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शहर में कोचिंग सेंटरों की भरमार, नहीं ले रहे दमकल विभाग से एनओसी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2022 11:18 PM IST
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Plenty of coaching centers in the city, not taking NOC from fire department
शहर का अग्निशमन कार्यालय। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शहर में कई बहुमंजिला इमारतों व भूतल में कोचिंग सेंटर चल रहे हैैं। बहुमंजिला व भूतल इमारतों में चल रहे अधिकतर कोचिंग सेंटर बिना किसी अनुमति और वैध प्रक्रिया के चल रहे हैं। शहर में करीब 60 कोचिंग सेंटर हैं, जिनमें से केवल पांच से छह कोचिंग सेंटरों ने ही दमकल विभाग से एनओसी ले रखी है। इन सेंटरों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं। कई कोचिंग सेंटर ऐसे हैं कि अगर इनमें आग की घटना हो गई, तो बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक या इमरजेंसी गेट तक नहीं हैं। सभी कोचिंग सेंटर बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं।
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बता दें कि कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के कारगर प्रबंध नहीं होने के कारण भविष्य में बड़ा हादसा भी हो सकता है। शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी तक नहीं है। नेशनल बिल्डिंग एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है। जिन इमारतों को फायर एनओसी दी जाती है, उन्हें इमारतों की साइज और ऊंचाई के हिसाब से आग से सुरक्षा के इंतजाम करने होते हैं। अधिकांश इमारतों में सुरक्षा के नाम पर सुरक्षा यंत्र ही लगे हुए हैं। इनके समय से रिफिल कराने की कोई गारंटी नहीं होती। न ही इमारत में रहने वाले लोगों को इमरजेंसी में इन्हें चलाने की कोई ट्रेनिंग दी जाती है। फायर ब्रिगेड के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बहुमंजिला इमारतों में तो पाइप लाइन और अंडरग्राउंड वाटर टैंकों से आग बुझाने की व्यवस्था करना जरूरी होता है। इमरजेंसी गेट नहीं होने के कारण घटना होने पर इन इमारतों से बच्चों को सुरक्षित आसान निकालना मुश्किल साबित हो सकता है। यही हाल शहर के दूसरे क्षेत्र में चल रहे कोचिंग सेंटरों का भी है। किसी भी कोचिंग सेंटर संचालक के पास फायर एनओसी नहीं है।
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ठाकर बस्ती में हैं अधिकांश कोचिंग सेंटर
फतेहाबाद की ठाकर बस्ती में लगभग शहर के अनेक कोचिंग सेंटर हैं। यहां पर भूमिगत व अन्य मंजिलों पर भी कोचिंग सेंटर बने हुए हैं। यहां पर गलियां भी इतनी संकरी हैं कि कोई भी हादसा होने पर दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में दिक्कत होगी। वहीं हर कोचिंग सेंटर में एक शिफ्ट में 20 से 25 बच्चे पढ़ने आते हैं, ऐसे में
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कोट
शहर में लगभग बेसमेंट व अन्य स्थानों पर बने कोचिंग सेंटर एक ही रास्ते के हैं। इनको हम एनओसी नहीं देते। किसी भी कोचिंग सेंटर में अंदर आने व बाहर जाने के रास्ते अलग-अलग होने चाहिए। हमने किसी भी कोचिंग सेंटर को एनओसी नहीं दी है। इसके लिए शहर में सर्वे किया जाएगा और नियमों की पालन नहीं करने वाले कोचिंग सेंटरों और दूसरे बिल्डिंग मालिकों को नोटिस देने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-यासीन खान, फायर सेफ्टी आफिसर, दमकल विभाग फतेहाबाद।
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