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Fatehabad News: नशा तस्करों को पकड़ने के लिए शेरू और रैंबो की मदद ले रही पुलिस
Fri, 02 May 2025 07:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 02 May 2025 07:16 PM IST
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डॉग स्क्वायड की मदद से वाहन की जांच करती पुलिस। पुलिस प्रवक्ता
फोटो-25, 26, 27
- पुलिस की ओर से ली गई डॉग स्क्वायड की मदद हुई थी कारगर साबित
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने का लिए अब शेरू और रैंबो की मदद लेगी। दरअसल, पुलिस ने कुछ जगहों पर नशे पर अंकुश लगाने के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली थी, जो कारगर साबित हुई है। इसके बाद निर्णय लिया गया है कि शहर के नाकों पर शेरू और रैंबो की तैनाती की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि नारकोटिक्स मादक पदार्थ के अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अपराधियों पर शिकंजा कसने में डॉग स्क्वायड मददगार साबित हुई है। इसी के चलते यह निर्णय लिया गया है। फतेहाबाद पुलिस में दो डॉग स्क्वायड (खोजी कुत्ता) जिसकी नस्ल लैब्राडोर, नाम रैंबो है। इनको नारकोटिक्स (मादक पदार्थ) तस्करी करने वालों को काबू करने की ट्रेनिंग दी गई।
इसमें नारकोटिक्स शामिल हैं। इनकी ट्रेनिंग आईटीबीपी भानू पंचकुला (राष्ट्रीय स्वान प्रशिक्षण केंद्र) में हुई। शेरु व रैंबो को नशीले पदार्थों को सूंघकर पता लगाने के लिए तैयार किया गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि आईटीबीपी भानू पंचकूला में शेरू व रैंबो को वाहनों में, बिल्डिंग में, सामान में व जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर छुपाए गए नशीले पदार्थों को खोजने की विशेष तरह की ट्रेनिंग दी गई है। ईएसआई वेद प्रकाश व सिपाही विनोद को निगरानी में नियुक्त किया गया है।
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- पुलिस की ओर से ली गई डॉग स्क्वायड की मदद हुई थी कारगर साबित
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने का लिए अब शेरू और रैंबो की मदद लेगी। दरअसल, पुलिस ने कुछ जगहों पर नशे पर अंकुश लगाने के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली थी, जो कारगर साबित हुई है। इसके बाद निर्णय लिया गया है कि शहर के नाकों पर शेरू और रैंबो की तैनाती की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि नारकोटिक्स मादक पदार्थ के अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अपराधियों पर शिकंजा कसने में डॉग स्क्वायड मददगार साबित हुई है। इसी के चलते यह निर्णय लिया गया है। फतेहाबाद पुलिस में दो डॉग स्क्वायड (खोजी कुत्ता) जिसकी नस्ल लैब्राडोर, नाम रैंबो है। इनको नारकोटिक्स (मादक पदार्थ) तस्करी करने वालों को काबू करने की ट्रेनिंग दी गई।
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इसमें नारकोटिक्स शामिल हैं। इनकी ट्रेनिंग आईटीबीपी भानू पंचकुला (राष्ट्रीय स्वान प्रशिक्षण केंद्र) में हुई। शेरु व रैंबो को नशीले पदार्थों को सूंघकर पता लगाने के लिए तैयार किया गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि आईटीबीपी भानू पंचकूला में शेरू व रैंबो को वाहनों में, बिल्डिंग में, सामान में व जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर छुपाए गए नशीले पदार्थों को खोजने की विशेष तरह की ट्रेनिंग दी गई है। ईएसआई वेद प्रकाश व सिपाही विनोद को निगरानी में नियुक्त किया गया है।
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