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लारवा मिलने पर 348 घरों को नोटिस जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 11:54 PM IST
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Notice issued to 348 houses on getting larva
फतेहाबाद। मानसून के साथ-साथ जिले में बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार और डायरिया की ओपीडी तीन गुना बढ़ गई है। सरकारी अस्पताल में रोजाना बुखार और डायरिया को लेकर 150 से 200 की ओपीडी आ रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल ही में 1 जुलाई से 10 जुलाई तक करवाए गए सर्वे में 1630 मरीज वायरल बुखार के मरीज मिले हैं।
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इसके अलावा जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग लारवा मिलने पर 348 घरों के मालिकों को नोटिस जारी कर चुका है। सर्वे को लेकर 50 टीमें लगाई गई है। राहत की बात यह है कि जिले में अभी तक डेंगू और मलेरिया मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि अभी तक डेंगू के 60 सैंपल लिए गए हैं।
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सर्वे के लिए लगाए गए 20 ब्लीडिंग चेकर :
डोर टू डोर सर्वे करके लारवा खत्म करने के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने 20 ब्लीडिंग चेकर लगाए हैं। ये ब्लीडिंग चेकर घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी व गमलों की जांच करेंगे। इस दौरान लारवा मिलने पर संबंधित घर के मालिक को नोटिस जारी करेंगे और लारवा नष्ट करेंगे।
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पिछले साल डेंगू ने बरपाया था कहर :
वर्ष मरीज मिले
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 0
60 सैंपल लिए गए लेकिन नहीं मिला डेंगू मरीज :
डेंगू को लेकर जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग 60 सैंपल ले चुका है। लेकिन अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। उप सिविल सर्जन डॉ. हनुमान का कहना है कि डेंगू बुखार एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में काटता है। डेंगू का मच्छर किसी भी जल इकट्ठा करने वाले बर्तन में पैदा हो सकता है। यह स्वच्छ जल में पनपता है। यह मच्छर कूलर, टंकी, गमला, टैंक, छतों पर पड़े टायर, फ्रीज के पीछे लगी ट्रे, गड्ढों में ठहरे पानी व नालियों में रुके पानी में पैदा हो सकता है।
ये हैं डेंगू के लक्षण :
डेंगू बुखार के रोगी में यह लक्षण आमतौर पर मिलते है जैसे कि तीव्र बुखार, सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द, आंख के पिछले भाग में दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, भूख कम लगना, शरीर पर खसरे जैसे दानों का निकलना व लाल चकते बनना, मिचली व उल्टी आना इत्यादि।
उपचार व बचाव :
डेंगू बुखार के लक्षण होने पर रोगी को रक्त की जांच हेतु एलीजा टेस्ट से करवाना चाहिए। रोगी को पैरासिटामोल की गोली देनी चाहिए। रोगी को पेय पदार्थ जैस दही, लस्सी, छाछ, ताजा जूस, नारियल पानी इत्यादि देने चाहिए। चिकित्सक को अवश्य दिखाना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए स्वच्छता का विशेष महत्व है। घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दे। घर के अंदर पानी सात दिन से अधिक किसी भी बर्तन इत्यादि में न रखें। घरों में कूलर, टंकी, घड़े आदि की सफाई सप्ताह में एक बार अवश्य करें। मच्छरदानी का प्रयोग करें, अपने शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। जहां रुका पानी निकालना संभव ना हो वहां काला तेल अथवा टेमीफॉस दवा डालनी चाहिए। सप्ताह में एक दिन रविवार को सूखा दिवस के रूप में मनाए। शरीर को पूर्णतया ढककर रखें। समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें व मच्छररोधक क्रीम का प्रयोग करें।

मौसम में परिवर्तन के कारण बुखार, खांसी, जुकाम के केस बढ़े है। रोजाना अस्पताल में 150 से 200 ओपीडी आ रही है। डायरिया के केस भी बढ़ रहे है। 20 से 30 ओपीडी डायरिया मरीजों की है। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। बाहर का खाना खाने से बचें और पानी को उबालकर ठंडा करके पीएं।
- डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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