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Fatehabad News: हंगामेदार रही नगरपालिका की बैठक, 21.78 करोड़ का बजट पास
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रतिया मीटिंग में मौजूद एसडीम जगदीश चंद्र नगर पालिका अध्यक्ष व अन्य कर्मचारी
रतिया। नगरपालिका की बजट बैठक बुधवार दोपहर को प्रधान प्रीति खन्ना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान पार्षदों द्वारा नगरपालिका के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व ठेकेदारों की मनमानी को लेकर काफी हंगामा किया गया। मगर एसडीएम जगदीश चंद्र व अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात के बाद पार्षद मान गए। उन्होंने पिछले कई महीनों से रुके हुए नगरपालिका के बजट को पास करने पर सहमति दे दी। इसके बाद नगरपालिका द्वारा 21 करोड़ 78 लाख रुपये का बजट पास किया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले नगरपालिका की बजट बैठक पांच बार रद्द हो चुकी है। यह मामला 1 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की ओर से ली गई जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बजट बैठक में नगरपालिका प्रधान प्रीति खन्ना के अलावा उपप्रधान जोगिंद्र नंदा, सचिव पंकज जून, लेखाकार मनजीत कौर, जेई हवा सिंह व एक पार्षद को छोड़कर सभी 16 पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में पार्षद सोनू जिंदल व पार्षद प्रतिनिधि रमेश कुमार गर्ग उर्फ विक्की ने आरोप लगाया कि रतिया नगरपालिका के तहत काम करने वाले ठेकेदार अपनी मनमानी करते हैं। वह किसी भी पार्षद की बात की सुनवाई नहीं करते। कई महीने पहले जो टेंडर लिए गए थे, उनमें अभी तक कई ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया है। इसलिए नगरपालिका काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें ब्लैक लिस्ट करें। पार्षद प्रतिनिधि हैप्पी सिंह ने कहा कि ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने के बाद तीन साल तक जिम्मेदारी होती है। मगर सड़क खराब हो जाए तो कोई भी ठेकेदार उसकी रिपेयर नहीं करता है। इसलिए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
आरोप, सरदूलगढ़ चौक पर रिचार्ज बोरवेल से नहीं हो रही पानी की निकासी
पार्षद अजय गुप्ता ने कहा कि गोशाला रोड को बनाने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक रोड का निर्माण नहीं किया गया। वहीं, पार्षद गौरव शर्मा व विजय कुमार ने आरोप लगाया कि रतिया नगरपालिका द्वारा 49 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट मंगवाई गई थी और उसको लगवाने के लिए करीब 25 लाख रुपये का टेंडर भी लगाया गया। मगर टेंडर लगने के बाद भी कोई लाइट नगरपालिका द्वारा नहीं लगवाई गई बल्कि पार्षदों को अपने निजी खर्चे पर ही स्ट्रीट लाइट लगवानी पड़ी है। इसलिए इस घोटाले की भी जांच करवाई जाए। पार्षद हैप्पी ने आरोप लगाया कि कचरा उठाने वाली गाड़ी कई कई दिन नहीं आती है, इसलिए इसके ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। सभी पार्षदों ने एकजुट होकर आरोप लगाया कि सरदूलगढ़ चौक पर जो रिचार्ज बोरवेल 10 लाख रुपये की लागत से लगाया गया था, उसमें भ्रष्टाचार किया गया है क्योंकि बोरवेल लगाने के बाद भी वहां से पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसलिए ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
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अधिकारियों का आश्वासन, लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार को किया जाएगा ब्लैक लिस्ट
सभी पार्षदों की बातें सुनने के बाद एसडीएम जगदीश चंद्र व नगरपालिका सचिव पंकज जून ने बताया कि पार्षदों की सभी समस्याओं का हल करवाया जाएगा और जो ठेकेदार वर्क ऑर्डर लेने के बाद भी कार्य नहीं करता उसको नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उसको ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। सरदूलगढ़ चौक पर जो रिचार्ज बोर लगाया था, उसकी पेमेंट अभी तक नहीं की गई है। रिचार्ज बोर को दोबारा चलाने के लिए एक्सईएन व एमई की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जो अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी। स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर लगाया जाएगा ताकि किसी पार्षद को अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़े। कचरा उठाने वाली गाड़ी के ठेकेदार को नोटिस देंगे और उसके कार्य की भी जांच करवाई जाएगी। इसके बाद सभी पार्षदों की सहमति से 21 करोड़ 78 लाख रुपए का बजट पास किया गया, जिसमें से 21 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। 6 करोड़ 38 लाख रुपये सेलरी, 8 करोड़ 85 लाख रुपये विकास कार्य और 3 करोड़ मरम्मत कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों के लिए जल्द से जल्द टेंडर भी लगाए जाएंगे।
