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बूंदाबांदी और ठंड के बीच खाद के इंतजार में हो रही दोपहर
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टोहाना में बिक्री केंद्र पर यूरिया के लिए लगी किसानों की लंबी लाइन।
- फोटो : Fatehabad
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टोहाना। टोहाना उपमंडल में किसानों के लिए खाद का संकट खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है। यूरिया के लिए किसान कड़ाके की ठंड व शीतलहर में भी सुबह से शाम तक लंबी लाइनों में लगने को मजबूर है। इतना ही नहीं किसानों को लाइनों में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। टोहाना अनाज मंडी में खाद बिक्री केंद्रों पर लाइनों में खड़े गांव समैन, कन्हड़ी, भीमेवाला, कमलवाला, बलियाला के किसानों ने बताया कि वह खाद लेने के लिए सुबह 6 बजे से पहले ही लाइनों में खड़े हो जाते हैं। फिर भी शाम तक उन्हें खाद नहीं मिल पाती है और निराश लौटना पड़ता है। जरूरत के मुताबिक सरकार यूरिया उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
गांव समैन के किसान कुलदीप सिंह व बलिंद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से खाद लेने के लिए अपने गांव से रोज टोहाना शहर में आते हैं, फिर भी उन्हें जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल रही है। वहीं, अनाज मंडी के आढ़तियों का कहना है कि किसानों की यह समस्या पिछले दो महीनों से बनी हुई है। पीछे से खाद की सप्लाई कम होने के कारण किसानों को जरूरत के हिसाब से पूरी खाद नहीं मिल रही है।
कोट
सुबह से शाम तक फोन पर किसानों की समस्या सुननी पड़ रही है। किसानों का धैर्य जवाब देने लगा है। कई जगह खाद बिक्री केंद्रों पर किसानों की लाइन लगवाने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ती है। यूरिया की पीछे से सप्लाई कम है। अगले 3-4 दिन में इफको का एक रैक टोहाना में आएगा, उसके बाद समस्या हल होगी।
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- मुकेश मेहला, एसडीओ, कृषि विभाग टोहाना
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गांव समैन के किसान कुलदीप सिंह व बलिंद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से खाद लेने के लिए अपने गांव से रोज टोहाना शहर में आते हैं, फिर भी उन्हें जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल रही है। वहीं, अनाज मंडी के आढ़तियों का कहना है कि किसानों की यह समस्या पिछले दो महीनों से बनी हुई है। पीछे से खाद की सप्लाई कम होने के कारण किसानों को जरूरत के हिसाब से पूरी खाद नहीं मिल रही है।
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सुबह से शाम तक फोन पर किसानों की समस्या सुननी पड़ रही है। किसानों का धैर्य जवाब देने लगा है। कई जगह खाद बिक्री केंद्रों पर किसानों की लाइन लगवाने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ती है। यूरिया की पीछे से सप्लाई कम है। अगले 3-4 दिन में इफको का एक रैक टोहाना में आएगा, उसके बाद समस्या हल होगी।
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- मुकेश मेहला, एसडीओ, कृषि विभाग टोहाना