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Fatehabad News: एक तरफ फोर्स तो दूसरी ओर डटे किसान
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फतेहाबाद में रंगाई नाले के पास किसानों को रोकने के लिए गाड़ी गई किलें, खोदी गई खाई और दूसरी तरफ
फतेहाबाद/रतिया/टोहाना। किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए जिले में 7 जगहों पर नाके लगाए गए हैं। फतेहाबाद के गांव अयाल्की के पास 10 लेयर के नाके लगाकर पुलिस ने किसानों को दिल्ली जाने से रोका हुआ है। रंगोई नाले पर फतेहाबाद की तरफ प्रशासन ने फोर्स तैनात कर रखा है तो नाले के दूसरी ओर रतिया की तरफ किसान डटे हुए हैं। यहां बुधवार को सड़क पर नुकीले सरिए भी गाड़ दिए गए। प्रशासन की सख्ती के चलते किसानों ने ट्रैक्टरों समेत हाईवे पर ही पक्का मोर्चा लगा दिया है और धरना शुरू कर दिया है। धरने पर ही किसानों के लिए लंगर शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार किसानों को किसी कीमत पर आगे नहीं जाने दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने किसानों को रोकने लगाए गए नाकों पर जाकर निरीक्षण किया। इस बीच पंजाब, दिल्ली व सिरसा के लिए परिवहन व्यवस्था बिल्कुल ठप होकर रह गई है। इंटरनेट भी 15 फरवरी तक बंद रहने के कारण लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ गई हैं। वहीं पहले से मौन चल रहे किसान संगठन पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने भी वीरवार को आपात बैठक बुला ली है, जिससे प्रशासन की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि दोनों यूनियनों के पदाधिकारियों को कहना है कि वह पहले बैठक करेंगे और जो फैसला होगा, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। किसानों के लिए रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है और किसानों का जुटना भी जारी है। किसानों के कहना है कि संख्या जुटने के साथ ही दिल्ली कूच किया जाएगा। बुधवार को भी अयाल्की को छोड़कर पंजाब से सटी सभी सीमाओं पर शांति बनी रही। रतिया मार्ग बंद होने के चलते किसानों ने फतेहाबाद-रतिया मुख्य मार्ग पर ही अपना डेरा जमा दिया है। यहां पर किसान भारी तादाद में बैठे हैं और धीरे-धीरे किसानों का जमघट भी बढ़ने लगा है। मंगलवार को यहां पर किसानों की संख्या लगभग 200 थी जो बुधवार को 250 तक पहुंच गई।
धरना स्थल पर कोई चारपाई पर बैठा तो कोई ले रहा हुक्का का आनंद
मंगलवार को रतिया के गुरुद्वारा अजीतनगर से करीब 250 किसान दोपहर को ट्रैक्टर ट्रालियों, निजी वाहनों व बाइकों पर सवार होकर फतेहाबाद की ओर कूच कर गए थे। फतेहाबाद होकर यह किसान नेशनल हाइवे होते हुए दिल्ली की तरफ निकलना चाहते थे, लेकिन प्रशासन को पहले से ही इस बात की आशंका थी और प्रशासन ने गांव अयाल्की के पास रंगोई नाले के पुल पर गहरी खाई, ग्रीज, काला तेल डालकर सड़क को बंद कर दिया। यही नहीं यहां पर लोहे की नुकीली सरिए भी गाड़ दिए है। प्रशासन की सख्ती के कारण किसान बुधवार को भी आगे नहीं बढ़ पाए और यहां पर ही पक्का मोर्चा लगा दिया है और लंगर शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लंगर के साथ-साथ हुक्का की भी व्यवस्था की गई है। रंगोई नाले के दूसरी तरफ पुलिस की तरफ से 10 से ज्यादा बैरिकेडिंग की गई है। रंगोई नाले के पास ही प्रशासन ने सडक़ पर नुकीले सरिए गाड़े गए हैं। वहीं रतिया, टोहाना और जाखल में पंजाब बॉर्डर पर शांति है और पंजाब की तरफ से दिल्ली कूच के लिए कोई किसान नहीं पहुंचा है। हालांकि पुलिस की तरफ से पूरा पहरा है।
