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Fatehabad News: गर्भावस्था में देखभाल न करने से जच्चा-बच्चा को हो रहा जान का खतरा
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बैठी महिलाएं
फतेहाबाद। गर्भावस्था के दौरान खुद की देखभाल न करने से गर्भवती हाई रिस्क कैटेगरी में शामिल हो रही हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान 4 फीसदी गर्भवती उच्च जोखिम में मिली हैं। इसके अलावा डिलिवरी के दौरान भी गर्भवती की जान को खतरा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में ये सामने आया है। विशेषज्ञों की माने तो गलत लाइफ-स्टाइल, खान-पान पर ध्यान देना उच्च जोखिम का कारण बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग हर माह तीन दिन प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान कैंप लगाकर हाई रिस्क गर्भवती की पहचान करता है।
विभाग द्वारा तीन माह में गर्भवती का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। जिले में वर्ष 2023-24 में 97926 गर्भवती का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसमें 4060 गर्भवती उच्च जोखिम में मिली। गर्भवती को बीपी, शुगर, वजन ज्यादा होना, पहले सिजेरियन डिलिवरी होना, कद कम होना आदि लक्षण मिले हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मोटापा कई बीमारियों जैसे बीपी, डायबिटीज आदि का कारण बनता है। जो कि गर्भवती को हाई रिस्क में डालता है। मोटापा होने के कारण नवजात को दिल संबंधित बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा कम वजन भी नुकसानदायक है। महिला की कम आयु यानि 17 साल और अधिक आयु 35 वर्ष से ज्यादा होना भी हाई रिस्क का कारण बनता है। जिले में 15 अस्पतालों में 24 घंटे डिलिवरी की सुविधा है। जिसमें 8 पीएचसी भी शामिल है। अहम बात यह है कि जिले में मात्र तीन ही महिला रोग विशेषज्ञ है। जिसमें दो फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल और एक टोहाना में शामिल है।
जिले में गर्भवती का हुआ रजिस्ट्रेशन : 97926
रजिस्ट्रेशन के दौरान हाई रिस्क मिली गर्भवती : 4060
वर्ष 2023-24 में जिले में गर्भवती के रजिस्ट्रेशन की ये है स्थिति
माह रजिस्ट्रेशन हाई रिस्क
अप्रैल 6873 179
मई 4620 325
जून 8008 320
जुलाई 8543 275
अगस्त 8133 269
सितंबर 7940 338
अक्टूबर 8014 379
नवंबर 8718 421
दिसंबर 8335 306
जनवरी 8701 352
फरवरी 8350 473
मार्च 8691 353
जिले में यहां लगाए जाते हैं कैंप
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
नागरिक अस्पताल टोहाना।
उप नागरिक अस्पताल रतिया।
सीएचसी भट्टूकलां।
सीएचसी जाखल।
सीएचसी बड़ोपल।
सीएचसी भूथनकलां।
कोट
गर्भवती को तीन माह के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान गर्भवती की सभी जांच की जाती है। जिसमें उसके हाई रिस्क होने का पता चलता है और साथ-साथ ही विभाग द्वारा उपचार शुरू किया जाता है। गर्भवती महिलाएं जांच जरूर करवाएं ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रह सकें।
विज्ञापन
-डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन
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विभाग द्वारा तीन माह में गर्भवती का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। जिले में वर्ष 2023-24 में 97926 गर्भवती का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसमें 4060 गर्भवती उच्च जोखिम में मिली। गर्भवती को बीपी, शुगर, वजन ज्यादा होना, पहले सिजेरियन डिलिवरी होना, कद कम होना आदि लक्षण मिले हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मोटापा कई बीमारियों जैसे बीपी, डायबिटीज आदि का कारण बनता है। जो कि गर्भवती को हाई रिस्क में डालता है। मोटापा होने के कारण नवजात को दिल संबंधित बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा कम वजन भी नुकसानदायक है। महिला की कम आयु यानि 17 साल और अधिक आयु 35 वर्ष से ज्यादा होना भी हाई रिस्क का कारण बनता है। जिले में 15 अस्पतालों में 24 घंटे डिलिवरी की सुविधा है। जिसमें 8 पीएचसी भी शामिल है। अहम बात यह है कि जिले में मात्र तीन ही महिला रोग विशेषज्ञ है। जिसमें दो फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल और एक टोहाना में शामिल है।
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जिले में गर्भवती का हुआ रजिस्ट्रेशन : 97926
रजिस्ट्रेशन के दौरान हाई रिस्क मिली गर्भवती : 4060
वर्ष 2023-24 में जिले में गर्भवती के रजिस्ट्रेशन की ये है स्थिति
माह रजिस्ट्रेशन हाई रिस्क
अप्रैल 6873 179
मई 4620 325
जून 8008 320
जुलाई 8543 275
अगस्त 8133 269
सितंबर 7940 338
अक्टूबर 8014 379
नवंबर 8718 421
दिसंबर 8335 306
जनवरी 8701 352
फरवरी 8350 473
मार्च 8691 353
जिले में यहां लगाए जाते हैं कैंप
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
नागरिक अस्पताल टोहाना।
उप नागरिक अस्पताल रतिया।
सीएचसी भट्टूकलां।
सीएचसी जाखल।
सीएचसी बड़ोपल।
सीएचसी भूथनकलां।
कोट
गर्भवती को तीन माह के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है। रजिस्ट्रेशन के दौरान गर्भवती की सभी जांच की जाती है। जिसमें उसके हाई रिस्क होने का पता चलता है और साथ-साथ ही विभाग द्वारा उपचार शुरू किया जाता है। गर्भवती महिलाएं जांच जरूर करवाएं ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रह सकें।
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-डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन