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Fatehabad News: रिश्वत के आरोप में फंसे जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता की जमानत याचिका खारिज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jan 2023 10:57 PM IST
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Public Health Department executive engineer's bail plea rejected for bribery charges
फतेहाबाद। भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता तरुण गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने कार्यकारी अभियंता को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
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कार्यकारी अभियंता के वकील ने अदालत से गुहार लगाई थी कि इस मामले में एसडीओ दीपक की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनके क्लाइंट की कोई भूमिका नहीं है। इस पर अदालत में मौजूद विजिलेंस डीएसपी राकेश मलिक ने अदालत को बताया कि उन्होंने आरोपी कार्यकारी अभियंता से रिश्वत में ली गई नौ हजार की रकम बरामद करनी है तथा आरोपी का वॉयस सैंपल लेना है। उनके पास कार्यकारी अभियंता की रिकॉर्डिंग ऑडियो है। ऑडियो के साथ कार्यकारी अभियंता की आवाज मैच करवानी है। सत्र न्यायाधीश ने विजिलेंस की दलीलों को स्वीकार कर कार्यकारी अभियंता को जमानत देने से इंकार कर दिया। अब फरार चल रहे कार्यकारी अभियंता पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। अब वह जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
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यह था मामला
उल्लेखनीय है कि मेहूवाला के ठेकेदार विक्रम सिंह ने भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा सात, 13(1) बी व आईपीसी की धारा 120बी के तहत एक्सईन व एसडीओ पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करवाया था। विक्रम ने नए बस स्टैंड मताना से हनुमान मंदिर चौक तक पानी की पाइप लाइन बिछाने का ठेका लिया था। इस काम का उसका एक लाख रुपये का बिल बकाया था। बिल पास करवाने के लिए कार्यकारी अभियंता से मुलाकात की तो उसने 20 हजार रुपये मांगे। विक्रम ने नौ हजार तो मौके पर दे दिए, जबकि बाकी रकम 10 जनवरी को देने को कहा। विक्रम ने इस मुलाकात की रिकॉर्डिंग अपने फोन में कर ली। वह पांच जनवरी को इस काम की पेमेंट के लिए एसडीओ दीपक से मिला तो उसने आठ हजार रुपये की डिमांड की। विक्रम ने दीपक की बात भी रिकॉर्ड कर ली। शिकायत के बाद विजिलेंस ने रेड में एसडीओ दीपक को 16 हजार रुपये की रिश्वत लेते काबू कर लिया। मगर कार्यकारी अभियंता वहां से चले जाने में सफल हो गए।
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