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पाइप लाइन दुरुस्त हुई व टेल तक पहुंचा पानी, किसान खुश

Thu, 02 Jan 2020 10:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2020 10:54 PM IST
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Pipeline restored and water reached tail, farmers happy, fatehabad
नाढोड़ी सब माइनर की पाइप लाइन की अंतिम टेल पर पहुंचा पानी दिखाते किसान। - फोटो : Fatehabad
भूना। नाढोड़ी सब माइनर की अंडर ग्राउंड पाइप लाइन से रिसाव पानी की समस्या का समाधान हो गया है। इसके बाद लीकेज पूर्ण रूप से बंद हो गई है और पानी टेल पर पहुंच गया जिससे किसान खुश हो गए हैं। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता भूप सिंह व उपमंडल अधिकारी मदन लाल मित्तल तथा ललित सिंगला की मौजूदगी में पाइप लाइन में साढे़ सात क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पाइप लाइन में पानी चंद्रावल माइनर से छोड़े जाने के बाद 8 किलोमीटर दूरी तक निरीक्षण किया लेकिन कहीं भी पानी का रिसाव नहीं हुआ। मगर फिर भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार को एक साल के लिए पाइपलाइन की जवाबदेही तय कर दी है। अगर कहीं भी पाइपलाइन लीकेज होती है तो ठेकेदार जिम्मेदार होगा। जिस को लेकर विभाग ने ठेकेदार की 35 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि भी अपने पास रख ली है।
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मोगे बंद होने से आई थी समस्या : एसडीओ
सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी मदन लाल मित्तल ने बताया कि नवनिर्मित अंडर ग्राउंड पाइप लाइन चंद्रावल माइनर से लेकर नाढोङी टेल तक लगभग 8 किलोमीटर दूरी तक बिछाई है। पाइपलाइन से खेतों में सिंचाई के लिए छह मोगे छोड़े गए हैं परंतु पाइपलाइन की ट्रायल के दौरान किसानों ने उपरोक्त मोगे बंद कर दिए थे। क्योंकि उस समय पानी की खेतों में आवश्यकता नहीं थी। पाइपलाइन ओवरफ्लो होने के कारण लीकेज हुई थी, मगर ठेकेदार को पाइपलाइन से हुई लीकेज को बंद करने के लिए नोटिस दिए गए थे। जिसके बाद नहर बंदी के दौरान पाइप लाइन का निर्माण कार्य किया और पुन: ट्रायल लिया। मगर अब अंडरग्राउंड पाइप लाइन पूरी तरह से दुरुस्त हो गई है कहीं से भी विभाग के अधिकारियों को लीकेज नहीं मिली और पानी भी टेल पर पहुंच गया है।
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पाइप की सुरक्षा को लेकर पांच डिस्चार्ज बोरवेल लगेंगे
उपमंडल अधिकारी मदनलाल मित्तल ने बताया कि पाइपलाइन से किसानों को खेतों में पानी की जरूरत नहीं होगी तो मोगे बंद होंगे तब यह समस्या खड़ी हो सकती है इसलिए पाइपलाइन के साथ मोगो की जगह पर पांच डिस्चार्ज बोरवेल लगाए जाएंगे। अगर मोगे बंद होते हैं तो पाइपलाइन का पानी डिस्चार्ज बोरवेल में डाला जा सकता है जिससे पाइप लाइन लीकेज होने की संभावना भी नहीं रहेगी।
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2 करोड़ 88 लाख की लागत से बिछाई पाइपलाइन
सिंचाई विभाग ने नाढोड़ी सब माइनर को आठ किलोमीटर दूरी तक अंडर ग्राउंड पाइप लाइन बिछाकर किसानों को टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश की है। जिस पर 2 करोड़ 88 लाख रुपये लागत आई है। माइनर की पाइपलाइन 23 हजार 600 फीट लंबाई में डाली जानी है। जबकि मौके पर 22 हजार 300 फीट पाइप लाइन ठेकेदार ने अंडर ग्राउंड बिछा दी है।
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