{"_id":"65297bf69b6cdff4470f5786","slug":"now-the-construction-of-the-new-building-of-the-district-hospital-will-be-completed-in-the-year-2025-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-6928-2023-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: अब वर्ष 2025 में पूरा होगा जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: अब वर्ष 2025 में पूरा होगा जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग निर्माण
Fri, 13 Oct 2023 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 13 Oct 2023 10:48 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद।
शहर के हुडा सेक्टर 9 में निर्माणाधीन अस्पताल की नई बिल्डिंग वर्ष 2024 में बनकर तैयार नहीं होगी। अभी तक सिर्फ 26.50 फीसदी ही बिल्डिंग का निर्माण पूरा हुआ है। यानि करीब 75 फीसदी निर्माण अभी बाकी है। अस्पताल की बिल्डिंग के निर्माण की डेड लाइन को बढ़ाकर वर्ष 2025 कर दिया गया है। यानि अभी जो अस्पताल 2024 में बनकर तैयार होना था उसे अभी बनने में दो साल का और समय लगेगा। इसको लेकर एसीएस की तरफ से निर्देश भी जारी हो गए हैं।
अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण पिछले साल यानि वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। निर्माण को लेकर वर्ष 2024 डेड लाइन रखी गई थी। कंपनी को वर्ष 2024 में निर्माण पूरा करना था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पताल के प्लान में बार-बार फेरबदल के चलते निर्माण कार्य सिर्फ 26.50 फीसदी ही पूरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार लोक निर्माण विभाग से निर्माण को लेकर स्टेटस रिपोर्ट भी ले रहा है। गौरतलब है कि हुडा सेक्टर 9 में करीब 18 एकड़ में स्वास्थ्य विभाग 200 बेड के अस्पताल का निर्माण करवा रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में बेडों की संख्या 400 तक ले जाने की तैयारी में है। इसके चलते बार-बार प्लान में फेरबदल भी हो रहे है। इसको लेकर प्रक्रिया करीब 17 साल से चल रही थी। 17 साल बाद ये प्रोजेक्ट सिरे चढ़ा है। अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग करीब सात मंजिला होगी। यहां पर मरीजों के लिए प्राइवेट कक्ष भी होंगे।
नहीं होगा सीएमओ कार्यालय
अस्पताल परिसर मेंं सिविल सर्जन कार्यालय नहीं होगा। सिविल सर्जन कार्यालय को मौजूदा नागरिक अस्पताल के भवन में शिफ्ट किया जा सकता है। पहले अस्पताल की बिल्डिंग में ही सीएमओ कार्यालय का ब्लॉक बनाया जा रहा था। लेकिन अब यहां चार मंजिला ओपीडी ब्लॉक होगा। पूरे ब्लॉक में ओपीडी कक्ष होंगे। इसी ब्लॉक में आखिरी मंजिल पर आयुष विभाग की ओपीडी और कार्यालय होगा। स्वास्थ्य विभाग भीड़ को कम करने और सुरक्षा को देखते हुए ओपीडी ब्लॉक को अलग से बना रहा है।
विज्ञापन
प्रवेश गेट पर ही होगी क्रिटिकल केयर यूनिट
अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने पर भी फैसला लिया गया है। इस यूनिट में गंभीर मरीजों का उपचार होगा। इसे मुख्य प्रवेश गेट के पास ही बनाया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक की टीम पहले सर्वे भी कर चुकी है।
पीएचसी और सीएचसी का जिला परिषद करवाएगी मरम्मत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरम्मत कार्य लोक निर्माण विभाग नहीं करवाएगा। काम का बोझ ज्यादा होने के चलते लोक निर्माण विभाग ने इंकार किया है। अब जिला परिषद ही पीएचसी और सीएचसी में मरम्मत कार्य करवाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी एसएमओ से भी रिपोर्ट मांगी है कि वह बताएं कि उनके क्षेत्र के किसी भवन की हालत खराब तो नहीं है। अगर है तो रिपोर्ट दी जाए। अभी हाल ही में गांव नहला की पीएचसी में छत का प्लास्टर गिरा था।
जिले के सभी अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी गई है कि वह बताएं कि उनके किसी संस्थान की हालत कंडम तो नहीं है। अगर कंडम है तो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे।
