज्यादा बिजली बिल आया है। हम ज्यादा बिजली का उपयोग नहीं करते। अचानक इतना बिल आना मीटर में गड़बड़ी या विभाग की गलती है। प्रशासन से मांग है कि हमारा राशन कार्ड बहाल किया जाए।
-बीरभान।
माह पहले राशन मिलना बंद हो गया। इस संबंध में जब क्रीड विभाग में जाकर पता किया तो पता चला कि बिजली बिल 24000 से अधिक होने पर राशन कार्ड काटा गया है। निगम से इस बारे में कारण लिखवाकर रिक्वेस्ट डलवा दी है।
-सोनू खुंबर
:: जिन परिवारों को लगता है कि उनके कार्ड गलत कटे हैं, वे आवश्यक दस्तावेज जैसे कम बिजली खपत का प्रमाणपत्र जमा करके शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से अपील कर सकते हैं। क्रीड विभाग की ओर से सभी लोगों की संभव मदद व सहायता की जा रही है।
-सुरेश कुमार, जिला प्रबंधक नागरिक संसाधन सूचना विभाग, फतेहबाद।
:: उपभोक्ताओं की ओर से की गई खपत के अनुसार ही बिजली बिल आता है। अगर किसी उपभोक्ता को मीटर में खामी होने का शक है तो वह उसकी जांच करवा सकता है। जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो तुरंत बिजली मीटर बदल दिया जाएगा।
-रविंद्र, एसडीओ, शहरी उपमंडल, फतेहाबाद।