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Fatehabad News: नगर परिषद ने पहली बार 25 लाख रुपये से खरीदी जेसीबी
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नगर परिषद द्वारा खरीदी गई जेसीबी मशीन
फतेहाबाद। नगर परिषद ने पहली बार करीब 25 लाख रुपये से खुद की जेसीबी खरीद ली है। जेसीबी को चलाने के लिए हरियाणा कौशल नगर निगम के तहत ऑपरेटर रखा जाएगा। इसको लेकर नगर परिषद ने डिमांड भी भेज दी है। अब तक नगर परिषद किराये पर जेसीबी लेकर कचरा उठान का काम करवा रही है। हर माह करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक के बिल भी जारी हो रहे हैं।
हालांकि अब जेसीबी आने से नगर परिषद को किराये पर नहीं लेनी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि 600 रुपये से 800 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से किराए का भुगतान नगर परिषद को करना पड़ रहा है। लेकिन जेसीबी शुरू होने के बाद किराए पर लेने का झंझट खत्म हो जाएगा। इसके अलावा सफाई का काम भी बेहतर होगा।
बता दें कि नगर परिषद को वार्डों में प्लॉटों की सफाई, सड़क पर लगे कचरे के ढेर को हटाने व मुख्य कचरा संग्रह स्थल पर व्यवस्था बनाने के लिए किराये पर जेसीबी लेनी पड़ती है। इसको लेकर हर माह डेढ़ लाख रुपये तक के बिल बन रहे हैं। कई पार्षद जेसीबी के बिलों में गड़बड़ी तक के आरोप लगा चुके हैं। पिछले कार्यकाल में भी जेसीबी के बिलों को लेकर मुद्दा उठा था। लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हुई है। लेकिन गड़बड़झालों के आरोपों के चलते इस बार खुद की जेसीबी लेने का फैसला लिया गया।
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नगर परिषद के पास है 13 टाटा एस गाड़ियां
नगर परिषद के पास डोर टू डोर कचरा उठान के लिए 13 टाटा एस गाड़ियां हैं। करीब 10 गाडिय़ां नगर परिषद ने डोर-टू डोर कचरा उठान एजेंसी को दे रखी है। इसके अलावा नगर परिषद के पास खुद के ट्रैक्टर-ट्रॉली भी हैं। लेकिन जेसीबी की लंबे समय से डिमांड हो रही थी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -नगर परिषद द्वारा खुद की नियम अनुसार जेसीबी खरीद ली गई है। जल्द ही ऑपरेटर मिल जाएगा और इसे शुरू कर दिया जाएगा। शहर में कचरा उठवाने को लेकर पहले किराये पर मशीन लेनी पड़ रही थी लेकिन अब जरूरत नहीं पड़ेगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
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हालांकि अब जेसीबी आने से नगर परिषद को किराये पर नहीं लेनी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि 600 रुपये से 800 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से किराए का भुगतान नगर परिषद को करना पड़ रहा है। लेकिन जेसीबी शुरू होने के बाद किराए पर लेने का झंझट खत्म हो जाएगा। इसके अलावा सफाई का काम भी बेहतर होगा।
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बता दें कि नगर परिषद को वार्डों में प्लॉटों की सफाई, सड़क पर लगे कचरे के ढेर को हटाने व मुख्य कचरा संग्रह स्थल पर व्यवस्था बनाने के लिए किराये पर जेसीबी लेनी पड़ती है। इसको लेकर हर माह डेढ़ लाख रुपये तक के बिल बन रहे हैं। कई पार्षद जेसीबी के बिलों में गड़बड़ी तक के आरोप लगा चुके हैं। पिछले कार्यकाल में भी जेसीबी के बिलों को लेकर मुद्दा उठा था। लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हुई है। लेकिन गड़बड़झालों के आरोपों के चलते इस बार खुद की जेसीबी लेने का फैसला लिया गया।
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नगर परिषद के पास है 13 टाटा एस गाड़ियां
नगर परिषद के पास डोर टू डोर कचरा उठान के लिए 13 टाटा एस गाड़ियां हैं। करीब 10 गाडिय़ां नगर परिषद ने डोर-टू डोर कचरा उठान एजेंसी को दे रखी है। इसके अलावा नगर परिषद के पास खुद के ट्रैक्टर-ट्रॉली भी हैं। लेकिन जेसीबी की लंबे समय से डिमांड हो रही थी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद