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ट्रैक्टर यात्रा में भाग लेकर दिल्ली से लौटे किसान की हार्ट अटैक से मौत
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कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर यात्रा में भाग लेेकर दिल्ली से लौटे किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। 42 वर्षीय किसान शमशेर सिंह तबीयत खराब होने पर मंगलवार रात गांव लौटे थे। तभी परिजन उन्हें नागरिक अस्पताल लेकर गए। जहां से चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि परिजन हिसार स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। दोपहर पार्थिव शरीर पर किसान यूनियन का बैनर लगाकर अंतिम यात्रा निकाली गई। इसके बाद शव का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
गांव समैण निवासी शमशेर सिंह 23 जनवरी को टीकरी बॉर्डर पर गए थे। वह तीन दिन से धरने पर ही थे। गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर यात्रा में भाग लेने के बाद दिल्ली से जब वह वापस धरनास्थल पर लौटे तो उनकी तबीयत खराब हो गई और खुद ही घर लौट गए। परिजनों को तबीयत के बारे में बताया तो परिजन नागरिक अस्पताल लेकर गए। हालत को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे शमशेर
मृतक शमशेर के तीन भाई हैं। शमशेर विवाहित थे, उनके दो बच्चे हैं। रमेश जांडली ने बताया कि उनके बहनोई शमशेर गांव में ही करीब दो एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे।
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परिवार ने कहा, शहीद हुए हैं शमशेर सिंह
मृतक किसान के भतीजे करण सिंह ने बताया कि उनके चाचा शमशेर सिंह दिल्ली में ट्रैक्टर यात्रा में भाग लेने के लिए गए हुए थे। टीकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान वे शहीद हुए हैं। सरकार को किसानों की मांगों को मानते हुए तीनों कानूनों को रद्द करना चाहिए ताकि हर किसान अपने घर सही सलामत वापस आ सके।
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गांव समैण निवासी शमशेर सिंह 23 जनवरी को टीकरी बॉर्डर पर गए थे। वह तीन दिन से धरने पर ही थे। गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर यात्रा में भाग लेने के बाद दिल्ली से जब वह वापस धरनास्थल पर लौटे तो उनकी तबीयत खराब हो गई और खुद ही घर लौट गए। परिजनों को तबीयत के बारे में बताया तो परिजन नागरिक अस्पताल लेकर गए। हालत को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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दो एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे शमशेर
मृतक शमशेर के तीन भाई हैं। शमशेर विवाहित थे, उनके दो बच्चे हैं। रमेश जांडली ने बताया कि उनके बहनोई शमशेर गांव में ही करीब दो एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे।
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परिवार ने कहा, शहीद हुए हैं शमशेर सिंह
मृतक किसान के भतीजे करण सिंह ने बताया कि उनके चाचा शमशेर सिंह दिल्ली में ट्रैक्टर यात्रा में भाग लेने के लिए गए हुए थे। टीकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन के दौरान वे शहीद हुए हैं। सरकार को किसानों की मांगों को मानते हुए तीनों कानूनों को रद्द करना चाहिए ताकि हर किसान अपने घर सही सलामत वापस आ सके।