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गौरतलब है कि इससे पहले नगरपालिका की बजट बैठक पांच बार रद्द हो चुकी है। यह मामला 1 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की ओर से ली गई जिला लोक संपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बजट बैठक में नगरपालिका प्रधान प्रीति खन्ना के अलावा उपप्रधान जोगिंद्र नंदा, सचिव पंकज जून, लेखाकार मनजीत कौर, जेई हवा सिंह व एक पार्षद को छोड़कर सभी 16 पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में पार्षद सोनू जिंदल व पार्षद प्रतिनिधि रमेश कुमार गर्ग उर्फ विक्की ने आरोप लगाया कि रतिया नगरपालिका के तहत काम करने वाले ठेकेदार अपनी मनमानी करते हैं। वह किसी भी पार्षद की बात की सुनवाई नहीं करते। कई महीने पहले जो टेंडर लिए गए थे, उनमें अभी तक कई ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया है। इसलिए नगरपालिका काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें ब्लैक लिस्ट करें। पार्षद प्रतिनिधि हैप्पी सिंह ने कहा कि ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने के बाद तीन साल तक जिम्मेदारी होती है। मगर सड़क खराब हो जाए तो कोई भी ठेकेदार उसकी रिपेयर नहीं करता है। इसलिए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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आरोप, सरदूलगढ़ चौक पर रिचार्ज बोरवेल से नहीं हो रही पानी की निकासी
पार्षद अजय गुप्ता ने कहा कि गोशाला रोड को बनाने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक रोड का निर्माण नहीं किया गया। वहीं, पार्षद गौरव शर्मा व विजय कुमार ने आरोप लगाया कि रतिया नगरपालिका द्वारा 49 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट मंगवाई गई थी और उसको लगवाने के लिए करीब 25 लाख रुपये का टेंडर भी लगाया गया। मगर टेंडर लगने के बाद भी कोई लाइट नगरपालिका द्वारा नहीं लगवाई गई बल्कि पार्षदों को अपने निजी खर्चे पर ही स्ट्रीट लाइट लगवानी पड़ी है। इसलिए इस घोटाले की भी जांच करवाई जाए। पार्षद हैप्पी ने आरोप लगाया कि कचरा उठाने वाली गाड़ी कई कई दिन नहीं आती है, इसलिए इसके ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। सभी पार्षदों ने एकजुट होकर आरोप लगाया कि सरदूलगढ़ चौक पर जो रिचार्ज बोरवेल 10 लाख रुपये की लागत से लगाया गया था, उसमें भ्रष्टाचार किया गया है क्योंकि बोरवेल लगाने के बाद भी वहां से पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसलिए ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
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अधिकारियों का आश्वासन, लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार को किया जाएगा ब्लैक लिस्ट
सभी पार्षदों की बातें सुनने के बाद एसडीएम जगदीश चंद्र व नगरपालिका सचिव पंकज जून ने बताया कि पार्षदों की सभी समस्याओं का हल करवाया जाएगा और जो ठेकेदार वर्क ऑर्डर लेने के बाद भी कार्य नहीं करता उसको नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उसको ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। सरदूलगढ़ चौक पर जो रिचार्ज बोर लगाया था, उसकी पेमेंट अभी तक नहीं की गई है। रिचार्ज बोर को दोबारा चलाने के लिए एक्सईएन व एमई की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जो अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी। स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर लगाया जाएगा ताकि किसी पार्षद को अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़े। कचरा उठाने वाली गाड़ी के ठेकेदार को नोटिस देंगे और उसके कार्य की भी जांच करवाई जाएगी। इसके बाद सभी पार्षदों की सहमति से 21 करोड़ 78 लाख रुपए का बजट पास किया गया, जिसमें से 21 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। 6 करोड़ 38 लाख रुपये सेलरी, 8 करोड़ 85 लाख रुपये विकास कार्य और 3 करोड़ मरम्मत कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों के लिए जल्द से जल्द टेंडर भी लगाए जाएंगे।