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Fatehabad News: 4 दिन से जलापूर्ति नहीं, रिसाव व टूटी पाइपलाइन ने ग्रामीणों की बढ़ाई परेशानी
Sun, 18 Jan 2026 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:45 PM IST
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गांव ढिंगसरा में स्थित जलघर की डिग्गी में सफाई नहीं होने से जमा हुई गाद व उगा घास। स्रोत ग्राम
फतेहाबाद। जिले के गांव ढिंगसरा में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। करीब आठ हजार की आबादी वाले इस गांव चार-चार दिन तक पानी की सप्लाई नहीं आती। इस कारण ग्रामीणों के दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। मजबूरन उन्हें पानी के टैंकर तक मंगवाने पड़ते हैं।
गांव का जलघर वर्ष 1984 में बनाया गया था। उस समय आबादी के अनुसार दो डिग्गियों का निर्माण किया गया। तब के बाद अब तक गांव में नई डिग्गी का निर्माण नहीं हुआ है। दोनों डिग्गियों में कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं। इन दरारों से पानी रिसता रहता है। इससे काफी पानी बेकार ही जमीन में चला जाता है।
स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब डिंग माइनर से जलघर तक आने वाली सीमेंट पाइपलाइन भी जगह-जगह से टूटी हुई है। लीकेज के कारण नहर से जलघर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। बार-बार शिकायतों के बावजूद मरम्मत और सुधार के नाम पर केवल आश्वासन मिलते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जलघर के पुनर्निर्माण और पाइपलाइन बदलने की मांग की है।
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चार दिन में एक बार हो रही सप्लाई
डिग्गियों में पानी नहीं ठहरने से पेयजल की बर्बादी हो रही है। इससे ढिंगसरा गांव में नियमित सप्लाई ठप है। वहीं हर चौथे दिन केवल 45 मिनट की पानी की आपूर्ति मिलती है। ग्रामीणों ने बताया कि दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यह सप्लाई नाकाफी है। मजबूरी में ग्रामीणों को महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं या फिर खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी ढोना पड़ रहा है।
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जलघर में है कंटीली झाडियां, पशुओं पर खतरा
जलघर के प्रांगण में कंटीली झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां उगे जहरीले पेड़ों की पत्तियां खाने से गांव के कई पशु बीमार हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार इन पेड़ों की कटाई, नई डिग्गी और सफाई की मांग की है। सफाई के अभाव में जलघर की डिग्गियों में गाद जमा है। अशुद्ध पानी की सप्लाई के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है।
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जलघर का निर्माण वर्ष 1984 में करवाया गया था। उसके बाद से अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। 4-4 दिन में पेयजल की आपूर्ति मिल रही है। इससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-दौलतराम, ग्रामीण।
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डिंग माइनर से जलघर तक आने वाली पाइपलाइन कई जगह से लीकेज है। इसको तुरंत बदला या ठीक किया जाए। ताकि जलघर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सके। साथ ही परिसर की साफ-सफाई भी रहनी चाहिए।
-लालचंद, ग्रामीण।
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गांव की आबादी के अनुसार हर दिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। जलघर की मरम्मत और सफाई भी करवाई जाए। 1984 के पुराने ढांचे की जगह आधुनिक और मजबूत डिग्गियों का निर्माण हो।
-जगतपाल, ग्रामीण।
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जनस्वास्थ्य विभाग को इन डिग्गियां का मरम्मत कार्य करवाना चाहिए। ताकि गर्मी के सीजन में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशासन से मांग है कि जलघर की देखरेख सही से करवाए।
-लीलूराम डूडी, ग्रामीण।
:: नहर से लेकर जलघर को सप्लाई देने वाली पाइपलाइन को डिंग माइनर से हटाकर से फतेहाबाद ब्रांच में जोड़ा जाएगा। इससे जलघर में पर्याप्त पानी पहुंचेगा। पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि गर्मियों के सीजन से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं अगले कुछ ही दिनों में डिग्गियों की सफाई करवाई जाएगी।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, फतेहाबाद।
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गांव का जलघर वर्ष 1984 में बनाया गया था। उस समय आबादी के अनुसार दो डिग्गियों का निर्माण किया गया। तब के बाद अब तक गांव में नई डिग्गी का निर्माण नहीं हुआ है। दोनों डिग्गियों में कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं। इन दरारों से पानी रिसता रहता है। इससे काफी पानी बेकार ही जमीन में चला जाता है।
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स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब डिंग माइनर से जलघर तक आने वाली सीमेंट पाइपलाइन भी जगह-जगह से टूटी हुई है। लीकेज के कारण नहर से जलघर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। बार-बार शिकायतों के बावजूद मरम्मत और सुधार के नाम पर केवल आश्वासन मिलते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जलघर के पुनर्निर्माण और पाइपलाइन बदलने की मांग की है।
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चार दिन में एक बार हो रही सप्लाई
डिग्गियों में पानी नहीं ठहरने से पेयजल की बर्बादी हो रही है। इससे ढिंगसरा गांव में नियमित सप्लाई ठप है। वहीं हर चौथे दिन केवल 45 मिनट की पानी की आपूर्ति मिलती है। ग्रामीणों ने बताया कि दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यह सप्लाई नाकाफी है। मजबूरी में ग्रामीणों को महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं या फिर खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी ढोना पड़ रहा है।
जलघर में है कंटीली झाडियां, पशुओं पर खतरा
जलघर के प्रांगण में कंटीली झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां उगे जहरीले पेड़ों की पत्तियां खाने से गांव के कई पशु बीमार हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार इन पेड़ों की कटाई, नई डिग्गी और सफाई की मांग की है। सफाई के अभाव में जलघर की डिग्गियों में गाद जमा है। अशुद्ध पानी की सप्लाई के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है।
जलघर का निर्माण वर्ष 1984 में करवाया गया था। उसके बाद से अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। 4-4 दिन में पेयजल की आपूर्ति मिल रही है। इससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-दौलतराम, ग्रामीण।
डिंग माइनर से जलघर तक आने वाली पाइपलाइन कई जगह से लीकेज है। इसको तुरंत बदला या ठीक किया जाए। ताकि जलघर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सके। साथ ही परिसर की साफ-सफाई भी रहनी चाहिए।
-लालचंद, ग्रामीण।
गांव की आबादी के अनुसार हर दिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। जलघर की मरम्मत और सफाई भी करवाई जाए। 1984 के पुराने ढांचे की जगह आधुनिक और मजबूत डिग्गियों का निर्माण हो।
-जगतपाल, ग्रामीण।
जनस्वास्थ्य विभाग को इन डिग्गियां का मरम्मत कार्य करवाना चाहिए। ताकि गर्मी के सीजन में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशासन से मांग है कि जलघर की देखरेख सही से करवाए।
-लीलूराम डूडी, ग्रामीण।
:: नहर से लेकर जलघर को सप्लाई देने वाली पाइपलाइन को डिंग माइनर से हटाकर से फतेहाबाद ब्रांच में जोड़ा जाएगा। इससे जलघर में पर्याप्त पानी पहुंचेगा। पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि गर्मियों के सीजन से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं अगले कुछ ही दिनों में डिग्गियों की सफाई करवाई जाएगी।
-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, फतेहाबाद।