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Fatehabad News: बिजली वितरण निजी हाथों में देने का विरोध
Tue, 20 Oct 2026 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 20 Oct 2026 10:39 PM IST
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फतेहाबाद। निजीकरण के विरोध प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संगठन
फतेहाबाद। हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने मंगलवार को रोष प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने दशहरा पर्व पर निजीकरण के फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग को निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने बीएसएनएल का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। मोर्चा ने इस फैसले के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता अशोक कुमार पन्नू, फकीर चंद सैनी, पवन सेलवाल और भूप सिंह ने की। मंच का संचालन रामनिवास शर्मा और सुरेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगर पालिका संघ के रमेश तुषामड, एसकेएस के ब्लॉक प्रधान राजपाल मित्तल, विजयपाल जाखड़, अमित शर्मा, जगमिंदर, सत्यवान, आत्माराम, विष्णु बिश्नोई और किसान नेता कल्याण सिंह भी पहुंचे।
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22 से 24 तक रहेगी पूर्ण हड़ताल
लाइसेंस के विरोध में संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 21 अक्तूबर को हरियाणा बिजली नियामक आयोग के इस आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी और सभी यूनिटों व सब-यूनिटों पर गेट मीटिंग आयोजित होंगी। 22, 23 एवं 24 अक्तूबर को बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों और अधिकारियों की चारों यूनियनों के साझा आह्वान पर प्रदेशभर में लगातार 3 दिन की पूर्ण हड़ताल रहेगी। हड़ताल के तीसरे दिन आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा। यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन में बदला जा सकता है।
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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग को निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने बीएसएनएल का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। मोर्चा ने इस फैसले के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता अशोक कुमार पन्नू, फकीर चंद सैनी, पवन सेलवाल और भूप सिंह ने की। मंच का संचालन रामनिवास शर्मा और सुरेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगर पालिका संघ के रमेश तुषामड, एसकेएस के ब्लॉक प्रधान राजपाल मित्तल, विजयपाल जाखड़, अमित शर्मा, जगमिंदर, सत्यवान, आत्माराम, विष्णु बिश्नोई और किसान नेता कल्याण सिंह भी पहुंचे।
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22 से 24 तक रहेगी पूर्ण हड़ताल
लाइसेंस के विरोध में संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 21 अक्तूबर को हरियाणा बिजली नियामक आयोग के इस आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी और सभी यूनिटों व सब-यूनिटों पर गेट मीटिंग आयोजित होंगी। 22, 23 एवं 24 अक्तूबर को बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों और अधिकारियों की चारों यूनियनों के साझा आह्वान पर प्रदेशभर में लगातार 3 दिन की पूर्ण हड़ताल रहेगी। हड़ताल के तीसरे दिन आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा। यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन में बदला जा सकता है।