फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   pm aawas yojna, house, Hundreds of applicants living on polythene roofs and rental houses, fatehabad

प्लास्टिक की चादर और किराये के मकानों के सहारे गुजारा कर रहे सैकड़ों आवेदक

Sat, 29 Feb 2020 10:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 10:54 PM IST
विज्ञापन
pm aawas yojna, house, Hundreds of applicants living on polythene roofs and rental houses, fatehabad
भूना में प्रधानमंत्री आवास योजना की योग्य पात्र पॉलिथीन की छत बनाकर रहने को मजबूर। - फोटो : Fatehabad
भूना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधिकारियों के बहकावे में आकर कच्चा मकान तोड़ने वाले कई परिवार अब अधिकारियों की लापरवाही के चलते सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। कुछ लोग पॉलिथीन की छत लगाने को मजबूर हैं तो कोई किराये के मकानों में पहुंच गया है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए दस महीने पहले एक सर्वे एजेंसी के सदस्यों ने जियो टैगिंग करके करीब पचास परिवारों के कच्चे मकान तुड़वा दिए थे और नींव भरवा दी थी। मगर आज तक उनका मकान योजना के तहत बन नहीं पाया है और पहले जो कच्चे मकान थे उनसे भी उपरोक्त बीपीएल परिवार हाथ धो बैठे हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका भूना में प्रधानमंत्री आवास योजना का जरूरतमंद व योग्य पात्र बीपीएल परिवारों को इसका फायदा मिले। इसी को लेकर योजना के तहत आवेदन मांगे गए थे, जिनमें 5400 लोगों ने योजना के तहत घर बनाने के लिए दस्तावेज जमा करवाए थे। दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया के बाद 1126 लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल किया गया। मगर योजना का फायदा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने की बजाए साधन संपन्न लोगों को देना शुरू कर दिया गया। नगर पालिका के पार्षदों ने जियो टैगिंग करने वाली एजेंसी पर पचास हजार रुपये प्रति मकान लेने के आरोप लगाए, जिसकी जांच हुई और जांच प्रक्रिया में आरोप सही पाए गए थे। उसी के चलते गरीब व जरूरतमंद परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

आठ माह से परिवार मकान बनने का कर रहा इंतजार : लाजवंती
ढक्की मोहल्ला भूना के वार्ड नंबर 9 में लाजवंती पत्नी रामपाल का मकान आवास योजना से जुड़े हुए लोगों ने तुड़वा दिया। लेकिन अब आठ माह बीतने के बावजूद खुले आसमान के नीचे पूरा परिवार मकान बनने की बाट जोह रहा है। लाजवंती का कहना है कि उसने बार-बार नगर पालिका कार्यालय के चक्कर भी लगाए। मगर हर बार जल्द ही उसका घर बनाने का महज आश्वासन ही मिलता रहा। ठंड से बचने के लिए लाजवंती ने पॉलिथीन की छत बना ली। किंतु बारिश के चलते इस परिवार के लिए बार-बार मुसीबत आई। लाजवंती अपने पति व तीन छोटे बच्चों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली छत का इंतजार करती आ रही है।
किराए पर बैठी, अभी तक पहली किस्त भी नहीं मिली : रामरति
वार्ड नंबर 9 निवासी रामरति को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जियो टैगिंग करने आए लोगों ने कच्चा मकान को तुड़वा दिया और उसकी नींव भी भरवा दी। हैरानी की बात तो यह है कि आठ महीने बीत चुके हैं रामरति को योजना के तहत मकान बनाने संबंधित कोई भी किस्त जारी नहीं हुई है। वह पड़ोस में 12 सौ रुपये महीने के हिसाब से किराये पर रह रही है। वहीं उसके सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा है। इसी प्रकार भूना में 26 परिवारों ने अपने कच्चे मकान तोड़कर नींव भर ली है।
अब तक 26 को ही मिली पहली किस्त
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीपीएल परिवार को ढाई लाख रुपये प्रति मकान की ग्रांट मिलती है। आवेदन मंजूर होने के बाद जब आवेदक अपना पुराना कच्चा मकान तोड़कर नींव भरता है तो उसे पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये दिए जाते हैं। जब मकान की छत बन जाती है तो दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये और भेजे जाते हैं। मकान का निर्माण पूरा होने पर कंपलीशन का प्रमाणपत्र देने पर तीसरी किस्त के रूप में पचास हजार रुपये और भेजे जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के जिला संयोजक प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक भूना में 26 लोगों को ही पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये मिल सके हैं।

जियो टैगिंग सर्वे एजेंसी ने बिगाड़ा पूरा वातावरण : नगरपालिका सचिव
नगरपालिका भूना के सचिव संदीप सोलंकी ने बताया कि जियो टैगिंग सर्वे एजेंसी के लोगों ने पूरा वातावरण बिगाड़ कर रख दिया है। मामला चीफ सेक्रेटरी के जानकारी में भी है। लेकिन अब दोबारा योग्य पात्र परिवारों को मकान देने के लिए सर्वे किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed