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Fatehabad News: नगर परिषद प्रधान ने 9 माह बाद 12 दिसंबर को बुलाई हाउस की बैठक, पिछले एजेंडों पर होगी चर्चा
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फतेहाबाद। नगर परिषद में आखिरकार 9 माह बाद हाउस की बैठक होने जा रही है। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने 12 दिसंबर को दोपहर 2 बजे हाउस की बैठक बुलाई है। बैठक में इस बार हंगामे के आसार है। बैठक लंबे समय से न होने पर 27 वार्डों में से अधिकतर पार्षद विरोध में है। इसके अलावा वार्डों के टेंडर रद्द करने और सफाई और स्ट्रीट लाइट के एजेंडों पर हंगामे के आसार है।
नगर परिषद में फरवरी माह में हाउस की बैठक हुई थी। इसके बाद हाउस की बैठक ही नहीं बुलाई गई। बैठक न बुलाने के पीछे मुख्य तौर पर प्रधान-उपप्रधान के बीच कुर्सी को लेकर विवाद और इसके बाद अब प्रधान की अधिकारियों के साथ खींचतान कारण माना जा रहा है। नगर परिषद की लंबे समय बाद होने जा रही हाउस की बैठक में विधायक दुड़ाराम के पहुंचने पर संशय है। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और विधायक दुड़ाराम का आपस में मनमुटाव चल रहा है। हालांकि चुनाव के दौरान विधायक ने राजेंद्र सिंह खिंची को जिताने के लिए पूरी भागदौड़ की थी। लेकिन प्रधान कक्ष में उपप्रधान की कुर्सी विवाद के बाद मनमुटाव शुरू हो गया।
प्रधान ने तैयार किए हैं खुद के एजेंडे
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने हाउस की बैठक को लेकर खुद के एजेंडे तैयार किए हैं। इन एजेंडों में मुख्य तौर पर शहर में सीसीटीवी लगाने, पार्कों की हालत सुधारने, कचरे को लेकर शहर में डस्टबिन रखने समेत 20 एजेंडे शामिल है। हालांकि प्रधान ने अभी तक एजेंडों को सार्वजनिक नहीं किया है।
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स्ट्रीट लाइट और सफाई न होने पर रहेगा मुद्दा
नगर परिषद में हाउस की होने वाली बैठक में स्ट्रीट लाइट न लगना और सफाई न होना मुख्य मुद्दा रहने वाला है। बैठक में पार्षद वार्डों में स्ट्रीट लाइट न लगने और सफाई न होने को लेकर हंगामा कर सकते है। मुंबई की एजेंसी की तरफ से करीब दो हजार लाइटें आनी थी जो कि अभी तक नहीं पहुंची है। इसके अलावा आउटर कॉलोनियों में सफाई न होना भी मुद्दा रहेगा। डोर टू डोर कचरा उठान गाडिय़ां आ रही है लेकिन गलियों में सफाई को लेकर कर्मचारी नियुक्त नहीं किए गए हैं।
टेंडर रद्द पत्र पर भी उठेंगे सवाल
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने अधिकारियों को टेंडर रद्द करने के लिए पत्र लिखा था। इसमें शहर के सुंदरीकरण के प्रोजेक्ट के अलावा वार्डों के टेंडर भी शामिल है। इन टेंडरों को लेकर अभी संशय बना हुआ है। उपप्रधान पक्ष के पार्षद विकास कार्य रोके जाने पर हंगामा कर सकते है और जबकि प्रधान पक्ष के पार्षद प्रस्ताव पर सवाल उठा सकते हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -नगर परिषद हाउस की बैठक 12 दिसंबर को बुलाई गई है। बैठक में शहर के विकास कार्यों को लेकर एजेंडे रखे जाएंगे। पार्षदों से भी उनके वार्डों में विकास कार्य के प्रस्ताव लिए जाएंगे।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
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नगर परिषद में फरवरी माह में हाउस की बैठक हुई थी। इसके बाद हाउस की बैठक ही नहीं बुलाई गई। बैठक न बुलाने के पीछे मुख्य तौर पर प्रधान-उपप्रधान के बीच कुर्सी को लेकर विवाद और इसके बाद अब प्रधान की अधिकारियों के साथ खींचतान कारण माना जा रहा है। नगर परिषद की लंबे समय बाद होने जा रही हाउस की बैठक में विधायक दुड़ाराम के पहुंचने पर संशय है। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और विधायक दुड़ाराम का आपस में मनमुटाव चल रहा है। हालांकि चुनाव के दौरान विधायक ने राजेंद्र सिंह खिंची को जिताने के लिए पूरी भागदौड़ की थी। लेकिन प्रधान कक्ष में उपप्रधान की कुर्सी विवाद के बाद मनमुटाव शुरू हो गया।
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प्रधान ने तैयार किए हैं खुद के एजेंडे
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने हाउस की बैठक को लेकर खुद के एजेंडे तैयार किए हैं। इन एजेंडों में मुख्य तौर पर शहर में सीसीटीवी लगाने, पार्कों की हालत सुधारने, कचरे को लेकर शहर में डस्टबिन रखने समेत 20 एजेंडे शामिल है। हालांकि प्रधान ने अभी तक एजेंडों को सार्वजनिक नहीं किया है।
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स्ट्रीट लाइट और सफाई न होने पर रहेगा मुद्दा
नगर परिषद में हाउस की होने वाली बैठक में स्ट्रीट लाइट न लगना और सफाई न होना मुख्य मुद्दा रहने वाला है। बैठक में पार्षद वार्डों में स्ट्रीट लाइट न लगने और सफाई न होने को लेकर हंगामा कर सकते है। मुंबई की एजेंसी की तरफ से करीब दो हजार लाइटें आनी थी जो कि अभी तक नहीं पहुंची है। इसके अलावा आउटर कॉलोनियों में सफाई न होना भी मुद्दा रहेगा। डोर टू डोर कचरा उठान गाडिय़ां आ रही है लेकिन गलियों में सफाई को लेकर कर्मचारी नियुक्त नहीं किए गए हैं।
टेंडर रद्द पत्र पर भी उठेंगे सवाल
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने अधिकारियों को टेंडर रद्द करने के लिए पत्र लिखा था। इसमें शहर के सुंदरीकरण के प्रोजेक्ट के अलावा वार्डों के टेंडर भी शामिल है। इन टेंडरों को लेकर अभी संशय बना हुआ है। उपप्रधान पक्ष के पार्षद विकास कार्य रोके जाने पर हंगामा कर सकते है और जबकि प्रधान पक्ष के पार्षद प्रस्ताव पर सवाल उठा सकते हैं।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद