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Fatehabad News: हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष, सदर थाना के बाहर दिया धरना
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सदर थाना में हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना देते हुए हरियाणा व पंजाब के ग्
रतिया। गांव हुक्मावाली में करीब ढाई महीने पहले जमीन विवाद में हुई परमजीत सिंह की मौत के मामले में तीन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। पुलिस कार्रवाई से नाराज पंजाब से पहुंचे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को रतिया सदर थाना के बाहर धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने सभी नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। धरने में भारतीय किसान यूनियन मानसा के जिला प्रवक्ता मंजीत सिंह, हुक्मावाली निवासी तरसेम, अमृतपाल कौर समेत हुक्मावाली और पंजाब के मानसा जिले के गांव लीलावाली के ग्रामीण शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 22 जून को परमजीत सिंह जमीन विवाद को पंचायती तौर पर सुलझाने के लिए गांव हुक्मावाली पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पांच लोगों ने डंडों और लोहे की रॉड से परमजीत सिंह समेत अन्य लोगों पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल परमजीत सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई।
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अमृतपाल कौर के बयान पर पुलिस ने हुक्मावाली निवासी बादल, उसके भाई सुखविंद्र सिंह, बादल के बेटे गुरशरण सिंह तथा उसके दो बेटों नवदीप सिंह और जश्न सिंह के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। उनका आरोप है कि करीब ढाई महीने बाद भी पांच नामजद आरोपियों में से केवल दो की गिरफ्तारी हुई है जबकि तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
सदर थाना प्रभारी शीशपाल ने बताया कि मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य नामजद आरोपियों की जांच जारी है और जांच के आधार पर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। देर शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी थी।
निशानदेही को लेकर हुआ था विवाद :
आरोप है कि 22 जून की देर शाम जमीन की निशानदेही को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। बादल का पारिवारिक सदस्य तरसेम से जमीन को लेकर विवाद था। कुछ दिन पहले जमीन की पैमाइश कर सीमांकन के निशान लगाए गए थे। पंजाब के गांव लीलावाली निवासी परमजीत सिंह ने निशान हटा दिए थे। इसी बात को लेकर कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंचे और झड़प हो गई। इसमें तीन लोग घायल हुए। परमजीत सिंह और अमृतपाल कौर को हिसार के निजी अस्पताल तथा दूसरे घायल को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बाद में परमजीत सिंह की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ी।
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प्रदर्शनकारियों ने सभी नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। धरने में भारतीय किसान यूनियन मानसा के जिला प्रवक्ता मंजीत सिंह, हुक्मावाली निवासी तरसेम, अमृतपाल कौर समेत हुक्मावाली और पंजाब के मानसा जिले के गांव लीलावाली के ग्रामीण शामिल हुए।
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प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 22 जून को परमजीत सिंह जमीन विवाद को पंचायती तौर पर सुलझाने के लिए गांव हुक्मावाली पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पांच लोगों ने डंडों और लोहे की रॉड से परमजीत सिंह समेत अन्य लोगों पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल परमजीत सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई।
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अमृतपाल कौर के बयान पर पुलिस ने हुक्मावाली निवासी बादल, उसके भाई सुखविंद्र सिंह, बादल के बेटे गुरशरण सिंह तथा उसके दो बेटों नवदीप सिंह और जश्न सिंह के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। उनका आरोप है कि करीब ढाई महीने बाद भी पांच नामजद आरोपियों में से केवल दो की गिरफ्तारी हुई है जबकि तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
सदर थाना प्रभारी शीशपाल ने बताया कि मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य नामजद आरोपियों की जांच जारी है और जांच के आधार पर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। देर शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी थी।
निशानदेही को लेकर हुआ था विवाद :
आरोप है कि 22 जून की देर शाम जमीन की निशानदेही को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। बादल का पारिवारिक सदस्य तरसेम से जमीन को लेकर विवाद था। कुछ दिन पहले जमीन की पैमाइश कर सीमांकन के निशान लगाए गए थे। पंजाब के गांव लीलावाली निवासी परमजीत सिंह ने निशान हटा दिए थे। इसी बात को लेकर कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंचे और झड़प हो गई। इसमें तीन लोग घायल हुए। परमजीत सिंह और अमृतपाल कौर को हिसार के निजी अस्पताल तथा दूसरे घायल को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बाद में परमजीत सिंह की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ी।