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Fatehabad News: एक सप्ताह में चार बार टूटी मुंशीवाला माइनर, धान की रोपाई हो रही प्रभावित
Sat, 28 Jun 2025 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 28 Jun 2025 10:48 PM IST
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मुंशीवाला माइनर में बह रहा है क्षमता का आधा पानी और रिसाव होने से भरा खेतों में पानी। स्रोत:कि
फतेहाबाद। मुंशीवाला माइनर गांव ढाणी ठोबा और मल्हड़ के बीच चार बार टूट चुकी है। वहीं पिछले दो दिनों से माइनर में पानी का रिसाव हो रहा है। इससे इस रजवाहे पर लगने वाले खेतों के किसान परेशान हैं।
माइनर के टूटने से करीब 100 एकड़ में पानी भर चुका है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेत में पानी भरने से धान की फसल की रोपाई में देरी हो रही है। किसानों ने बताया कि दो माह की नहरबंदी के दौरान माइनर की सफाई नहीं करवाई गई और न ही तटबंध को मजबूत किया गया।
इससे मुंशीवाला माइनर में रिसाव होता है और इसके बाद कटाव होने टूट जाता है। सिंचाई विभाग की ओर से माइनर को टूटने से बचाने के लिए पानी की क्षमता कम गई है। इससे सिंचाई की पूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। इसको लेकर किसानों ने माइनर की सफाई करवाकर पूरा पानी चलाए जाने की मांग की है।
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मुंशीवाला माइनर की क्षमता 76 क्यूसेक है। इसमें से ढाणी ठोबा और अयाल्की के छोटे रजवाहा की शाखा निकलती है। इससे गांव ढाणी ठोबा, खान मोहम्मद, ढाणी बिंजा लांबा, बरोटा, अहरवां, दौलतपुर और हिजरावांखुर्द सहित अयाल्की माइनर पर लगने वाले गांव के खेतों की पेयजल और सिंचाई की पूर्ति पूरी होती है।
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मनरेगा मजदूरों ने भरी मिट्टी
माइनर के बार-बार टूटने से अंतिम छोर गांव दौलतपुर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गांव ढाणी ठोबा के किसान सुरेश गढ़वाल, कृष्ण, महेंद्र, बीरबल सिंह, मास्टर गुलाब सिंह, भाल सिंह और ओमप्रकाश आदि ने बताया कि शुक्रवार शाम को गांव ढाणी ठोबा के पास हुए रिसाव की सूचना जेई को दी गई थी। जेई जायजा लेने पहुंचे। इसके बाद शनिवार को बेलदार को बुलाकर मनरेगा मजदूरों की सहायता से मिट्टी भरी गई। वहीं गांव मुंशीवाला से निकलने वाले माइनर से 10 से अधिक गांवों में पेयजल व सिंचाई का काम किया जाता है।
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मेरे खेत में दो बार माइनर टूट चुकी है। इससे खेत में पानी भर गया है। अब धान की रोपाई का काम जारी है। ऐसे में अगर फिर से माइनर टूटती है तो इससे धान की फसल खराब हो सकती है।
-सुरेश गढ़वाल, किसान गांव ढाणी ठोबा।
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माइनर के तट कमजोर होने के कारण क्षमता का आधा पानी चल रहा है। इससे सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। सिंचाई विभाग को माइनर की सफाई और कमजोर तटों पर ध्यान देना चाहिए।
-गुलाब सिंह, किसान गांव ढाणी ठोबा।
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मुंशीवाला माइनर में पानी कम छोड़ा गया है। जो कि सिंचाई की पूर्ति को पूरा नहीं कर पा रहा है। सिंचाई विभाग को माइनर के तटों को मजबूत करने चाहिए और समय-समय पर इसकी सफाई और मरम्मत कार्य करवानी चाहिए।
-शिशपाल, किसान गांव ढाणी ठोबा।
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माइनर में रिसाव होने से व बार-बार टूटने से खेतों के रास्तों पर पानी भरा रहता है। वहीं खेतों की बुवाई का काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सिंचाई विभाग जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
-महेंद्र सिंह, किसान गांव ढाणी ठोबा।
