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Fatehabad News: सरकारी अस्पताल में दवा न मिलने पर निजी मेडिकल पर भेजे जा रहे मरीज

Tue, 06 May 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 06 May 2025 12:01 AM IST
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Patients are being sent to private medical centres due to non-availability of medicines in government hospitals
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवाई न मिलने पर जानकारी देता हुआ पीड़ितसंवाद
फतेहाबाद। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल के आदेशों को नागरिक अस्पताल के कई चिकित्सक दरकिनार कर रहे हैं। मरीजों को ऐसी दवा लिखकर दी जा रही है जो कि न तो सरकारी अस्पताल में मिल रही है और न ही बाजार में आम मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हो रही है।
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ये दवाई चुनिंदा निजी अस्पताल के मेडिकल से ही उपलब्ध हो रही हैं। ऐसा ही मामला सोमवार को सामने आया है। इसकी शिकायत उपायुक्त मनदीप कौर और सिविल सर्जन डॉ. कुलप्रतिभा को की गई है। शिकायत में मातूराम कॉलोनी निवासी विक्रम ने बताया कि उसका बेटा दिव्यांग है और उसे दौरे आते हैं। उसका नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ से उपचार चल रहा है।
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आरोप है कि फरवरी माह में डॉक्टर ने दवाई लिखकर दी थी, जो कि उसे अस्पताल से उपलब्ध हो गई थी। एक माह बाद दवा खत्म होने पर वह चिकित्सक के पास गया। चिकित्सक को दिखाने के बाद वह दवा लेने के लिए काउंटर पर गया लेकिन वहां पर उसे दवा नहीं मिली। इसके बाद वह शहर के निजी मेडिकल स्टोर पर गया। वह दवा उसे वहां पर भी नहीं मिली।
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इसके बाद सोमवार को वह फिर से अस्पताल में पहुंचा तो दवा नहीं मिली। वह डॉक्टर के पास दोबारा गया तो वहां मौजूद कर्मचारी ने उसे एक निजी अस्पताल का नाम लिखकर दे दिया और कहा कि बात करवा देना। जब वह निजी अस्पताल के मेडिकल पर पहुंचा तो उसे दवा उपलब्ध हो गई। विक्रम ने आरोप लगाया कि डॉक्टर जानबूझकर ऐसी दवाइयां लिख रहे है जो कि चुनिंदा मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं।
पहले भी जांच के दायरे में आ चुके हैं डॉक्टर

नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के डॉक्टर पहले भी जांच के दायरे में आ चुके हैं। अस्पताल के कई डॉक्टरों पर अपने रिश्तेदारों के अस्पताल में मरीज भेजने को लेकर स्वास्थ्य विभाग निदेशालय ने सूची जारी की थी। मामले में कमेटी ने जांच भी की थी लेकिन रिपोर्ट दबकर रह गई थी।


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ये रहती है नागरिक अस्पताल में ओपीडी

ओपीडी - 800 से 1000 मरीज

सैंपल - 550 से 600 मरीज

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निदेशक ने दिए थे जेनरिक दवा लिखने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने मार्च माह में अस्पतालों को निर्देश दिए थे कि मरीजों को ब्रांडेड कंपनियों की जगह जेनेरिक दवाइयां ही लिखी जाएं। अगर बिना किसी वजह के कोई ब्रांडेड कंपनी की दवाई लिखता है तो कार्रवाई की जाएगी।

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मेरे पास फिलहाल कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसी कोई बात है तो संबंधित एसएमओ को बताना चाहिए था। शिकायत आने के बाद मामले की जांच की जाएगी।

- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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