-डॉ. कुलदीप गौरी, उप सिविल सर्जन
अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य 26 फीसदी तक पूरा हुआ है। उच्च अधिकारियों की तरफ से डेड लाइन को एक साल आगे बढ़ाया जा रहा है।
-गजेंद्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
शहर के हुडा सेक्टर 9 में निर्माणाधीन अस्पताल की नई बिल्डिंग वर्ष 2024 में बनकर तैयार नहीं होगी। अभी तक सिर्फ 26.50 फीसदी ही बिल्डिंग का निर्माण पूरा हुआ है। यानि करीब 75 फीसदी निर्माण अभी बाकी है। अस्पताल की बिल्डिंग के निर्माण की डेड लाइन को बढ़ाकर वर्ष 2025 कर दिया गया है। यानि अभी जो अस्पताल 2024 में बनकर तैयार होना था उसे अभी बनने में दो साल का और समय लगेगा। इसको लेकर एसीएस की तरफ से निर्देश भी जारी हो गए हैं।
अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण पिछले साल यानि वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। निर्माण को लेकर वर्ष 2024 डेड लाइन रखी गई थी। कंपनी को वर्ष 2024 में निर्माण पूरा करना था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पताल के प्लान में बार-बार फेरबदल के चलते निर्माण कार्य सिर्फ 26.50 फीसदी ही पूरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग बार-बार लोक निर्माण विभाग से निर्माण को लेकर स्टेटस रिपोर्ट भी ले रहा है। गौरतलब है कि हुडा सेक्टर 9 में करीब 18 एकड़ में स्वास्थ्य विभाग 200 बेड के अस्पताल का निर्माण करवा रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में बेडों की संख्या 400 तक ले जाने की तैयारी में है। इसके चलते बार-बार प्लान में फेरबदल भी हो रहे है। इसको लेकर प्रक्रिया करीब 17 साल से चल रही थी। 17 साल बाद ये प्रोजेक्ट सिरे चढ़ा है। अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग करीब सात मंजिला होगी। यहां पर मरीजों के लिए प्राइवेट कक्ष भी होंगे।
विज्ञापन
नहीं होगा सीएमओ कार्यालय
अस्पताल परिसर मेंं सिविल सर्जन कार्यालय नहीं होगा। सिविल सर्जन कार्यालय को मौजूदा नागरिक अस्पताल के भवन में शिफ्ट किया जा सकता है। पहले अस्पताल की बिल्डिंग में ही सीएमओ कार्यालय का ब्लॉक बनाया जा रहा था। लेकिन अब यहां चार मंजिला ओपीडी ब्लॉक होगा। पूरे ब्लॉक में ओपीडी कक्ष होंगे। इसी ब्लॉक में आखिरी मंजिल पर आयुष विभाग की ओपीडी और कार्यालय होगा। स्वास्थ्य विभाग भीड़ को कम करने और सुरक्षा को देखते हुए ओपीडी ब्लॉक को अलग से बना रहा है।
विज्ञापन
प्रवेश गेट पर ही होगी क्रिटिकल केयर यूनिट
अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने पर भी फैसला लिया गया है। इस यूनिट में गंभीर मरीजों का उपचार होगा। इसे मुख्य प्रवेश गेट के पास ही बनाया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक की टीम पहले सर्वे भी कर चुकी है।
पीएचसी और सीएचसी का जिला परिषद करवाएगी मरम्मत
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरम्मत कार्य लोक निर्माण विभाग नहीं करवाएगा। काम का बोझ ज्यादा होने के चलते लोक निर्माण विभाग ने इंकार किया है। अब जिला परिषद ही पीएचसी और सीएचसी में मरम्मत कार्य करवाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी एसएमओ से भी रिपोर्ट मांगी है कि वह बताएं कि उनके क्षेत्र के किसी भवन की हालत खराब तो नहीं है। अगर है तो रिपोर्ट दी जाए। अभी हाल ही में गांव नहला की पीएचसी में छत का प्लास्टर गिरा था।
जिले के सभी अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी गई है कि वह बताएं कि उनके किसी संस्थान की हालत कंडम तो नहीं है। अगर कंडम है तो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे।
-डॉ. कुलदीप गौरी, उप सिविल सर्जन
अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य 26 फीसदी तक पूरा हुआ है। उच्च अधिकारियों की तरफ से डेड लाइन को एक साल आगे बढ़ाया जा रहा है।
-गजेंद्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग