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Fatehabad News: टीबी का 52 बिंदुओं पर तीन दिन आंतरिक मूल्यांकन करेंगे अधिकारी
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फतेहाबाद। प्रदेश में टीबी बीमारी पर प्रभावी रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टीबी की जांच, उपचार और सुविधाओं को लेकर गहन राज्य आंतरिक मूल्यांकन होने जा रहा है। प्रदेश के 8 जिलों और मुख्यालय समेत 22 स्वास्थ्य अधिकारी जिले में 23 से 25 जनवरी तक ये मूल्यांकन करेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाले इस मूल्यांकन को लेकर फतेहाबाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
अधिकारी 52 बिंदुओं पर ये मूल्यांकन करेंगे कि जिले में टीबी को लेकर जांच और उपचार व अन्य क्या सुविधाएं दी जा रही है। मरीज में टीबी की पुष्टि के बाद कितने समय में उसका उपचार शुरू हो रहा है और निक्षय योजना के तहत लाभ कितने समय में मिल रहा है। जिले में वर्ष 2023 में 17084 मरीजों की जांच हुई, जिसमें 2083 में टीबी की पुष्टि हुई, जिसमें महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की संख्या ज्यादा रही है। यहां तक कि बच्चे भी टीबी बीमारी के शिकार मिले हैं। यहां ये भी बता दें कि जिले में 2438 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। जिले के ऐसे मरीज भी हैं, जिन्होंने जांच दूसरे जिले से करवाई और उपचार यहां से शुरू हुआ है। संवाद
टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष की स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच : 17084 मरीज
जांच में टीबी पीड़ित मिले : 2083
मरीजों का शुरू हुआ उपचार : 2438
पुरुष मिले पीड़ित : 1275 मरीज
महिलाएं मिलीं पीड़ित : 808 मरीज
0 से 14 साल के बच्चे : 60 मरीज
टीबी को लेकर इन अस्पतालों में हुई जांचें
अस्पताल जांच हुई
यूपीएचसी टोहाना 863
जाखल 1168
कुलां 13
रतिया 2186
यूपीएचसी रतिया 112
फतेहाबाद 3193
यूपीएचसी फतेहाबाद 242
अहरवां 36
टोहाना 2532
नागपुर 276
भिरड़ाना 71
भूथन 423
भट्टू 2997
बड़ोपल 958
पीलीमंदोरी 66
भूना 1773
पिरथला 175
मरीजों के घर जाकर फीडबैक लेगी टीम
स्टेट टीबी ऑफिसर, डब्ल्यूएचओ के सलाहकार, माइक्रोबायलॉजिस्ट, रेवाड़ी, चरखीदादरी, मेवात, गुरुग्राम, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत समेत मुख्यालय के अधिकारी मूल्यांकन करेंगे। टीम सदस्य मरीजों के घर जाकर फीडबैक लेगी। फीडबैक के लिए 10 मरीज जिनका उपचार चल रहा है और पांच ऐसे मरीज जो उपचार ले चुके हैं। इसके अलावा पांच बच्चे, दो टीबी एचआईवी और पांच निजी अस्पताल से उपचार ले रहे मरीजों का टीम फीडबैक लेगी। इसके अलावा बलगम जांच केंद्रों की भी जांच होगी। इसके अलावा टीम पिछले मूल्यांकन रिपोर्ट, पिछली आईआरएल विजिट रिपोर्ट, स्टाफ रिकॉर्ड, जिले का एक्शन प्लान समेत 52 बिंदु पर मूल्यांकन होगा।
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ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत होना।
कोट
टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच को बढ़ाया जा रहा है और लोगों को भी अलग-अलग तरीकों से जागरूक किया जा रहा है। टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए लोगों की भागीदारी भी जरूरी है और ये तभी संभव है जब समय पर जांच करवाएंगे और पूरा उपचार लेंगे।
-डॉ. अमित सैनी, जिला क्षयरोग अधिकारी फतेहाबाद।
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अधिकारी 52 बिंदुओं पर ये मूल्यांकन करेंगे कि जिले में टीबी को लेकर जांच और उपचार व अन्य क्या सुविधाएं दी जा रही है। मरीज में टीबी की पुष्टि के बाद कितने समय में उसका उपचार शुरू हो रहा है और निक्षय योजना के तहत लाभ कितने समय में मिल रहा है। जिले में वर्ष 2023 में 17084 मरीजों की जांच हुई, जिसमें 2083 में टीबी की पुष्टि हुई, जिसमें महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की संख्या ज्यादा रही है। यहां तक कि बच्चे भी टीबी बीमारी के शिकार मिले हैं। यहां ये भी बता दें कि जिले में 2438 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। जिले के ऐसे मरीज भी हैं, जिन्होंने जांच दूसरे जिले से करवाई और उपचार यहां से शुरू हुआ है। संवाद
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टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष की स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच : 17084 मरीज
जांच में टीबी पीड़ित मिले : 2083
मरीजों का शुरू हुआ उपचार : 2438
पुरुष मिले पीड़ित : 1275 मरीज
महिलाएं मिलीं पीड़ित : 808 मरीज
0 से 14 साल के बच्चे : 60 मरीज
टीबी को लेकर इन अस्पतालों में हुई जांचें
अस्पताल जांच हुई
यूपीएचसी टोहाना 863
जाखल 1168
कुलां 13
रतिया 2186
यूपीएचसी रतिया 112
फतेहाबाद 3193
यूपीएचसी फतेहाबाद 242
अहरवां 36
टोहाना 2532
नागपुर 276
भिरड़ाना 71
भूथन 423
भट्टू 2997
बड़ोपल 958
पीलीमंदोरी 66
भूना 1773
पिरथला 175
मरीजों के घर जाकर फीडबैक लेगी टीम
स्टेट टीबी ऑफिसर, डब्ल्यूएचओ के सलाहकार, माइक्रोबायलॉजिस्ट, रेवाड़ी, चरखीदादरी, मेवात, गुरुग्राम, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत समेत मुख्यालय के अधिकारी मूल्यांकन करेंगे। टीम सदस्य मरीजों के घर जाकर फीडबैक लेगी। फीडबैक के लिए 10 मरीज जिनका उपचार चल रहा है और पांच ऐसे मरीज जो उपचार ले चुके हैं। इसके अलावा पांच बच्चे, दो टीबी एचआईवी और पांच निजी अस्पताल से उपचार ले रहे मरीजों का टीम फीडबैक लेगी। इसके अलावा बलगम जांच केंद्रों की भी जांच होगी। इसके अलावा टीम पिछले मूल्यांकन रिपोर्ट, पिछली आईआरएल विजिट रिपोर्ट, स्टाफ रिकॉर्ड, जिले का एक्शन प्लान समेत 52 बिंदु पर मूल्यांकन होगा।
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ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत होना।
कोट
टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच को बढ़ाया जा रहा है और लोगों को भी अलग-अलग तरीकों से जागरूक किया जा रहा है। टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए लोगों की भागीदारी भी जरूरी है और ये तभी संभव है जब समय पर जांच करवाएंगे और पूरा उपचार लेंगे।
-डॉ. अमित सैनी, जिला क्षयरोग अधिकारी फतेहाबाद।