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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में अब इमरजेंसी वार्ड का नहीं होगा आम रास्ता
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बंद किया जा रहा इमरजेंसी के सामने से ओपीडी को जाने का रास्ता
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में आपातकालीन वार्ड का रास्ता अब आम नहीं होगा। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड के सामने से ओपीडी ब्लॉक के लिए जाने के रास्ते को बंद करवा दिया है। एनक्वास के नियमों के तहत इसे बंद किया गया है।
इससे फायदा ये होगा कि इमरजेंसी के सामने अब मरीजों की भीड़ नहीं लगेगी। आम तौर पर ओपीडी में जाने वाले मरीज भी इमरजेंसी के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। इसके चलते इमरजेंसी के बाहर भीड़ की स्थिति रहती है।
पिछले दिनों एनक्वास को लेकर तैयारियों का जायजा लेने आए अधिकारियों ने निर्देश जारी किए थे। इसके बाद ये फेरबदल किया गया है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को मुख्य गेट से आना होगा।
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स्ट्रेचर और व्हील चेयर के लिए बनाया शेड
नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के बाहर स्ट्रेचर और व्हील चेयर के लिए शेड लगवाया गया है। इस शेड के नीचे ही व्हीलचेयर और स्ट्रेचर को रखा जाएगा। इसके अलावा पोस्टमार्टम गृह के सामने भी शेड लगवाया गया है ताकि लोगों को धूप में दिक्कत न आए।
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80 अंक के साथ किया गया है आवेदन
नागरिक अस्पताल प्रशासन एनक्वास के लिए 80 अंक के साथ जून माह में आवेदन कर चुका है। अब अंतर जिला टीम मूल्यांकन के लिए आ सकती है। इसके बाद प्रदेश स्तर की टीम निरीक्षण करेगी और केंद्र की टीम निरीक्षण करने के लिए आएगी। आंतरिक मूल्यांकन को लेकर पहले स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ.रत्तना भारती निरीक्षण कर चुकी है।
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नागरिक अस्पताल की 42 साल पुरानी है इमारत
नागरिक अस्पताल की इमारत करीब 42 साल पुरानी है। ये भी एक वजह है कि अस्पताल एनक्वास की शर्तों को पूरा नहीं कर पाया है। भवन भी 50 बेड के हिसाब से बना है जबकि यहां सुविधा 100 बेड की है।
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नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी के सामने आम रास्ता नहीं होगा। यहां पर गेट लगवाया जा रहा है। ओपीडी मरीजों को दूसरे रास्ते से आना होगा। एनक्वास को लेकर आई टीम ने निर्देश दिए थे इमरजेंसी के लिए स्पेशल रास्ता होना चाहिए और ये आम मरीजों के लिए न हो, ताकि भीड़ न रहे।
-बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
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इससे फायदा ये होगा कि इमरजेंसी के सामने अब मरीजों की भीड़ नहीं लगेगी। आम तौर पर ओपीडी में जाने वाले मरीज भी इमरजेंसी के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। इसके चलते इमरजेंसी के बाहर भीड़ की स्थिति रहती है।
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पिछले दिनों एनक्वास को लेकर तैयारियों का जायजा लेने आए अधिकारियों ने निर्देश जारी किए थे। इसके बाद ये फेरबदल किया गया है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को मुख्य गेट से आना होगा।
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स्ट्रेचर और व्हील चेयर के लिए बनाया शेड
नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के बाहर स्ट्रेचर और व्हील चेयर के लिए शेड लगवाया गया है। इस शेड के नीचे ही व्हीलचेयर और स्ट्रेचर को रखा जाएगा। इसके अलावा पोस्टमार्टम गृह के सामने भी शेड लगवाया गया है ताकि लोगों को धूप में दिक्कत न आए।
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80 अंक के साथ किया गया है आवेदन
नागरिक अस्पताल प्रशासन एनक्वास के लिए 80 अंक के साथ जून माह में आवेदन कर चुका है। अब अंतर जिला टीम मूल्यांकन के लिए आ सकती है। इसके बाद प्रदेश स्तर की टीम निरीक्षण करेगी और केंद्र की टीम निरीक्षण करने के लिए आएगी। आंतरिक मूल्यांकन को लेकर पहले स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ.रत्तना भारती निरीक्षण कर चुकी है।
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नागरिक अस्पताल की 42 साल पुरानी है इमारत
नागरिक अस्पताल की इमारत करीब 42 साल पुरानी है। ये भी एक वजह है कि अस्पताल एनक्वास की शर्तों को पूरा नहीं कर पाया है। भवन भी 50 बेड के हिसाब से बना है जबकि यहां सुविधा 100 बेड की है।
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नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी के सामने आम रास्ता नहीं होगा। यहां पर गेट लगवाया जा रहा है। ओपीडी मरीजों को दूसरे रास्ते से आना होगा। एनक्वास को लेकर आई टीम ने निर्देश दिए थे इमरजेंसी के लिए स्पेशल रास्ता होना चाहिए और ये आम मरीजों के लिए न हो, ताकि भीड़ न रहे।
-बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल