Fatehabad: जाखल में नशे के खिलाफ लामबंद हुए लोग, थाने में पहुंचकर नशा तस्करों पर कार्रवाई की उठाई मांग
फतेहाबाद के जाखल में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले लोग जब कथित रूप से नशे के कारोबार करने वाले लोगों के घर पहुंचे तो उन पर पथराव कर दिया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखने को मिल रह है कि कुछ महिलाएं व पुरुष चौबारे से घर के बाहर खड़े लोगों पर पथराव कर रहे हैं।
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हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर बसे जाखल क्षेत्र में नशे के खिलाफ लोग लामबंद होने लगे हैं। सोमवार को गांव जाखल के सरपंच अर्जुन सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पुलिस स्टेशन में पहुंच कर पुलिस प्रशासन से नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं। इससे पहले ग्रामीण गांव के स्कूल में भी गए। जहां अध्यापकों के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर चर्चा की।
सरपंच अर्जुन सिंह, ग्रामीण बिंदर सिंह, दुला सिंह, लक्की सिंह, बसंत सिंह, गुरमीत सिंह, जगवीर सिंह जग्गा, पंच जगसीर, राजपाल, मनी राम, जस्सा सिंह आदि ने बताया कि पंजाब बॉर्डर के साथ लगा होने के कारण जाखल नशे का गढ़ बन चुका है। नशे के कारण लोगों के घर खराब हो रहे हैं। नशा तस्करों ने युवाओं को नशे के दलदल में फंसा दिया है। उन्होंने कहा कि गांववासियों ने नशे के खिलाफ मुहिम चलाई है। पहले भी तीन नशा तस्करों को पकड़वाया गया था।
चार साल पहले इन तस्करों के मकान भी प्रशासन द्वारा फोड़े गए थे। मगर अब यही लोग दोबारा सक्रिय हो चुके हैं। इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि जाखल में नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरपंच ने बताया कि बाजीगर बस्ती के लोगों ने जाखल थाना में गुहार लगाई है कि नशे का कारोबार करने वालों पर शिकंजा कसा जाए। इस मुहिम में बाजीगर समाज के लोग भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।
जाखल थाना में एकत्रित लोगों ने कहा कि पुलिस प्रशासन नशे को रोकने के लिए काम तो कर रहा है। मगर इसको और गंभीरता से करने की जरूरत है। नशा बेचने वाले बड़े मगरमच्छों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने लोगों से कहा कि पुलिस प्रशासन लगातार नशे को रोकने में लगा हुआ है। जो भी संदिग्ध नजर आता है, उस पर कार्रवाई होती है।
जाखल में नशे के खात्मे की मांग कर रहे लोगों पर पथराव
फतेहाबाद के जाखल में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले लोग जब कथित रूप से नशे के कारोबार करने वाले लोगों के घर पहुंचे तो उन पर पथराव कर दिया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखने को मिल रह है कि कुछ महिलाएं व पुरुष चौबारे से घर के बाहर खड़े लोगों पर पथराव कर रहे हैं। इसके बाद भारी संख्या में लोग जाखल थाने पहुंचे और रोष प्रकट किया। लोगों ने चेतावनी दी कि पुलिस सिर्फ गश्त तक सीमित न रहकर आरोपियों को पकड़कर उनकी गहनता से तलाशी ले और संपत्ति की जांच करे, अन्यथा पंचायत अपने स्तर पर सख्त कार्रवाई को मजबूर होगी।
थाना पहुंचे जाखल निवासी दुल्ला राम ने बताया कि जाखल की बाजीगर बस्ती नशे का अड्डा बन गई है। यहां के दो-तीन लोग लगातार नशे का कारोबार कर रहे हैं, जिससे युवा पीढ़ी नशे की दलदल में फंस रही है। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले इन लोगों की प्रोपर्टी पर सरकार ने पीला पंजा चलवाया था, लेकिन उसके बाद से फिर से यह लोग सक्रिय हो गए हैं। कई बार जाखल पुलिस से इस बारे में मांग की जा रही है, लेकिन पुलिस गश्त करके ही इतीश्री कर रही है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध लोगों की प्रोपर्टी लगातार बढ़ रही है, प्रशासन तलाशी लेकर प्रोपर्टी की जांच करे तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आज लोग संदिग्ध लोगों के घरों पर पहुंचे तो उन पर ईंटें बरसाई गईं।
जाखल गांव के सरपंच अर्जुन सिंह ने बताया कि वे नशे का कारोबार करने वालों को भाईचारे से समझा रहे हैं, लेकिन वे समझ नहीं रहे, बल्कि नशा तो बेचते ही हैं, लोगों को गालियां भी देते हैं और कहते हैं कि जो करना है कर लो, पुलिस को हम मंथली देते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस खुलकर कार्रवाई नहीं कर रही, यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो फिर लोग अपने स्तर पर संदिग्ध लोगों पर कार्रवाई करेंगे।
उधर इस मामले में जाखल थाना प्रभारी जसवंत सिंह का कहना है कि पुलिस लगातार नशे का कारोबार करने वालों को राऊंडअप कर रही है। जो संदिग्ध लगता है, उनके घर पर रेड करके तलाशी ली जा रही है, रात को सेंसेटिव एरिया में गश्त दूसरे इलाकों की बजाए ज्यादा कर रखी है। मुखबिर भी लगातार सक्रिय हैं, अभी तक जिन लोगों के नाम लोगों ने पुलिस को दिए हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है, लेकिन कुछ बरामदगी नहीं हुई है। साथ लगते पंजाब के थानों से भी नशे का कारोबार करने वाले लोगों के नाम वेरीफाई करवाए जा रहे हैं। ईंटें बरसाने के मामले पर थाना प्रभारी ने कहा कि पब्लिक अपने स्तर पर पूछताछ आदि की कार्रवाई न करे, पंचायत फैसला ले सकती है, लेकिन कार्रवाई कानून के दायरे में ही हो तो ठीक है।