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रतिया में निजी कंपनी का फाइबर नेट भी ठप
मंगलवार को प्रशासन द्वारा रंगोई पुल पर सड़क खोद दी गई थी। सड़क के साथ-साथ जमीन में दबी निजी कंपनी के फाइबर नेट के तार उखड़ गए, जिस कारण रतिया में मोबाइल नेट के साथ-साथ निजी कंपनी के उपभोक्ताओं का फाइबर नेट कनेक्शन भी बंद हो गया, जिस कारण लोग काफी परेशान रहे।
पंजाब सीमा पर शांति
रतिया से बुढलाडा को पंजाब जाने वाले रोझांवाली पंजाब बॉर्डर पर बुधवार को पूरी तरह शांति रही, हालांकि पुलिस बल ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता संदीप मेहता, नगर पालिका सचिव पंकज जून और उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में बॉर्डर पर मोर्चे पर तैनात रहा, लेकिन पंजाब बॉर्डर की तरफ से किसानों द्वारा किसी भी तरह की हलचल नहीं की गई, जिसके चलते वहां शांतिपूर्ण माहौल कायम रहा। इसी प्रकार टोहाना के भी मुख्य मार्गों पर पंजाब के किसानों की कोई हलचल नजर नहीं आई।
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बीकेयू चढूनी ने बुलाए जिलाध्यक्ष
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा 15 फरवरी को गांव चढूनी में संगठन के सभी पदाधिकारियों व जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। यह जानकारी देते हुए जिला प्रधान संदीप काजला ने कहा कि अगर सरकार तुरंत अपने कदम पीछे नहीं खिंचती और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के रास्ते से नहीं हटती है तो वीरवार को होने वाले बैठक में यूनियन द्वारा कड़ा फैसला लिया जाएगा।
पगड़ी संभाल जट्टा की आपात बैठक आज
इसके अलावा किसान आंदोलन को लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने 15 को फतेहाबाद में बुलाई आपात बैठक बुलाई है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने कहा कि किसान अपनी मांगाें को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हैं और शांतिपूर्वक तरीके से जाना चाहते हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों को आगे जाने दिया जाए। वीरवार को बैठक करके इस बारे में अहम फैसला लिया जाएगा।
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प्रशासन के अनुसार किसानों को किसी कीमत पर आगे नहीं जाने दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने किसानों को रोकने लगाए गए नाकों पर जाकर निरीक्षण किया। इस बीच पंजाब, दिल्ली व सिरसा के लिए परिवहन व्यवस्था बिल्कुल ठप होकर रह गई है। इंटरनेट भी 15 फरवरी तक बंद रहने के कारण लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ गई हैं। वहीं पहले से मौन चल रहे किसान संगठन पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने भी वीरवार को आपात बैठक बुला ली है, जिससे प्रशासन की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि दोनों यूनियनों के पदाधिकारियों को कहना है कि वह पहले बैठक करेंगे और जो फैसला होगा, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। किसानों के लिए रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है और किसानों का जुटना भी जारी है। किसानों के कहना है कि संख्या जुटने के साथ ही दिल्ली कूच किया जाएगा। बुधवार को भी अयाल्की को छोड़कर पंजाब से सटी सभी सीमाओं पर शांति बनी रही। रतिया मार्ग बंद होने के चलते किसानों ने फतेहाबाद-रतिया मुख्य मार्ग पर ही अपना डेरा जमा दिया है। यहां पर किसान भारी तादाद में बैठे हैं और धीरे-धीरे किसानों का जमघट भी बढ़ने लगा है। मंगलवार को यहां पर किसानों की संख्या लगभग 200 थी जो बुधवार को 250 तक पहुंच गई।
