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स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 : अब स्वच्छता के साथ कोरोना प्रबंधन के भी मिलेंगे अंक
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नगर परिषद कार्यालय।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 को लेकर इस बार बदलाव किया गया है। अब स्वच्छता सर्वेक्षण परीक्षा 6000 अंकों की नहीं बल्कि 7500 अंकों की होगी। 1500 अंकों की बढ़ोतरी की गई है। कोरोना वेस्ट मैनेजमेंट के भी इस बार अंक जोड़े गए हैं। इसके 200 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा धार्मिक व सामाजिक आयोजनों पर कचरा प्रबंधन कैसे हैं इसको लेकर भी अंक तय किए गए हैं।
सर्विस लेवल प्रोग्रेस के पहले 2000 अंक थे लेकिन अब 3000 अंक तय किए गए हैं। फीडबैक के लिए टीम 2022 में फरवरी या मार्च तक आ सकती है लेकिन ऑनलाइन फीडबैक सर्वेक्षण इससे पहले शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी तक स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का परिणाम जारी नहीं हुआ है। 2020 में जिले के शहरों ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बेहतर प्रदर्शन किया था।
2020 तक जिले का स्वच्छता सर्वेक्षण का ये रहा है परिणाम
नगर निकाय साल 2018 साल 2019 साल 2020
फतेहाबाद 191 177 27
टोहाना 289 329 26
रतिया 612 984 137
भूना 175 391 105
2021 का स्वच्छता सर्वेक्षण परिणाम नहीं हुआ जारी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले का इसी साल स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था। टीम गुप्त तरीके से आई और जिले का सर्वेक्षण करके लौट गई। लेकिन अभी तक स्वच्छता सर्वेक्षण परिणाम जारी नहीं हुआ है। हालांकि 2020 में अगस्त माह में ही परिणाम जारी कर दिया गया था।
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लोगों से पूछा जाएगा गीला-सूखा के बारे कितना जानते, मिलेंगे 2250 अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में 2250 अंक सिटीजन वॉयस के निर्धारित किए हैं। शहरवासियों से सवाल पूछे जाएंगे कि उनके घरों से रोजाना कूड़ा उठता है या नहीं। इसके अलावा क्या वह गीला-सूखा कूड़ा अलग कर डालते हैं। लोगों को जानकारी है कि टॉयलेट को गूगल पर सर्च कर सकते हैं।
खुले में शौच- मुक्त है या नहीं मिलेंगे अंक
शहर पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त है या नहीं, इसको लेकर भी अंक निर्धारित किए गए हैं। ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेट के 400, ओडीएफ प्लस प्लस सर्टिफिकेट के 800 अंक, और वाटर प्लस सर्टिफिकेट के 1000 अंक निर्धारित किए हैं।
शहर में समय से कचरा न उठना, सबसे बड़ी चुनौती
शहर फतेहाबाद की अगर बात की जाए तो यहां पर सफाई कर्मचारियों की संख्या कम है। औपचारिक रूप से शहर में मात्र 110 सफाई कर्मी सफाई कर रहे है हालांकि सफाई कर्मियों की संख्या करीब 165 है। इसमें 30 कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर काम कर रहे है। इसके अलावा कई सफाई कर्मियों को दरोगा की जिम्मेदारी दे रखी है। इसके चलते शहर के कचरा संग्रह स्थलों से दोपहर 12 बजे तक कचरा नहीं उठ रहा है।
कोट
स्वच्छता सर्वेक्षण के अंक बढ़कर 7500 हो गए है। कोराना वेस्ट मैनेजमेंट के अंक भी निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 2000 अंक थे इसके बाद 3000 अंक हो गए हैं। 2021 के स्वच्छता सर्वेक्षण का अभी परिणाम नहीं आया है।
- कुमार सौरभ, सिटी टीम लीडर, स्वच्छ भारत मिशन
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सर्विस लेवल प्रोग्रेस के पहले 2000 अंक थे लेकिन अब 3000 अंक तय किए गए हैं। फीडबैक के लिए टीम 2022 में फरवरी या मार्च तक आ सकती है लेकिन ऑनलाइन फीडबैक सर्वेक्षण इससे पहले शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी तक स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का परिणाम जारी नहीं हुआ है। 2020 में जिले के शहरों ने स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बेहतर प्रदर्शन किया था।
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2020 तक जिले का स्वच्छता सर्वेक्षण का ये रहा है परिणाम
नगर निकाय साल 2018 साल 2019 साल 2020
फतेहाबाद 191 177 27
टोहाना 289 329 26
रतिया 612 984 137
भूना 175 391 105
2021 का स्वच्छता सर्वेक्षण परिणाम नहीं हुआ जारी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले का इसी साल स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था। टीम गुप्त तरीके से आई और जिले का सर्वेक्षण करके लौट गई। लेकिन अभी तक स्वच्छता सर्वेक्षण परिणाम जारी नहीं हुआ है। हालांकि 2020 में अगस्त माह में ही परिणाम जारी कर दिया गया था।
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लोगों से पूछा जाएगा गीला-सूखा के बारे कितना जानते, मिलेंगे 2250 अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में 2250 अंक सिटीजन वॉयस के निर्धारित किए हैं। शहरवासियों से सवाल पूछे जाएंगे कि उनके घरों से रोजाना कूड़ा उठता है या नहीं। इसके अलावा क्या वह गीला-सूखा कूड़ा अलग कर डालते हैं। लोगों को जानकारी है कि टॉयलेट को गूगल पर सर्च कर सकते हैं।
खुले में शौच- मुक्त है या नहीं मिलेंगे अंक
शहर पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त है या नहीं, इसको लेकर भी अंक निर्धारित किए गए हैं। ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेट के 400, ओडीएफ प्लस प्लस सर्टिफिकेट के 800 अंक, और वाटर प्लस सर्टिफिकेट के 1000 अंक निर्धारित किए हैं।
शहर में समय से कचरा न उठना, सबसे बड़ी चुनौती
शहर फतेहाबाद की अगर बात की जाए तो यहां पर सफाई कर्मचारियों की संख्या कम है। औपचारिक रूप से शहर में मात्र 110 सफाई कर्मी सफाई कर रहे है हालांकि सफाई कर्मियों की संख्या करीब 165 है। इसमें 30 कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर काम कर रहे है। इसके अलावा कई सफाई कर्मियों को दरोगा की जिम्मेदारी दे रखी है। इसके चलते शहर के कचरा संग्रह स्थलों से दोपहर 12 बजे तक कचरा नहीं उठ रहा है।
कोट
स्वच्छता सर्वेक्षण के अंक बढ़कर 7500 हो गए है। कोराना वेस्ट मैनेजमेंट के अंक भी निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 2000 अंक थे इसके बाद 3000 अंक हो गए हैं। 2021 के स्वच्छता सर्वेक्षण का अभी परिणाम नहीं आया है।
- कुमार सौरभ, सिटी टीम लीडर, स्वच्छ भारत मिशन