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Fatehabad News: इंटरलॉक की खुली बोली के लिए तैयार नहीं अधिकारी, अटक सकते हैं विकास कार्य
Mon, 19 Jun 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 19 Jun 2023 11:29 PM IST
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फतेहाबाद। नगर परिषद द्वारा वार्डों में गलियों के निर्माण को लेकर टेंडर खोले जाने के बाद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने नए निर्देश जारी करके निर्माण कार्यों पर संकट खड़ा कर दिया है। प्रधान ने इंटरलॉकिंग टाइलों की खुली बोली करवा कर बेचने के निर्देश दिए थे, लेकिन नगर परिषद के अफसर ऐसा करने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों ने इसे मुश्किल प्रक्रिया करार दिया है। उधर, नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने संबंधित पत्र का फिर से रिमाइंडर जारी कर दिया है।
नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने 12 जून को प्रधान द्वारा जारी किए गए पत्र का जवाब देते हुए खुली बोली को लेकर कई औपचारिकताएं गिनवाई हैं। अफसरों के मुताबिक खुली बोली करवाने के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी होगी, जिसमें समय लग जाएगा। पूर्व की तरह ठेकेदार से ही मौके के हिसाब से 3 रुपये 90 पैसे प्रति टाइल की दर से रिकवरी की जा सकती है। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो टेंडर के कार्य की सीमा पांच माह निर्धारित की गई है और उनकी सीमा को 6 से 8 माह करना होगा। इसके अलावा टीम का भी गठन करना होगा। बता दें कि नगर परिषद ने वार्डों में गलियों के निर्माण को लेकर टेंडर लगाए थे। ये टेंडर खोले जा चुके हैं। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से गलियों का निर्माण होना है।
अधिकारी बोले-खुली बोली के लिए ये करवानी होंगी औपचारिकताएं :
- खुली बोली के विज्ञापनों का प्रकाशन करवाना होगा
- बोली के लिए न्यूनतम रेट निर्धारित करने होंगे
- बोली के समय टैंट, चाय-पानी की व्यवस्था करनी होगी
- सफल बोलीदाता द्वारा औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी
- सफल बोलीदाता द्वारा उक्त टाइलों को मौके से उठवाना आदि कार्यों में समय लगेगा
- इसके अलावा जब तक गली उखाड़ी नहीं जाएगी, तब तक यह मूल्यांकन करना मुश्किल होगा कि मौके पर कितनी टाइलों का दोबारा प्रयोग हो सकता है और कितनी टाइलें व्यर्थ हैं।
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प्रधान ने ये जारी किए थे निर्देश :
नगर परिषद के प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने 12 जून को पत्र जारी करके निर्देश जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि नगर परिषद द्वारा जो निर्माण कार्य करवाए जा रहे है। उनका पूर्व में कितने साल पहले किस एजेंसी के माध्यम से निर्माण किया गया था। उसके कार्य आदेश की प्रति दी जाए। जिन गलियों का निर्माण करवाया जा रहा है उनकी वीडियोग्राफी करवाई जाए। जिन गलियों में इंटरलॉक लगी है उन्हें खुली बोली से ही बेचा जाए।
रिमांडर भेजा गया है : प्रधान
मुझे नगर परिषद अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर ही निर्देश जारी किए गए थे। सोमवार को इस संबंध में रिमाइंडर भी भेजा गया है।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
नगर परिषद प्रधान ने इंटरलॉक टाइलों की खुली बोली के निर्देश दिए थे, इसको लेकर कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इसमें समय लग सकता है। जगह का भी अभाव है। इसके अलावा तकनीकी शाखा द्वारा कार्य के शुरू होने से पहले, मध्यांतर और कार्य के अंत में छायाचित्र करवाए जाते हैं। नियम के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी करवाने के उपरांत ही मौके पर कार्य को संपन्न करवाया जाता है।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद
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नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने 12 जून को प्रधान द्वारा जारी किए गए पत्र का जवाब देते हुए खुली बोली को लेकर कई औपचारिकताएं गिनवाई हैं। अफसरों के मुताबिक खुली बोली करवाने के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी होगी, जिसमें समय लग जाएगा। पूर्व की तरह ठेकेदार से ही मौके के हिसाब से 3 रुपये 90 पैसे प्रति टाइल की दर से रिकवरी की जा सकती है। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो टेंडर के कार्य की सीमा पांच माह निर्धारित की गई है और उनकी सीमा को 6 से 8 माह करना होगा। इसके अलावा टीम का भी गठन करना होगा। बता दें कि नगर परिषद ने वार्डों में गलियों के निर्माण को लेकर टेंडर लगाए थे। ये टेंडर खोले जा चुके हैं। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से गलियों का निर्माण होना है।
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अधिकारी बोले-खुली बोली के लिए ये करवानी होंगी औपचारिकताएं :
- खुली बोली के विज्ञापनों का प्रकाशन करवाना होगा
- बोली के लिए न्यूनतम रेट निर्धारित करने होंगे
- बोली के समय टैंट, चाय-पानी की व्यवस्था करनी होगी
- सफल बोलीदाता द्वारा औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी
- सफल बोलीदाता द्वारा उक्त टाइलों को मौके से उठवाना आदि कार्यों में समय लगेगा
- इसके अलावा जब तक गली उखाड़ी नहीं जाएगी, तब तक यह मूल्यांकन करना मुश्किल होगा कि मौके पर कितनी टाइलों का दोबारा प्रयोग हो सकता है और कितनी टाइलें व्यर्थ हैं।
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प्रधान ने ये जारी किए थे निर्देश :
नगर परिषद के प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने 12 जून को पत्र जारी करके निर्देश जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि नगर परिषद द्वारा जो निर्माण कार्य करवाए जा रहे है। उनका पूर्व में कितने साल पहले किस एजेंसी के माध्यम से निर्माण किया गया था। उसके कार्य आदेश की प्रति दी जाए। जिन गलियों का निर्माण करवाया जा रहा है उनकी वीडियोग्राफी करवाई जाए। जिन गलियों में इंटरलॉक लगी है उन्हें खुली बोली से ही बेचा जाए।
रिमांडर भेजा गया है : प्रधान
मुझे नगर परिषद अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर ही निर्देश जारी किए गए थे। सोमवार को इस संबंध में रिमाइंडर भी भेजा गया है।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
नगर परिषद प्रधान ने इंटरलॉक टाइलों की खुली बोली के निर्देश दिए थे, इसको लेकर कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इसमें समय लग सकता है। जगह का भी अभाव है। इसके अलावा तकनीकी शाखा द्वारा कार्य के शुरू होने से पहले, मध्यांतर और कार्य के अंत में छायाचित्र करवाए जाते हैं। नियम के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी करवाने के उपरांत ही मौके पर कार्य को संपन्न करवाया जाता है।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद