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Fatehabad News: हत्या के एक दोषी को उम्रकैद और दूसरे को दो साल की सजा
Wed, 19 Mar 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:32 PM IST
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फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने हत्या के आरोपी दो भाइयों को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए गए अमरजीत उर्फ बबलू को उम्रकैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जबकि दूसरे दोषी जीत उर्फ बलजीत को दो साल कैद व 2,000 रुपये जुर्माने की सजा मिली।
इस मामले में थाना सदर रतिया पुलिस ने गांव नंगल निवासी समरजीत सिंह की शिकायत पर पांच जनवरी 2019 को दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 323, 452, 34 और 302 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में समरजीत सिंह ने बताया था कि चार जनवरी 2019 की शाम सात बजे खाना खाने के बाद वह घर के बाहर खड़े थे। उनके पिता मिल्खी राम घर के अंदर थे। इसी दौरान नंगल निवासी पड़ोसी अमरजीत उर्फ बबलू गंडासी लेकर उनके मकान की सीढ़ियों से घर में घुस गया और वह मिल्खी से कहने लगा कि तुम्हारी बकरी हमारी छत पर चढ़ जाती है। इसी बात से नाराज बबलू ने अपने हाथ में ली गंडासी मिल्खी के सिर में मार दी।
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इस दौरान बबलू का भाई जीत उर्फ बलजीत भी आ गया। उसने भी घर में घुसकर मिल्खी से मारपीट की। उनके शोर मचाने पर दोनों मौके से भाग गए। समरजीत अपने पिता मिल्खी को रतिया के सरकारी अस्पताल में ले गए, वहां से उनको रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां इलाज के दौरान 13 जनवरी 2019 को मिल्खी की मौत हो गई। इसलिए पुलिस ने इस केस में हत्या की धारा बढ़ा दी थी। मामले की सुनवाई कर अदालत ने दोनों को दोषी मानकर यह सजा सुनाई।
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इस मामले में थाना सदर रतिया पुलिस ने गांव नंगल निवासी समरजीत सिंह की शिकायत पर पांच जनवरी 2019 को दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 323, 452, 34 और 302 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था।
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पुलिस को दी शिकायत में समरजीत सिंह ने बताया था कि चार जनवरी 2019 की शाम सात बजे खाना खाने के बाद वह घर के बाहर खड़े थे। उनके पिता मिल्खी राम घर के अंदर थे। इसी दौरान नंगल निवासी पड़ोसी अमरजीत उर्फ बबलू गंडासी लेकर उनके मकान की सीढ़ियों से घर में घुस गया और वह मिल्खी से कहने लगा कि तुम्हारी बकरी हमारी छत पर चढ़ जाती है। इसी बात से नाराज बबलू ने अपने हाथ में ली गंडासी मिल्खी के सिर में मार दी।
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इस दौरान बबलू का भाई जीत उर्फ बलजीत भी आ गया। उसने भी घर में घुसकर मिल्खी से मारपीट की। उनके शोर मचाने पर दोनों मौके से भाग गए। समरजीत अपने पिता मिल्खी को रतिया के सरकारी अस्पताल में ले गए, वहां से उनको रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां इलाज के दौरान 13 जनवरी 2019 को मिल्खी की मौत हो गई। इसलिए पुलिस ने इस केस में हत्या की धारा बढ़ा दी थी। मामले की सुनवाई कर अदालत ने दोनों को दोषी मानकर यह सजा सुनाई।