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Fatehabad News: टोहाना में बंदरों का आतंक, महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल
Tue, 17 Feb 2026 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:07 PM IST
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आजाद नगर में सडकों पर घूमता बंदरों का झुंड। संवाद
टोहाना। आजाद नगर में मंगलवार सुबह एक महिला जब सैर के लिए जा रही थी उसी समय बंदरों का झुंड गली में आ गया। बंदरों को देख महिला डर गई और भागने लगी। यह देख बंदर उसके पीछे पड़ गए और उनमें से एक ने उसकी चुन्नी पकड़ ली। डर का मारे महिला ने चुन्नी गली में ही फेंक दी और शोर मचाया।
महिला का शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और बंदरों को किसी तरह से वहां से भगाया। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश बना हुआ है और प्रशासन से बंदरों की मांग कर रहे हैं।
पूर्व प्रधान ईस्सर सिंह बूरा, शिक्षाविद धर्मपाल, पूर्व पार्षद डॉ. नवल सिंह, कर्मवीर लांबा, संजय धीमान और अनिल ठकराल ने बताया कि सुबह के समय जब लोग सैर पर जाते हैं, तो बंदर बिजली की तारों पर उछल-कूद करते रहते हैं, इससे तार टूटने और हादसे होने का खतरा बना रहता है। कुछ लोगों ने उन्हें भगाने की कोशिश की, तो बंदरों का झुंड आक्रामक हो गया।
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महिलाओं के अनुसार, देर शाम को बंदर घरों की छतों और आंगन में बैठ जाते हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घर में जाने में भी डर महसूस होता है। लोगों ने प्रशासन से इन बंदरों के आतंक को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है।
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बंदर पकड़ने का टेंडर लंबित
नगर परिषद ने बीते साल बंदर पकड़ने का ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदार काम बीच में ही छोड़कर चला गया था। इसके बाद नप प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही अभी तक बंदर पकड़ने का दूसरा टेंडर जारी किया गया।
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बस स्टैंड के साथ लगती गली में बंदरों की समस्या ज्यादा है। इस समस्या के बारे में नगर परिषद और प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। नप प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द टेंडर लगा बंदरों की समस्या से निजात दिलाई जाए।
- सुरेश सेठी, पार्षद वार्ड 13
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महिला का शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और बंदरों को किसी तरह से वहां से भगाया। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश बना हुआ है और प्रशासन से बंदरों की मांग कर रहे हैं।
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पूर्व प्रधान ईस्सर सिंह बूरा, शिक्षाविद धर्मपाल, पूर्व पार्षद डॉ. नवल सिंह, कर्मवीर लांबा, संजय धीमान और अनिल ठकराल ने बताया कि सुबह के समय जब लोग सैर पर जाते हैं, तो बंदर बिजली की तारों पर उछल-कूद करते रहते हैं, इससे तार टूटने और हादसे होने का खतरा बना रहता है। कुछ लोगों ने उन्हें भगाने की कोशिश की, तो बंदरों का झुंड आक्रामक हो गया।
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महिलाओं के अनुसार, देर शाम को बंदर घरों की छतों और आंगन में बैठ जाते हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घर में जाने में भी डर महसूस होता है। लोगों ने प्रशासन से इन बंदरों के आतंक को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है।
बंदर पकड़ने का टेंडर लंबित
नगर परिषद ने बीते साल बंदर पकड़ने का ठेका दिया था, लेकिन ठेकेदार काम बीच में ही छोड़कर चला गया था। इसके बाद नप प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही अभी तक बंदर पकड़ने का दूसरा टेंडर जारी किया गया।
बस स्टैंड के साथ लगती गली में बंदरों की समस्या ज्यादा है। इस समस्या के बारे में नगर परिषद और प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। नप प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द टेंडर लगा बंदरों की समस्या से निजात दिलाई जाए।
- सुरेश सेठी, पार्षद वार्ड 13