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नए बस स्टैंड का भवन तैयार, सीवरेज और पेयजल लाइन का इंतजार
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नव-निर्मित बस स्टैंड।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। हिसार रोड पर निर्माणाधीन नए बस स्टैंड की समयावधि एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है। इसका मुख्य कारण जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल और सीवरेज की पानी लाइन न बिछाना बताया जा रहा है। जब धरातल पर इसकी पड़ताल की गई तो पाया गया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने न तो अभी सीवरेज लाइन डालने का काम शुरू किया है और न ही पेयजल की पाइप लाइन बिछाने का। लोक निर्माण विभाग जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता दोनों ही कार्य शीघ्र ही पूरा कर देने की बात कर रहे हैं।
हिसार रोड पर सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड 8 एकड़ जगह पर बन रहा है। यह तीन मंजिला बस स्टैंड होगा। इसमें 12 बसों के खड़ा करने का स्थान रहेगा। इस बस स्टैंड के निर्माण पर कुल 2008 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब तक इस 3 मंजिला इमारत पर 1130 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य 17 अप्रैल 2017 को आरंभ हुआ था और इस बस स्टैंड की बिल्डिंग 16 जनवरी 2019 को बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी, लेकिन लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया। इस बारे में लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता केके गोयत ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की वजह से बस स्टैंड का काम पूरा नहीं हो रहा।
तीन माह बाद यह काम पूरे कर लिए जाएंगे
जनस्वास्थ्य विभाग को बस स्टैंड के लिए पानी की पाइप लाइन बिछानी है। इसके लिए पटवार भवन के पीछे विभाग द्वारा बुस्टिंग स्टेशन लगाया गया है। खैराती खेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की पाइप इस बुस्टिंग स्टेशन तक पहुंचेगी। यहां से जनस्वास्थ्य विभाग बस स्टैंड के लिए 3 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाएगा। जिसके बाद बस स्टैंड के लिए पेयजल की सप्लाई हो सकेगा। इसी तरह मिनी बाईपास से सीवर लाइन बस स्टैंड तक डाली जायेगी। यह सीवरेज लाइन दो किलोमीटर तक बिछेगी, इसके लिए विभाग ने वन विभाग ने एनओसी मांगी है। विभाग का कहना है कि वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो जायेगा। इस पर करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत आएगी। विभाग के कार्यकारी अभियंता एसके त्यागी ने कहा कि यह सारा काम ठेकेदार ने 5 माह में पूरा करना था, जिसे दो माह बीत गए है और आगामी तीन माह बाद यह काम पूरे कर लिए जाएंगे।
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अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बस स्टैंड
यह बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट तथा कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था होगी। सेकेंड लोर पर सैलून, रेस्टोरेंट, कॉफी शॉप व गिफ्ट शॉप होंगी। जबकि तीसरी मंजिल पर कर्मचारियों व जीएम के कार्यालय होंगे। इस बस स्टैंड के शुरू हो जाने के बाद वर्तमान में बस स्टैंड व अस्पताल के बीच जाम से मुक्ति मिलेगी। मालूम हो कि कुछ समय बाद नागरिक अस्पताल हुडा के सेक्टर-9 में आरंभ हो जाएगा। तब मॉडल टाऊन व अस्पताल परिसर का क्षेत्र हुडा द्वारा कामर्शियल कर दिया जाएगा। मालूम हो कि वर्तमान में फतेहाबाद में चल रहे बस स्टैंड का निर्माण 1982 में हुआ था। तब फतेहाबाद सब डिवीजन था। धीरे-धीरे आबादी बढ़ने के बाद फतेहाबाद को भी 1997 में जिला घोषित कर दिया गया। तब से फतेहाबाद में नए बस स्टैंड की मांग जोर पकड़ रही थी।
बस स्टैंड हाईवे पर होने से प्रतिदिन हो रहीं दुर्घटनाएं
इस बारे में एडवोकेट रमेश जोइया ने कहा कि वर्तमान में बस स्टैंड हाईवे के ऊपर होने के कारण यहां प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही है। भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होने के कारण यातायात में भी दिक्कत आती है। बस स्टैंड शहर से बाहर जाता है तो यहां हाइवे पर यातायात नियंत्रित हो जाएगा।
सब्जी मंडी यूनियन के प्रधान बंटी सुखीजा ने कहा कि हिसार और सिरसा जाने के लिए बसें हाईवे के ऊपर ही खड़ी हो जाती हैं, जिससे पूरा दिन जाम की स्थिति रहती है। अगर बस स्टैंड हिसार रोड पर जाता है तो यहां भीड़भाड़ कम हो जाएगी।
पेट्रोल पंप संचालक ललित मेहता ने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए अब बस स्टैंड को बाहर ले जाने की आवश्यकता है। शहरवासी एक साल से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड की लेटलतीफी से लोगों को नुकसान भी हो रहा है।
इस बारे में अतुल वालिया ने कहा कि बस स्टैंड बाहर जाने से ऑटो रिक्शा चालकों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही यहां दुर्घटनाएं नहीं होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोनों विभागों पर सख्ती करके बस स्टैंड को शीघ्र ही बाहर शिफ्ट किया जाए।
वर्जन
हमारी तरफ से निर्माण कार्य लगभग पूरा है। फिनिशिंग कार्य इत्यादि दो माह में पूरा कर दिया जाएगा। पब्लिक हेल्थ का काम होने के बाद ही बस स्टैंड हैंड ओवर किया जा सकेगा।
केके गोयत, कार्यकारी अभियंता लोकनिर्माण विभाग
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हिसार रोड पर सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड 8 एकड़ जगह पर बन रहा है। यह तीन मंजिला बस स्टैंड होगा। इसमें 12 बसों के खड़ा करने का स्थान रहेगा। इस बस स्टैंड के निर्माण पर कुल 2008 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब तक इस 3 मंजिला इमारत पर 1130 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य 17 अप्रैल 2017 को आरंभ हुआ था और इस बस स्टैंड की बिल्डिंग 16 जनवरी 2019 को बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी, लेकिन लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया। इस बारे में लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता केके गोयत ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग की वजह से बस स्टैंड का काम पूरा नहीं हो रहा।
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तीन माह बाद यह काम पूरे कर लिए जाएंगे
जनस्वास्थ्य विभाग को बस स्टैंड के लिए पानी की पाइप लाइन बिछानी है। इसके लिए पटवार भवन के पीछे विभाग द्वारा बुस्टिंग स्टेशन लगाया गया है। खैराती खेड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की पाइप इस बुस्टिंग स्टेशन तक पहुंचेगी। यहां से जनस्वास्थ्य विभाग बस स्टैंड के लिए 3 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाएगा। जिसके बाद बस स्टैंड के लिए पेयजल की सप्लाई हो सकेगा। इसी तरह मिनी बाईपास से सीवर लाइन बस स्टैंड तक डाली जायेगी। यह सीवरेज लाइन दो किलोमीटर तक बिछेगी, इसके लिए विभाग ने वन विभाग ने एनओसी मांगी है। विभाग का कहना है कि वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो जायेगा। इस पर करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत आएगी। विभाग के कार्यकारी अभियंता एसके त्यागी ने कहा कि यह सारा काम ठेकेदार ने 5 माह में पूरा करना था, जिसे दो माह बीत गए है और आगामी तीन माह बाद यह काम पूरे कर लिए जाएंगे।
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अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बस स्टैंड
यह बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट तथा कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था होगी। सेकेंड लोर पर सैलून, रेस्टोरेंट, कॉफी शॉप व गिफ्ट शॉप होंगी। जबकि तीसरी मंजिल पर कर्मचारियों व जीएम के कार्यालय होंगे। इस बस स्टैंड के शुरू हो जाने के बाद वर्तमान में बस स्टैंड व अस्पताल के बीच जाम से मुक्ति मिलेगी। मालूम हो कि कुछ समय बाद नागरिक अस्पताल हुडा के सेक्टर-9 में आरंभ हो जाएगा। तब मॉडल टाऊन व अस्पताल परिसर का क्षेत्र हुडा द्वारा कामर्शियल कर दिया जाएगा। मालूम हो कि वर्तमान में फतेहाबाद में चल रहे बस स्टैंड का निर्माण 1982 में हुआ था। तब फतेहाबाद सब डिवीजन था। धीरे-धीरे आबादी बढ़ने के बाद फतेहाबाद को भी 1997 में जिला घोषित कर दिया गया। तब से फतेहाबाद में नए बस स्टैंड की मांग जोर पकड़ रही थी।
बस स्टैंड हाईवे पर होने से प्रतिदिन हो रहीं दुर्घटनाएं
इस बारे में एडवोकेट रमेश जोइया ने कहा कि वर्तमान में बस स्टैंड हाईवे के ऊपर होने के कारण यहां प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही है। भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होने के कारण यातायात में भी दिक्कत आती है। बस स्टैंड शहर से बाहर जाता है तो यहां हाइवे पर यातायात नियंत्रित हो जाएगा।
सब्जी मंडी यूनियन के प्रधान बंटी सुखीजा ने कहा कि हिसार और सिरसा जाने के लिए बसें हाईवे के ऊपर ही खड़ी हो जाती हैं, जिससे पूरा दिन जाम की स्थिति रहती है। अगर बस स्टैंड हिसार रोड पर जाता है तो यहां भीड़भाड़ कम हो जाएगी।
पेट्रोल पंप संचालक ललित मेहता ने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए अब बस स्टैंड को बाहर ले जाने की आवश्यकता है। शहरवासी एक साल से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड की लेटलतीफी से लोगों को नुकसान भी हो रहा है।
इस बारे में अतुल वालिया ने कहा कि बस स्टैंड बाहर जाने से ऑटो रिक्शा चालकों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही यहां दुर्घटनाएं नहीं होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोनों विभागों पर सख्ती करके बस स्टैंड को शीघ्र ही बाहर शिफ्ट किया जाए।
वर्जन
हमारी तरफ से निर्माण कार्य लगभग पूरा है। फिनिशिंग कार्य इत्यादि दो माह में पूरा कर दिया जाएगा। पब्लिक हेल्थ का काम होने के बाद ही बस स्टैंड हैंड ओवर किया जा सकेगा।
केके गोयत, कार्यकारी अभियंता लोकनिर्माण विभाग