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Fatehabad News: धान कटाई का समय तय करने पर रोष, किसान बोले- 8 घंटे में कैसे पूरी हो
Sun, 27 Sep 2026 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 27 Sep 2026 10:34 PM IST
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फतेहाबाद क्षेत्र में पककर तैयार हुई धान की फसल। स्रोत किसान
फतेहाबाद। धान की कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन का समय निर्धारित किए जाने पर किसान संगठनों में नाराजगी है। नए आदेश के तहत शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन पर रोक रहेगी। ऐसे में किसानों को धान की कटाई के लिए दिन में केवल आठ घंटे का समय ही मिल पाएगा।
किसान संगठनों का कहना है कि खेतों में उपलब्ध कंबाइन की संख्या और क्षमता को देखते हुए इतने सीमित समय में धान की कटाई पूरी करना मुश्किल होगा। किसानों ने प्रदेश सरकार से इस आदेश को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए वापस लेने की मांग की है। किसानों के अनुसार सामान्य तौर पर एक कंबाइन हार्वेस्टर एक दिन में करीब छह एकड़ धान की कटाई कर पाता है।
यदि मशीनों के संचालन का समय आठ घंटे तक सीमित कर दिया जाता है तो कटाई का काम और धीमा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि धान की कटाई पहले ही मौसम और मशीनों की उपलब्धता पर निर्भर रहती है। ऐसे में समय की पाबंदी से खेतों में खड़ी फसल की कटाई में देरी होने की आशंका है। किसानों को फसल कटाई के लिए समय निर्धारित करना गलत है।
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17 फीसदी नमी पर खरीद फिर दिन-रात में क्या अंतर
किसानों ने बताया कि जब मंडियों में 17 फीसदी तक नमी वाली धान की फसल की खरीद का प्रावधान है तो कटाई दिन में की जाए या रात में इससे क्या फर्क पड़ता है। कटाई के लिए मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार समय का इस्तेमाल करने की छूट मिलनी चाहिए। कई बार रात के समय मौसम अनुकूल होने या दिन में अन्य कारणों से काम प्रभावित होने पर किसान कंबाइन का संचालन करना चाहते हैं।
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गेहूं की बिजाई में हो सकती है देरी
संगठनों ने आशंका जताई कि धान की कटाई में देरी का सीधा असर गेहूं की बिजाई पर पड़ेगा। धान की फसल खेतों में अधिक समय तक खड़ी रहने से गेहूं की बुवाई का समय निकल सकता है। देर से बिजाई होने पर गेहूं की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। किसानों का कहना है कि यदि धान की कटाई समय पर नहीं हुई तो मंडी में फसल पहुंचाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिक्री पर भी परेशानी पैदा हो सकती है।
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इन दिनों मौसम परिवर्तनशील है। ऐसे में किसान बारिश होने से पहले धान की कटाई करना चाहते हैं। धान की कटाई के लिए समय सीमा नहीं होनी चाहिए। धान की खरीद के लिए प्रति एकड़ 28 क्विंटल की खरीद तय की है जिसको प्रति एकड़ 40 क्विंटल तक किया जाए।
- मंदीप नथवान, प्रधान, किसान संगठन।
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किसान अपनी फसलों की कटाई अपने समय के अनुसार करेगा। अगर केवल दिन में ही मशीनें चलेगी तो कटाई का काम समय पर पूरा नहीं हो सकेगा। सरकार को ऐसे आदेश लागू नहीं करने चाहिए।
- विष्णुदत्त, किसान।
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:: मौसम में नमी होने के कारण रात में ओस गिरती है जिससे फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। यदि दिन में कटाई होती है तो फसल बिल्कुल सूखी निकलेगी। किसानों को मंडी में फसल बेचने में परेशानी नहीं होगी।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
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किसान संगठनों का कहना है कि खेतों में उपलब्ध कंबाइन की संख्या और क्षमता को देखते हुए इतने सीमित समय में धान की कटाई पूरी करना मुश्किल होगा। किसानों ने प्रदेश सरकार से इस आदेश को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए वापस लेने की मांग की है। किसानों के अनुसार सामान्य तौर पर एक कंबाइन हार्वेस्टर एक दिन में करीब छह एकड़ धान की कटाई कर पाता है।
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यदि मशीनों के संचालन का समय आठ घंटे तक सीमित कर दिया जाता है तो कटाई का काम और धीमा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि धान की कटाई पहले ही मौसम और मशीनों की उपलब्धता पर निर्भर रहती है। ऐसे में समय की पाबंदी से खेतों में खड़ी फसल की कटाई में देरी होने की आशंका है। किसानों को फसल कटाई के लिए समय निर्धारित करना गलत है।
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17 फीसदी नमी पर खरीद फिर दिन-रात में क्या अंतर
किसानों ने बताया कि जब मंडियों में 17 फीसदी तक नमी वाली धान की फसल की खरीद का प्रावधान है तो कटाई दिन में की जाए या रात में इससे क्या फर्क पड़ता है। कटाई के लिए मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार समय का इस्तेमाल करने की छूट मिलनी चाहिए। कई बार रात के समय मौसम अनुकूल होने या दिन में अन्य कारणों से काम प्रभावित होने पर किसान कंबाइन का संचालन करना चाहते हैं।
गेहूं की बिजाई में हो सकती है देरी
संगठनों ने आशंका जताई कि धान की कटाई में देरी का सीधा असर गेहूं की बिजाई पर पड़ेगा। धान की फसल खेतों में अधिक समय तक खड़ी रहने से गेहूं की बुवाई का समय निकल सकता है। देर से बिजाई होने पर गेहूं की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। किसानों का कहना है कि यदि धान की कटाई समय पर नहीं हुई तो मंडी में फसल पहुंचाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिक्री पर भी परेशानी पैदा हो सकती है।
इन दिनों मौसम परिवर्तनशील है। ऐसे में किसान बारिश होने से पहले धान की कटाई करना चाहते हैं। धान की कटाई के लिए समय सीमा नहीं होनी चाहिए। धान की खरीद के लिए प्रति एकड़ 28 क्विंटल की खरीद तय की है जिसको प्रति एकड़ 40 क्विंटल तक किया जाए।
- मंदीप नथवान, प्रधान, किसान संगठन।
किसान अपनी फसलों की कटाई अपने समय के अनुसार करेगा। अगर केवल दिन में ही मशीनें चलेगी तो कटाई का काम समय पर पूरा नहीं हो सकेगा। सरकार को ऐसे आदेश लागू नहीं करने चाहिए।
- विष्णुदत्त, किसान।
:: मौसम में नमी होने के कारण रात में ओस गिरती है जिससे फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाती है। यदि दिन में कटाई होती है तो फसल बिल्कुल सूखी निकलेगी। किसानों को मंडी में फसल बेचने में परेशानी नहीं होगी।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।

फतेहाबाद क्षेत्र में पककर तैयार हुई धान की फसल। स्रोत किसान