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कभी स्टेडियम था अब है चारागाह

Mon, 14 Apr 2014 10:09 PM IST
fatehabad
fatehabad Updated Mon, 14 Apr 2014 10:09 PM IST
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 14 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आए गांव मादूआना स्थित स्टेडियम की हालात इतनी खराब है कि अब यहां स्टेडियम के नाम पर मात्र ढांचा ही खड़ा दिखाई देता है। कई वर्षों से इसकी देख-भाल न होने के कारण इस की चारदीवारी भी गिर चुकी है। बैठने के लिये बनाई गई सीढ़ियां जर्जर हो चुकी है।

 चारो और झाड़ियां व खरपतवार की भरमार है। इतना सब होने के बाद भी प्रशासन इस ओर से बेखबर है। क्षेत्र के खिलाड़ियों को स्टेडियम के अभाव में प्रेक्टिस करने के लिये इधर-उधर भटकना पड़ता है। आज स्टेडियम की हालात इतनी बद्तर हो चुकी है कि यहां खिलाड़ी कम और पशु ज्यादा आते है।

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1996 में क्षेत्र की सांसद व वर्तमान में राज्यसभा सदस्य कुमारी शैलजा ने शहर के खिलाड़ियो के लिये स्टेडियम के लिये 6 लाख रुपये की ग्रांट मंजूर कराई थी। शहर में स्टेडियम के लिये जगह न मिलने के कारण इसे शहर से लगते गांव मादूआना की पंचायती जमीन पर स्टेडियम की आधारशिला रख दी थी।
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 इसी ग्रांट से पंचायत की छह एकड़ जमीन पर स्टेडियम की चारदीवारी व दर्शकों के बैठने के लिये सीढ़ियाें का निर्माण करवाया था। जो देख-भाल के बिना अब जर्जर हालत में पहुंच चुकी है।

 क्योंकि यहां से लगातार कुमारी शैलजा के विरोधी गुट के विधायक ही बनते रहे हैं चाहे वो कांग्रेस पार्टी के ही क्यों न हो। जिससे उन्होंने कभी भी इस स्टेडियम की और कोई ध्यान नही दिया है।


बॉक्ंिसग के  खिलाड़ी नवदीप का कहना है कि यहां एकमात्र स्टेडियम है जिसकी हालात खस्ताहाल है, नजदीक ही गंदे पानी का नाला भी निकलता है, जिसकी बदबू से खेलना कठिन है। न ही वहां कोई सुविधा है।


कुश्ती की प्रैक्टिस कर रहे प्लेयर बिट्टू का कहना है कि टोहाना शहर के नजदीक एकमात्र स्टेडियम है, वहां गहरी घास है खेलने का सामान तक वहां उपलब्ध नहीं है, रास्ते भी उबड़-खाबड़ है।  यहां तो पीने के पानी की भी सही व्यवस्था नहीं है और न ही इस ओर कोई ध्यान दे रहा है।

 कुश्ती की प्रैक्टिस करवा रहे कोच राधे श्याम का कहना है कि यहां जो स्टेडियम है उसमें किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। निजी क्लबों को तो सरकार पैसे दे रही है, मगर सरकारी स्टेडियम होते हुए भी इसे वर्षों से कोई सहायता नहीं मिल रही है।

 इस बारे में जब तहसीलदार हरिओम बिश्नोई से बात की गई तो उनका कहना था कि स्टेडियम के लिए ग्रांट मंजूरी के लिए भेजी गई है। जल्द ही इस का सुधार करवा दिया जायेगा। वहीं मनरेगा के तहत भी बीड़ीओं को कहा गया है कि इस स्टेडियम की सफाई आदि का काम करवाया जाए।



 टोहाना क्षेत्र से कबड्डी और बाक्सिंग के कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हुए हैं। मगर उन्हाेंने अपने स्तर पर ही प्रैक्टिस आदि कर ऊंचा स्थान पाया है। मगर सरकार की ओर से ना तो पहले उन्हें कोई सहायता मिली थी और ना ही आज मिल रही है।

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