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Fatehabad News: निजी बसों में बस पास मान्य नहीं कर रहे संचालक, विद्यार्थियों से वसूला जा रहा किराया
Wed, 02 Oct 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 02 Oct 2024 12:34 AM IST
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फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से विद्यार्थियों को 150 किलोमीटर तक बस पास की सुविधा दी गई है। यह नियम निजी बसों पर भी लागू है। ऐसे में विद्यार्थियों को निजी बसों में भी पास सुविधा मिलनी चाहिए। मगर निजी बस संचालकों द्वारा इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। निजी बसों में विद्यार्थियों का बस पास मान्य नहीं किया जा रहा है। निजी बसों में सफर करने के लिए विद्यार्थियों को टिकट लेने के बाद ही सफर करने दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि पहले केवल छात्राओं के ही बस पास मुफ्त बनते थे लेकिन इस बार नियमों में बदलाव करने के बाद छात्रों के भी मुफ्त बस पास जारी किए गए हैं। इसके कारण रोडवेज द्वारा बनाए बस पास ही निजी बसों में मान्य होने के नियम हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं को निजी बसों में सफर करने के लिए टिकट कटवाना पड़ता है। इसके चलते छात्र-छात्राएं मजबूरन रोडवेज बसों के इंतजार में ही अपना वक्त बर्बाद करते हैं।
फतेहाबाद के पुराने बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे रमन, रेखा, स्नेहा, ममतेश, मंजू, अलका, सुनीता और वीरपाल आदि छात्र-छात्राओं ने बताया कि निजी बस चालक रोडवेज के द्वारा जारी किए गए बस को मान्य नहीं करते है। जिसके कारण उनको रोडवेज बस में ही सफर करना पड़ता है। कई बार रोडवेज बस में ज्यादा भीड़ होने के कारण बस में चढ़ना मुश्किल हो जाता है।
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मेरे गांव के रूट पर दिनभर निजी बसों का संचालन होता है। लेकिन निजी बस चालक और परिचालक रोडवेज के जारी किए बस पास को मान्य नहीं करते इस कारण शिक्षण संस्थान तक पहुंचने के लिए किराया देना पड़ रहा है।
दीपक, छात्र, निवासी गांव भड़ोलियांवाली।
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रोडवेज बसों के फेरे कम होने के कारण निजी बसों में सफर करना मजबूरी है। रोडवेज के द्वारा निर्देश जारी होने के बाद भी निजी बस संचालकों के द्वारा किराया वसूला जा रहा है। टिकट नहीं लेने पर निजी बस परिचालक छात्रों को बस से नीचे उतार देते हैं।
अजय छात्र निवासी,भूना
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सुबह गांव में रोडवेज बस नहीं आती इस कारण समय पर कॉलेज पहुंचने के लिए निजी बस में सफर में करना पड़ रहा है। निजी बस संचालक मनमानी करते हुए बसों को बस अड्डे पर रोकने के बजाय आगे-पीछे रोक रहे है। वहीं बस में चढ़ने के बाद बस पास मान्य नहीं करते।
रवि छात्र, निवासी गांव सोत्तर भट्टू
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निजी बसों में बस पास मान्य करने का अभी तक लिखित में कोई पत्र नहीं मिला है। जैसे ही कोई लिखित पत्र मिलेगा तो निजी बस संचालकों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
संजय बिश्नोई, आरटीए सचिव, फतेहाबाद
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गौरतलब है कि पहले केवल छात्राओं के ही बस पास मुफ्त बनते थे लेकिन इस बार नियमों में बदलाव करने के बाद छात्रों के भी मुफ्त बस पास जारी किए गए हैं। इसके कारण रोडवेज द्वारा बनाए बस पास ही निजी बसों में मान्य होने के नियम हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं को निजी बसों में सफर करने के लिए टिकट कटवाना पड़ता है। इसके चलते छात्र-छात्राएं मजबूरन रोडवेज बसों के इंतजार में ही अपना वक्त बर्बाद करते हैं।
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फतेहाबाद के पुराने बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे रमन, रेखा, स्नेहा, ममतेश, मंजू, अलका, सुनीता और वीरपाल आदि छात्र-छात्राओं ने बताया कि निजी बस चालक रोडवेज के द्वारा जारी किए गए बस को मान्य नहीं करते है। जिसके कारण उनको रोडवेज बस में ही सफर करना पड़ता है। कई बार रोडवेज बस में ज्यादा भीड़ होने के कारण बस में चढ़ना मुश्किल हो जाता है।
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मेरे गांव के रूट पर दिनभर निजी बसों का संचालन होता है। लेकिन निजी बस चालक और परिचालक रोडवेज के जारी किए बस पास को मान्य नहीं करते इस कारण शिक्षण संस्थान तक पहुंचने के लिए किराया देना पड़ रहा है।
दीपक, छात्र, निवासी गांव भड़ोलियांवाली।
रोडवेज बसों के फेरे कम होने के कारण निजी बसों में सफर करना मजबूरी है। रोडवेज के द्वारा निर्देश जारी होने के बाद भी निजी बस संचालकों के द्वारा किराया वसूला जा रहा है। टिकट नहीं लेने पर निजी बस परिचालक छात्रों को बस से नीचे उतार देते हैं।
अजय छात्र निवासी,भूना
सुबह गांव में रोडवेज बस नहीं आती इस कारण समय पर कॉलेज पहुंचने के लिए निजी बस में सफर में करना पड़ रहा है। निजी बस संचालक मनमानी करते हुए बसों को बस अड्डे पर रोकने के बजाय आगे-पीछे रोक रहे है। वहीं बस में चढ़ने के बाद बस पास मान्य नहीं करते।
रवि छात्र, निवासी गांव सोत्तर भट्टू
निजी बसों में बस पास मान्य करने का अभी तक लिखित में कोई पत्र नहीं मिला है। जैसे ही कोई लिखित पत्र मिलेगा तो निजी बस संचालकों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
संजय बिश्नोई, आरटीए सचिव, फतेहाबाद