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मुंशीवाला माइनर की सफाई का काम करवाया गया था। फिलहाल मनरेगा मजदूरों की सहायता से इस पर मिट्टी डाली जा रही है। माइनर में हुए मामूली रिसाव को बंद कर दिया गया है। माइनर के अंतिम छोर के दौलतपुर तक क्षमता के अनुसार पानी पहुंच रहा है। गांव ढाणी ठोबा और मल्हड़ के गांवों के की मिट्टी ज्यादा सख्त है। जिसमें नमी मात्रा कम होने पर इसमें दरार बन जाती है। इससे रिसाव हो जाता है।
-धमेंद्र, जेई, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।
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माइनर के टूटने से करीब 100 एकड़ में पानी भर चुका है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेत में पानी भरने से धान की फसल की रोपाई में देरी हो रही है। किसानों ने बताया कि दो माह की नहरबंदी के दौरान माइनर की सफाई नहीं करवाई गई और न ही तटबंध को मजबूत किया गया।
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इससे मुंशीवाला माइनर में रिसाव होता है और इसके बाद कटाव होने टूट जाता है। सिंचाई विभाग की ओर से माइनर को टूटने से बचाने के लिए पानी की क्षमता कम गई है। इससे सिंचाई की पूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। इसको लेकर किसानों ने माइनर की सफाई करवाकर पूरा पानी चलाए जाने की मांग की है।
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मुंशीवाला माइनर की क्षमता 76 क्यूसेक है। इसमें से ढाणी ठोबा और अयाल्की के छोटे रजवाहा की शाखा निकलती है। इससे गांव ढाणी ठोबा, खान मोहम्मद, ढाणी बिंजा लांबा, बरोटा, अहरवां, दौलतपुर और हिजरावांखुर्द सहित अयाल्की माइनर पर लगने वाले गांव के खेतों की पेयजल और सिंचाई की पूर्ति पूरी होती है।
मनरेगा मजदूरों ने भरी मिट्टी
माइनर के बार-बार टूटने से अंतिम छोर गांव दौलतपुर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गांव ढाणी ठोबा के किसान सुरेश गढ़वाल, कृष्ण, महेंद्र, बीरबल सिंह, मास्टर गुलाब सिंह, भाल सिंह और ओमप्रकाश आदि ने बताया कि शुक्रवार शाम को गांव ढाणी ठोबा के पास हुए रिसाव की सूचना जेई को दी गई थी। जेई जायजा लेने पहुंचे। इसके बाद शनिवार को बेलदार को बुलाकर मनरेगा मजदूरों की सहायता से मिट्टी भरी गई। वहीं गांव मुंशीवाला से निकलने वाले माइनर से 10 से अधिक गांवों में पेयजल व सिंचाई का काम किया जाता है।
मेरे खेत में दो बार माइनर टूट चुकी है। इससे खेत में पानी भर गया है। अब धान की रोपाई का काम जारी है। ऐसे में अगर फिर से माइनर टूटती है तो इससे धान की फसल खराब हो सकती है।
-सुरेश गढ़वाल, किसान गांव ढाणी ठोबा।
माइनर के तट कमजोर होने के कारण क्षमता का आधा पानी चल रहा है। इससे सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। सिंचाई विभाग को माइनर की सफाई और कमजोर तटों पर ध्यान देना चाहिए।
-गुलाब सिंह, किसान गांव ढाणी ठोबा।
मुंशीवाला माइनर में पानी कम छोड़ा गया है। जो कि सिंचाई की पूर्ति को पूरा नहीं कर पा रहा है। सिंचाई विभाग को माइनर के तटों को मजबूत करने चाहिए और समय-समय पर इसकी सफाई और मरम्मत कार्य करवानी चाहिए।
-शिशपाल, किसान गांव ढाणी ठोबा।
माइनर में रिसाव होने से व बार-बार टूटने से खेतों के रास्तों पर पानी भरा रहता है। वहीं खेतों की बुवाई का काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सिंचाई विभाग जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
-महेंद्र सिंह, किसान गांव ढाणी ठोबा।
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मुंशीवाला माइनर की सफाई का काम करवाया गया था। फिलहाल मनरेगा मजदूरों की सहायता से इस पर मिट्टी डाली जा रही है। माइनर में हुए मामूली रिसाव को बंद कर दिया गया है। माइनर के अंतिम छोर के दौलतपुर तक क्षमता के अनुसार पानी पहुंच रहा है। गांव ढाणी ठोबा और मल्हड़ के गांवों के की मिट्टी ज्यादा सख्त है। जिसमें नमी मात्रा कम होने पर इसमें दरार बन जाती है। इससे रिसाव हो जाता है।
-धमेंद्र, जेई, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।