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धरना स्थल पर कोई चारपाई पर बैठा तो कोई ले रहा हुक्का का आनंद
मंगलवार को रतिया के गुरुद्वारा अजीतनगर से करीब 250 किसान दोपहर को ट्रैक्टर ट्रालियों, निजी वाहनों व बाइकों पर सवार होकर फतेहाबाद की ओर कूच कर गए थे। फतेहाबाद होकर यह किसान नेशनल हाइवे होते हुए दिल्ली की तरफ निकलना चाहते थे, लेकिन प्रशासन को पहले से ही इस बात की आशंका थी और प्रशासन ने गांव अयाल्की के पास रंगोई नाले के पुल पर गहरी खाई, ग्रीज, काला तेल डालकर सड़क को बंद कर दिया। यही नहीं यहां पर लोहे की नुकीली सरिए भी गाड़ दिए है। प्रशासन की सख्ती के कारण किसान बुधवार को भी आगे नहीं बढ़ पाए और यहां पर ही पक्का मोर्चा लगा दिया है और लंगर शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर लंगर के साथ-साथ हुक्का की भी व्यवस्था की गई है। रंगोई नाले के दूसरी तरफ पुलिस की तरफ से 10 से ज्यादा बैरिकेडिंग की गई है। रंगोई नाले के पास ही प्रशासन ने सडक़ पर नुकीले सरिए गाड़े गए हैं। वहीं रतिया, टोहाना और जाखल में पंजाब बॉर्डर पर शांति है और पंजाब की तरफ से दिल्ली कूच के लिए कोई किसान नहीं पहुंचा है। हालांकि पुलिस की तरफ से पूरा पहरा है।
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रतिया में निजी कंपनी का फाइबर नेट भी ठप
मंगलवार को प्रशासन द्वारा रंगोई पुल पर सड़क खोद दी गई थी। सड़क के साथ-साथ जमीन में दबी निजी कंपनी के फाइबर नेट के तार उखड़ गए, जिस कारण रतिया में मोबाइल नेट के साथ-साथ निजी कंपनी के उपभोक्ताओं का फाइबर नेट कनेक्शन भी बंद हो गया, जिस कारण लोग काफी परेशान रहे।
पंजाब सीमा पर शांति
रतिया से बुढलाडा को पंजाब जाने वाले रोझांवाली पंजाब बॉर्डर पर बुधवार को पूरी तरह शांति रही, हालांकि पुलिस बल ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता संदीप मेहता, नगर पालिका सचिव पंकज जून और उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में बॉर्डर पर मोर्चे पर तैनात रहा, लेकिन पंजाब बॉर्डर की तरफ से किसानों द्वारा किसी भी तरह की हलचल नहीं की गई, जिसके चलते वहां शांतिपूर्ण माहौल कायम रहा। इसी प्रकार टोहाना के भी मुख्य मार्गों पर पंजाब के किसानों की कोई हलचल नजर नहीं आई।
बीकेयू चढूनी ने बुलाए जिलाध्यक्ष
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा 15 फरवरी को गांव चढूनी में संगठन के सभी पदाधिकारियों व जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। यह जानकारी देते हुए जिला प्रधान संदीप काजला ने कहा कि अगर सरकार तुरंत अपने कदम पीछे नहीं खिंचती और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के रास्ते से नहीं हटती है तो वीरवार को होने वाले बैठक में यूनियन द्वारा कड़ा फैसला लिया जाएगा।
पगड़ी संभाल जट्टा की आपात बैठक आज
इसके अलावा किसान आंदोलन को लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने 15 को फतेहाबाद में बुलाई आपात बैठक बुलाई है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने कहा कि किसान अपनी मांगाें को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हैं और शांतिपूर्वक तरीके से जाना चाहते हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों को आगे जाने दिया जाए। वीरवार को बैठक करके इस बारे में अहम फैसला लिया जाएगा।